Fact Check: एशिया-प्रशांत में सबसे भ्रष्ट अफगानिस्तान, म्यांमार और उत्तर कोरिया, 2017 की CPI रैकिंग सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे से वायरल
ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल हर साल के लिए करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (सीपीआई) को जारी करता है, जिसमें सीपीआई स्कोर के साथ भ्रष्टाचार के मामले में दुनिया के देशों की रैंकिंग तय की जाती है। 2017 की इसी रैकिंग की खबर को हालिया संदर्भ में भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। साल 2024 के सीपीआई इंडेक्स में भारत 38 के स्कोर के साथ 96वें पायदान पर मौजूद है। सीपीआई 2024 की रैकिंग के मुताबिक, जहां एशिया प्रशांत में सर्वाधिक कम भ्रष्टाचार वाले तीन शीर्ष देश सिंगापुर, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया हैं, वहीं सर्वाधिक भ्रष्ट देशों की सूची में अफगानिस्तान, म्यांमार और उत्तर कोरिया शामिल हैं।
- By: Abhishek Parashar
- Published: May 26, 2025 at 03:47 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स अखबार में छपी एक खबर के स्क्रीनशॉट को शेयर कर रहे हैं, जिसके मुताबिक फोर्ब्स की सूची में भारत एशिया का सर्वाधिक भ्रष्ट देश है। पोस्ट को शेयर किए जाने के समय से यह प्रतीत हो रहा है कि फोर्ब्स की यह सूची हालिया है, जिसमें भारत को एशिया के सर्वाधिक भ्रष्ट देशों की सूची में सबसे ऊपर रखा गया है।
विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा भ्रामक निकला। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स 2024 के मुताबिक, एशिया-प्रशांत के तीन सर्वाधिक भ्रष्ट देशों में अफगानिस्तान, उत्तर कोरिया और म्यामांर शामिल हैं। फोर्ब्स की जिस सूची के हवाले से भ्रष्ट देशों की रैंकिंग में भारत के नाम की सूची वायरल हो रही है, वह 2017 में जारी हुई रिपोर्ट की है, जो 2016 में देशों की रैकिंग से संबंधित थीं। 2024 की रिपोर्ट में भारत इस इंडेक्स में 38 के स्कोर के साथ 96वें पायदान पर है। बताते चलें कि 2023 की रैकिंग में भी एशिया प्रशांत के सर्वाधिक भ्रष्ट देशों में अफगानिस्तान, म्यांमार और उत्तर कोरिया शामिल थे।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Anil Singh’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “अपने विषगुरु की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि! अब अंधभक्त कहेंगे कि ऐसी खबर क्यों डालते हो! तभी तो हम अपने देश में सफाई कर पाएंगे।”

अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस पोस्ट को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
यह पहली बार नहीं है जब यह दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। 2022 के बाद से यह दावा सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर समान संदर्भ में वायरल होता रहा है। 2022 में जब यह दावा वायरल हुआ था, तब हमने अपनी जांच में इसे भ्रामक पाया था, जिसकी फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
साल 2017 की कई न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के हालिया सर्वे के अनुसार भारत, एशिया का सबसे भ्रष्ट देश है। फोर्ब्स द्वारा जारी लिस्ट में एशिया के पांच सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों के नाम हैं। इसके रिपोर्ट के अनुसार, घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम, पाकिस्तान और म्यांमार को भी पीछे छोड़ दिया है।
फोर्ब्स के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 2017 में इस रिपोर्ट को शेयर किया गया है, जिसमें भारत, वियतनाम और थाईलैंड को एशिया का सर्वाधिक भ्रष्ट देश बताया गया है।
गौरतलब है कि ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल हर साल के लिए करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (सीपीआई) को जारी करता है, जिसमें सीपीआई स्कोर के साथ दुनिया के देशों की रैंकिंग तय की जाती है।
ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल की वेबसाइट पर सबसे हालिया रैकिंग 2024 की है, जिसके मुताबिक पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र का स्कोर 44 है और इस सूची में भारत समेत कुल 31 देशों में भ्रष्टाचार की स्थिति का विश्लेषण किया गया है।
सीपीआई 2024 की रैकिंग के मुताबिक, जहां एशिया प्रशांत में सर्वाधिक कम भ्रष्टाचार वाले तीन शीर्ष देश सिंगापुर, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया हैं, वहीं सर्वाधिक भ्रष्ट देशों की सूची में अफगानिस्तान, म्यांमार और उत्तर कोरिया शामिल हैं।

हमारी जांच से स्पष्ट है कि एशिया के सर्वाधिक भ्रष्ट देशों की सूची में भारत के सबसे ऊपर होने के दावे के साथ वायरल हो रही खबर 2017 की है, जिसमें 2016 की रैकिंग तय की गई थी।
2024 के सीपीआई इंडेक्स में भारत 38 के स्कोर के साथ 96वें पायदान पर मौजूद है।
2023 में भारत 39 के स्कोर के साथ 93वें पायदान पर था।
2022 में भारत 40 के स्कोर के साथ 85वें पायदान पर था।
2021 में भारत 40 के स्कोर के साथ 85वें पायदान पर था।
2020 में भी भारत 40 के स्कोर के साथ 86वें पायदान पर था।
वहीं, 2017 में भारत 40 के स्कोर के साथ 81वें पायदान पर था।
2024 की सीपीआई इंडेक्स में सर्वाधिक कम भ्रष्ट देशों की सूची में डेनमार्क, फिनलैंड और सिंगापुर क्रमश: 90, 88 और 84 के स्कोर के साथ पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर हैं। वहीं, सर्वाधिक भ्रष्ट तीन देशों में दक्षिणी सूडान, सोमालिया और वेनेजुएला हैं।
वायरल पोस्ट को लेकर हमने बिजनेस स्टैंडर्ड के डिप्टी एडिटर नीलकमल सुंदरम से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल अपनी करप्शन परसेप्शन इंडेक्स के आधार पर देश और क्षेत्र आधारित रैकिंग जारी करता है और हर साल की रैकिंग में देशों की स्थिति में बदलाव आता है।
वायरल पोस्ट को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल विचारधारा विशेष से प्रेरित है। बिजनेस और इकोनॉमी से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के बिजनेस सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल हर साल के लिए करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (सीपीआई) को जारी करता है, जिसमें सीपीआई स्कोर के साथ भ्रष्टाचार के मामले में दुनिया के देशों की रैंकिंग तय की जाती है। 2017 की इसी रैकिंग की खबर को हालिया संदर्भ में भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
साल 2024 के सीपीआई इंडेक्स में भारत 38 के स्कोर के साथ 96वें पायदान पर मौजूद है। सीपीआई 2024 की रैकिंग के मुताबिक, जहां एशिया प्रशांत में सर्वाधिक कम भ्रष्टाचार वाले तीन शीर्ष देश सिंगापुर, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया हैं, वहीं सर्वाधिक भ्रष्ट देशों की सूची में अफगानिस्तान, म्यांमार और उत्तर कोरिया शामिल हैं।
- Claim Review : फोर्ब्स की सूची में एशिया भारत का सबसे भ्रष्ट देश।
- Claimed By : FB User-Anil Singh
- Fact Check : भ्रामक
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