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Fact Check : राजस्थान के जवाई बांध का वीडियो पंजाब बाढ़ के गलत दावे के साथ वायरल

असली वीडियो राजस्‍थान का है। प्रदेश के जवाई बांध के गेट खोलने से जुड़े कार्यक्रम के वीडियो को गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। पंजाब की नदियों में बाढ़ के कारण राज्‍य में काफी नुकसान हुआ है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो को वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि पंजाब को डुबोने की साजिश की गई है। वीडियो में एक शख्‍स को यह बोलते हुए सुना जा सकता है कि सारे गेट खोल दो।

वायरल वीडियो को पंजाब की बाढ़ से जोड़ते हुए गलत दावे के साथ वायरल करके झूठ फैलाया जा रहा है। दरअसल असली वीडियो राजस्‍थान का है। प्रदेश के जवाई बांध के गेट खोलने से जुड़े कार्यक्रम के वीडियो को गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

क्‍या हो रहा है वायरल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्‍टाग्राम पर एक यूजर ने 8 सितंबर को वीडियो को पोस्‍ट करते हुए दावा किया, “नहीं हो तो एक साथ सारे गेट खोल दो। ना रहेगा बास ना बजेगी बांसुरी। आहोर विधायक के शब्‍दों पर आपकी टिप्‍पणी लिखिए।”

इसके अलावा पंजाबी में लिखा गया कि पंजाब को डुबोने की साजिश।

कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस वीडियो को मिलते-जुलते दावों के साथ साझा किया है। वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल दावे की जांच के लिए सबसे पहले वीडियो को अच्‍छे से स्‍कैन किया। हमें वीडियो में दिख रहे कंट्रोल रूम के मॉनिटर पर ‘जवाई बांध’ का नाम लिखा हुआ नजर आया।

विश्‍वास न्‍यूज ने सर्च को आगे बढ़ाते हुए यूट्यूब पर कीवर्ड से सर्च किया। हमें 7 सितंबर 2025 की तारीख को एक चैनल पर अपलोड एक वीडियो मिला। यह वही वीडियो था, जिसे पंजाब से जोड़ते हुए सोशल मीडिया वायरल किया जा रहा है। इसमें बताया गया कि आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित जवाई बांध के सभी गेट खोलने की बात कह रहे हैं।

गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से सर्च करने पर हमें पत्रिका डॉट कॉम पर एक खबर मिली। 7 सितंबर की खबर में लिखा गया, ‘जवाई बांध के गेट खोलने से पहले कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने पूजन किया। उन्होंने बटन दबाकर गेट नंबर 2 को दो फीट खोला। आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने गेट नंबर 4 व सिरोही जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने गेट नंबर 10 खोला। गेट खोलने से पहले चेतावनी सायरन बजाया गया। बांध के आठ गेटों से निकल रहा पानी नदी में हिलोरे मारता कुछ समय बाद ही सुमेरपुर-शिवगंज की रपट के ऊपर तेज वेग से बहने लगा तो जालोर जिले तक खुशियां छा गई। बता दें कि जवाई बांध से मुख्य रूप से पाली, जालौर और सिरोही जिलों को फायदा होता है।’

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने जवाई बांध के बारे में सर्च किया। गूगल मैप और पाली जिले की सरकारी वेबसाइट पर इसके बारे में जानकारी मिली। गूगल मैप पर देखने से पता चला कि इसके पानी का पंजाब से कोई संबंध नहीं है। यह बांध राजस्थान के पाली जिले में है। जवाई बांध का पानी आसपास के जिलों में काम आता है।

जागरण डॉट कॉम पर 11 सितंबर को प्रकाशित एक खबर में प्रदेश के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के हवाले से बताया गया कि पंजाब में बाढ़ से 22 जिलों के 2185 गांव और 388466 लोग प्रभावित हुए हैं। मृतकों की संख्या 53 हो गई है।

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में यह साफ हो गया कि राजस्थान के जवाई बांध का पंजाब की बाढ़ से कोई लेना-देना नहीं है। वायरल वीडियो गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच के अंत में दैनिक जागरण, उदयपुर के वरिष्‍ठ संवाददाता सुभाष शर्मा से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल वीडियो राजस्‍थान के जवाई बांध के गेट खोलने के वक्‍त का है। इसका पंजाब की बाढ़ से कोई संबंध नहीं है। जवाई बांध का पानी पंजाब नहीं जाता है।

पड़ताल के अंतिम चरण में फर्जी दावा करने वाले यूजर की जांच की गई। इसके अकाउंट से कोई खास जानकारी नहीं मिली।

निष्कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की जांच में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। राजस्‍थान के जवाई बांध के गेट खोलने के वक्‍त के वीडियो को पंजाब में आई बाढ़ के साथ जोड़कर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत और गलत है।

  • Claim Review : पंजाब को डुबोने की साजिश का वीडियो
  • Claimed By : IG User jaspal_1605
  • Fact Check : झूठ

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