Fact Sheet : मानसून में फ्लू है या कोविड? पता करें, फिर उपचार करें
देश के कई इलाकों में कोविड-19 के मरीजों की तादाद बढ़ने के साथ मानसून के इस मौसम में बीमार होने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jun 27, 2025 at 04:46 PM
नई दिल्ली। देश के कई इलाकों में कोविड-19 के मरीजों की तादाद बढ़ने के साथ मानसून के इस मौसम में बीमार होने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। अचानक से मौसम बदलने से मौसमी इन्फ्लूएंजा यानी फ्लू के मरीजों की तादाद में इजाफा देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया के रोगियों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। तापमान में कमी आने से अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कोविड 19 और फ्लू, दोनों अलग-अलग वायरस के कारण होने वाले श्वसन संक्रमण हैं। इसमें कई लक्षण समान हो सकते हैं और कई केस में अलग-अलग भी। ऐसे में कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर की राय लेकर इलाज शुरू कर देना चाहिए।
मौसमी इन्फ्लूएंजा (फ्लू) इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होने वाला एक संक्रमण होता है। यह दुनिया के सभी हिस्सों में आम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यह लोगों के खांसने या छींकने से आसानी से फैलता है। इसके लक्षणों में तीव्र बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं। पीड़ित लोगों को आराम करना चाहिए और खूब सारा तरल पदार्थ पीना चाहिए।
इन्फ्लूएंजा के लक्षण
इन्फ्लूएंजा के लक्षण आमतौर पर वायरस से संक्रमित व्यक्ति से संक्रमित होने के लगभग 2 दिन बाद शुरू होते हैं।

इन्फ्लूएंजा से बचाव के तरीके

कुछ बातें कोविड के बारे में
कोविड और सामान्य बुखार या कहें कि इन्फ्लूएंजा के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर्स कहते हैं कि मरीजों को कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टर्स से जरूर संपर्क करना चाहिए। भारत जैसे देश में अक्सर बुखार, सर्दी-जुकाम होने पर दवाई की दुकान पर जाकर खुद से दवाई ले ली जाती है। कई बार इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
कोविड के आम लक्षण

नई दिल्ली के डॉ. अविरल श्रीवास्तव (एमबीबीएस, एमडी) कहते हैं कि मानसून के साथ ही कई प्रकार की बीमारियां भी शुरू हो जाती हैं। इसमें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड प्रमुख हैं। इन बीमारियों का शुरुआती लक्षण भी बुखार ही है। इनमें मरीज को दर्द, सर्दी-खांसी जैसे सामान्य लक्षण भी हो सकता है। कई बार इंफेक्शन के कारण भी बुखार आ सकता है। ऐसे में मौसम बदलने के साथ ही अपनी इम्युनिटी को बढ़ाने पर काम करने की आवश्यकता है।
डॉ. अविरल कहते हैं कि बुजुर्ग लोगों को इन्फ्लूएंजा की वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होने लगती है। इसी तरह कोविड में सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है, इसलिए घर पर इसकी मॉनिटरिंग लगातार करनी चाहिए। यदि ऑक्सीजन 95 % से कम हो तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
- ताजी सब्जियां और फलों का सेवन करना चाहिए।
- बाजार में खाने-पीने से बचना चाहिए।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- पानी लगातार पीना चाहिए।
- पर्याप्त नींद लेना चाहिए।
- बुजुर्ग लोगों को इन्फ्लूएंजा की वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
- पहले से बीमार लोगों को इम्युनिटी पर खास देना चाहिए।
- कोविड के मरीजों को अपने ऑक्सीजन लेवल पर ध्यान देना चाहिए।
- यदि ऑक्सीजन 95% से कम है तो अस्पताल जाएं।
- हमेशा N95 मास्क ही लगाएं

मानसून में रखें इन बातों का ध्यान
नोएडा के फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता ने मानसून में बीमारियों से बचने के उपाय के बारे में बताते हुए कुछ उपाय सुझाए हैं।

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल एक्सपर्ट्स की मदद से लिखा गया है। यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए है। किसी भी सलाह के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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