Fact Check: 1947 से 1977 तक भारत में केवल मुस्लिम शिक्षा मंत्री होने का दावा भ्रामक है
विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया कि वायरल दावा भ्रामक है। 1947 से 1977 के बीच भारत में नौ शिक्षा मंत्री रहे, जिनमें पाँच मुस्लिम मंत्री और चार गैर-मुस्लिम मंत्री शामिल थे।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Apr 22, 2025 at 06:01 PM
- Updated: Apr 23, 2025 at 03:20 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में आजादी के बाद रहे भारत के 5 शिक्षा मंत्रियों के नाम शेयर कर दावा किया जा रहा है कि देश में कांग्रेस राज में 1947 से 1977 तक 5 केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे थे – मौलाना आज़ाद, हुमायूं कबीर, मोहम्मद करीम छागला, फखरुद्दीन अली अहमद और नुरुल हसन। पोस्ट में आगे कहा गया है कि चूंकि इस अवधि में कथित तौर पर केवल मुस्लिम शिक्षा मंत्री थे, इसलिए उन्होंने इतिहास की किताबों में बाबर, औरंगजेब और खिलजी जैसे मुस्लिम शासकों को महान रूप में प्रस्तुत किया।
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में इस दावे को भ्रामक पाया। असल में 1947 से 1977 के बीच भारत में नौ केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे, जिनमें चार गैर-मुस्लिम थे।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘योगेश पटेल’ ने वायरल तस्वीर (आर्काइव लिंक) को 20 अप्रैल 2025 को शेयर किया जिसके ऊपर लिखा है “कांग्रेस राज में 1947 से 1977 तक भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे 5 नाम: मौलाना आज़ाद, हुमायूं कबीर, मोहम्मद करीम छागला, फखरुद्दीन अली अहमद, नुरुल हसन। अब समझ में आ गया होगा कि बाबर, औरंगजेब, खिलजी जैसे कर शासक महान कैसे बनाए गए थे।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच करने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड्स की मदद से भारत के शिक्षा मंत्रियों की सूची को खोजा।
हमें भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर भारत के शिक्षा मंत्रियों की सूची मिली। सूची के अनुसार, 1947 से 1977 तक भारत के शिक्षा मंत्री रहे लोगों के नाम इस प्रकार हैं:
- मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (1947-1958)
- के. एल. श्रीमाली (1958-1963)
- हुमायूं कबीर (1963)
- एम. सी. छागला (1963-1966)
- फखरुद्दीन अली अहमद (1966-1967)
- त्रिगुणा सेन (1967-1969)
- वी. के. आर. वी. राव (1969-1971)
- सिद्धार्थ शंकर रे (1971-1973)
- नुरुल हसन (1973-1977)
वायरल पोस्ट में केवल पांच मुस्लिम शिक्षा मंत्रियों के नामों का उल्लेख किया गया है, जबकि शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, इस अवधि में गैर-मुस्लिम शिक्षा मंत्री भी रहे हैं। 1947 से 1977 के बीच भारत में नौ शिक्षा मंत्री रहे, जिनमें मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, हुमायूं कबीर, एम. सी. छागला, फखरुद्दीन अली अहमद और नुरुल हसन मुस्लिम शामिल थे। वहीं, के. एल. श्रीमाली, त्रिगुणा सेन, वी. के. आर. वी. राव और सिद्धार्थ शंकर रे गैर-मुस्लिम थे।
हमें कई एजुकेशन वेबसाइट जैसे ‘करियर पावर‘ और ‘पीडब्लू ओनली आईएएस‘ पर भी भारत में आज़ादी के बाद अब तक रहे सभी शिक्षा मंत्रियों की सूची मिली। यहां मौजूद जानकारी के अनुसार भी 1947 और 1977 के बीच की अवधि में भारत ने नौ शिक्षा मंत्रियों को देखा। इनमें से पाँच – मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, हुमायूं कबीर, एम. सी. छागला, फखरुद्दीन अली अहमद और नुरुल हसन – मुस्लिम थे, जबकि शेष चार – के. एल. श्रीमाली, त्रिगुणा सेन, वी. के. आर. वी. राव और सिद्धार्थ शंकर रे – गैर-मुस्लिम थे।

इस विषय में पुष्टि के लिए हमने दैनिक जागरण के राष्ट्रीय ब्यूरो प्रमुख आशुतोष झा से संपर्क किया। उन्होंने कन्फर्म किया कि वायरल दावा भ्रामक है। उन्होंने बताया “1947 से 1977 के बीच भारत में नौ शिक्षा मंत्री रहे। इनमें पाँच मुस्लिम मंत्री शामिल थे: मौलाना अबुल कलाम आज़ाद, हुमायूँ कबीर, एम. सी. छागला, फखरुद्दीन अली अहमद और नूरुल हसन। अन्य चार गैर-मुस्लिम थे: के. एल. श्रीमाली, त्रिगुणा सेन, वी. के. आर. वी. राव और सिद्धार्थ शंकर रे।”
वायरल पोस्ट को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर योगेश पटेल को फेसबुक पर लगभग 4000 यूजर फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में सामने आया कि वायरल दावा भ्रामक है। 1947 से 1977 के बीच भारत में नौ शिक्षा मंत्री रहे, जिनमें पाँच मुस्लिम मंत्री और चार गैर-मुस्लिम मंत्री शामिल थे।
- Claim Review : 1947 से 1977 तक, कांग्रेस शासन में भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री मौलाना आज़ाद, हुमायूँ कबीर, एम.सी. छागला, फ़ख़रुद्दीन अली अहमद और नूरुल हसन थे।
- Claimed By : Facebook User Yogesh Patel
- Fact Check : झूठ
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