Fact Check: मेघालय में छात्रा के यौन उत्पीड़न और उसकी फोटो लेने की घटना गलत सांप्रदायिक दावे से वायरल
मेघायल में छात्रा के यौन उत्पीड़न और उसकी फोटो लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में मेघालय की पुलिस ने असम के हिमन गोगोई को गिरफ्तार किया था। इस मामले का वीडियो गलत सांप्रदायिक दावे से वायरल हो रहा है। इसका यूपी से भी कोई संबंध नहीं है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jun 9, 2025 at 02:43 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। असम पुलिस से जोड़कर सोशल मीडिया पर वीडियो सांप्रदायिक दावे से वायरल हो रहा है। इसमें मास्क पहने एक युवक को छात्रा का यौन उत्पीड़न करते हुए और उसकी तस्वीर लेते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि असम पुलिस ने एक मुस्लिम युवक को छात्रा का यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि यह घटना मेघायल में हुई थी। मामला सामने आने के बाद मेघालय की ईस्ट खासी हिल्स जिले की पुलिस ने असम के जोरहट निवासी हिमन गोगोई को गिरफ्तार किया था। उसके मुस्लिम होने का दावा गलत है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर ‘एक ही विकल्प मोदी (EK Hi Vikalp Modi)’ ने 8 जून को इस वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “असम पुलिस ने इस मुस्लिम युवक को गिरफ्तार किया है, इसकी नीच और विकृति हरकत देखीये, एक स्कूल की बच्ची यूनिफॉर्म में स्कर्ट पहनकर सीढ़ी चढ़ रही है यह दौड़कर पीछे से आता है और उसकी स्कर्ट उठाकर वीडियो बना लेता है, पुलिस पूछताछ में इसने बताया की इसका वीडियो बनाने का मकसद उस लड़की को ब्लैकमेल करना था, सोचिए कैसे कैसे दरिंदे जॉम्बीज हमारे और आपके बीच में रह रहे हैं”
वीडियो आपत्तिजनक होने की वजह से हम इसका लिंक नहीं दे रहे है।

इंस्टा यूजर haqeeqat_18 ने इस घटना को उत्तर प्रदेश का बताते हुए वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया। यूट्यूब चैनल Northeast Live पर 29 मई को अपलोड वीडियो न्यूज में इस केस के बारे में बताया गया है। इसमें वायरल वीडियो वाले हिस्से को भी देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, शिलांग में आरोपी ने एक छात्रा के कपड़े उठाकर उसकी फोटो ली थी। ईस्ट खासी हिल्स के एसपी के नेतृत्व में बनी स्पेशल इन्वेटिगेशन टीम (एसआईटी) ने आरोपी हिमन गोगोई को गिरफ्तार किया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट 30 मई को छपी खबर के मुताबिक, “मेघालय पुलिस ने असम के जोरहाट निवासी हिमन गोगोई को शिलांग में छात्राओं का उत्पीड़न करने के आरोप में पकड़ा है। ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिम के अनुसार, 24 मई को एक वीडियो सामने आने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें एक नकाबपोश व्यक्ति एक स्कूली छात्रा की यूनिफॉर्म उठाते हुए मोबाइल से उसकी तस्वीरें खींचता हुआ दिखाई दे रहा था। घटना 23 मई को उमसोहसन में वाईडब्ल्यूसीए के पास हुई थी। इसके तहत लुइमदिंगरी पुलिस स्टेशन में एक केस दर्ज किया था। सिम ने 19 मई की एक अन्य घटना की भी सूचना दी, जो सुबह 7:15 से 7:30 बजे के बीच पुलिस बाजार में ड्रीमलैंड के पास घटी, जहां एक स्कूली छात्रा को इसी प्रकार के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।”

डीडी न्यूज मेघालय के एक्स हैंडल से इस मामले में एसपी विवेक का वीडियो बयान पोस्ट किया गया है। इसके अनुसार, पूर्वी खासी हिल्स पुलिस की एक विशेष टीम ने असम के जोरहाट निवासी हिमन गोगोई को गिरफ्तार किया है।
ईस्ट मोजो पर भी इस केस के बारे में स्टोरी छपी है।
इस बारे में हमने इस रिपोर्ट को कवर करने वाली ईस्ट मोजो की रिपोर्टर प्रिंसेज गिरि से संपर्क किया। उनका कहना है कि आरोपी के मुस्लिम होने का दावा गलत है। उसका नाम हिमन गोगोई है।
वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के करीब दो लाख 56 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: मेघायल में छात्रा के यौन उत्पीड़न और उसकी फोटो लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में मेघालय की पुलिस ने असम के हिमन गोगोई को गिरफ्तार किया था। इस मामले का वीडियो गलत सांप्रदायिक दावे से वायरल हो रहा है। इसका यूपी से भी कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : असम पुलिस ने एक मुस्लिम युवक को छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है।
- Claimed By : FB User- एक ही विकल्प मोदी (EK Hi Vikalp Modi)
- Fact Check : झूठ
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