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Fact Check: 10,000 रुपये का सिक्का जारी किए जाने का दावा फेक और मनगढ़ंत, वायरल तस्वीर AI क्रिएटेड है

10,000 रुपये के सिक्कों को जारी किए जाने का दावा फेक और मनगढ़ंत है। इस दावे के साथ वायरल सिक्का की तस्वीर वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया यूजर्स 10,000 रुपये के सिक्के की एक तस्वीर को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि सरकार अब 10,000 रुपये के सिक्के को लॉन्च करने जा रही है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। न तो 10,000 रुपये के सिक्के को जारी किए जाने की कोई घोषणा की गई है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।  हाल ही में सामने आई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सालाना रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि बैंक ने अब दो, पांच और 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी है। साथ ही जो सिक्के चलन में हैं, उनमें 50 पैसा, एक रुपया, 2 रुपया, पांच रुपया, 10 और 20 रुपये के सिक्के शामिल हैं।

बताते चले कि सिक्कों की ढलाई सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसपीएमसीआईएल) के चार टकसालों में होती है, जो मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा में स्थित है। इसके बाद इन सिक्कों को आरबीआई की तरफ से जारी किया जाता है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Viral Bhojpuri’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “इंडिया में अब 10000 दस हज़ार का सिक्का लंच हो रहा है इस सिक्के से कितना लोग सहमत है।”

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट।

पड़ताल

वायरल पोस्ट के आधार पर सर्च करने पर हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें 10,000 रुपये के सिक्के को जारी किए जाने की सूचना हो।

इसके बाद हमने आरबीआई की वेबसाइट को सर्च  किया। वहां भी हमें ऐसी कोई सूचना नहीं मिली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सालाना रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि बैंक ने अब दो, पांच और 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी है। साथ ही जो सिक्के चलन में हैं, उनमें 50 पैसा, एक रुपया, 2 रुपया, पांच रुपया, 10 और 20 रुपये के सिक्के शामिल हैं।

आरबीआई की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, सिक्कों की ढलाई सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसपीएमसीआईएल) के चार टकसालों में होती है, जो मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और नोएडा में स्थित है। इसके बाद इन सिक्कों को आरबीआई की तरफ से जारी किया जाता है।

इसके बाद हमने वायरल 10,000  रुपये के सिक्के की तस्वीर को चेक किया और पाया कि यह तस्वीर वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है।

वायरल 10,000 रुपये के सिक्के की तस्वीर के एआई से क्रिएटेड होने की संभावना 100 फीसदी है.

वायरल पोस्ट में किए गए दावे को लेकर हमने आरबीआई से संपर्क किया और हमें बताया गया कि सिक्कों की छपाई आरबीआई नहीं करती है। वहीं, नोटों से जुड़ी जानकारी आरबीआई की वेबसाइट पर मौजूद है।

आरबीआई की वेबसाइट पर चलन में जारी नोटों और सिक्कों का जिक्र है, जिसमें कहीं भी 10000 रुपये के सिक्कों के जारी किए जाने का जिक्र नहीं है।

भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर आजादी पूर्व और आजादी के बाद के जारी किए बैंक नोटों और सिक्कों का विस्तृत विवरण मौजूद है।

आठ नवंबर 2016 की मध्य रात्रि से महात्मा गांधी सीरीज के 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया गया और महात्मा गांधी (नई) सीरीज (MGNS) के 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों को नवंबर 2016 में जारी किया गया था।

इस नई शृंखला का पहला बैंक नोट 08 नवंबर 2016 को जारी किया गया, जो 2000 रुपये का नोट था। इसके बाद इस सीरीज के तहत 500, 200, 100, 50, 20 और 10 रुपये के नोटों को जारी किया गया। वहीं, सिक्कों में 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये के सिक्के चलन में है।

वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब 70 हजार लोग फॉलो करते हैं। बिजनेस व इकोनॉमी से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: 10,000 रुपये के सिक्कों को जारी किए जाने का दावा फेक और मनगढ़ंत है। इस दावे के साथ वायरल सिक्का की तस्वीर वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है।

  • Claim Review : भारत में लॉन्च हो रहा 10,000 रुपये का सिक्का।
  • Claimed By : FB User-Viral Bhojpuri
  • Fact Check : झूठ

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