Fact Check: पराली जलाने का वायरल यह वीडियो एक साल पुराना, भ्रामक दावे से हुआ वायरल
पराली जलाने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2024 का है। पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Oct 24, 2025 at 02:56 PM
- Updated: Oct 27, 2025 at 10:52 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली में दिवाली के बाद से ही पॉल्यूशन बढ़ गया है। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर पराली जलाने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह हाल ही का है और पंजाब में बड़ी संख्या में पराली जलाई जा रही है। इसी का असर दिल्ली के वातावरण पर भी देखने को मिल रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2024 का है। पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Dhiraj Kumar’ ने 22 अक्टूबर 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “पंजाब में बड़ी संख्या में पराली जलाई जा रही है। इसका सीधा असर दिल्ली पर पड़ रहा है और लगातार दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब हो रही है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, पंजाब सरकार पराली जलाए जाने की घटना पर नियंत्रण करने में विफल दिख रही है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो पर गौर किया। हमने पाया कि वीडियो पर न्यूज एजेंसी एएनआई का लोगो लगा हुआ है। हमने एएनआई के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर वायरल वीडियो को खंगालना शुरू किया। हमें वीडियो 1 नवंबर 2024 को शेयर हुआ मिला। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो पंजाब के मोगा जिले के डगरू गांव में जलाई गई पराली का है।
प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमे वीडियो ‘NEWS9 Live’ नाम के यूट्यूब चैनल पर भी 1 नवंबर 2024 को अपलोड मिला। यहां पर भी वीडियो को मोगा जिले का ही बताया गया है।
दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 24 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “पंजाब में पराली जलाने के केसों में बढ़ोतरी होनी जारी है। राज्य में पराली जलाने की 79 घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले राज्य में 62 जगह पराली जलाई गई थी। बुधवार को पराली जलाने की घटनाएं मिलाकर मौजूदा धान सीजन में बीती 15 सितंबर से अब तक राज्य में 484 जगह पराली जलाई जा चुकी है। बहरहाल संतोष की बात यह है कि पराली को आग लगाने का यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 70 फीसदी तक कम है। बीते वर्ष 22 अक्टूबर तक राज्य में 1581 जगह पराली जला दी गई थी। इस बार पराली जलाने वालों के खिलाफ राज्य सरकार की सख्ती के चलते हीराली जलाने की घटनाओं में यह कमी दर्ज की जा रही है।”
अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण के मोगा जिले के संवाददाता मनप्रीत मलियाना से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो पुराना है।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर को करीब 62 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को झारखंड का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पराली जलाने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2024 का है। पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : पंजाब में बड़ी संख्या में पराली जलाने का वीडियो।
- Claimed By : FB User Dhiraj Kumar
- Fact Check : भ्रामक
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