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Fact Check: पानी पर तैरते प्लास्टिक कचरे का यह वीडियो भारत का नहीं है

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पानी पर तैरते प्लास्टिक कचरे का वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि ग्वाटेमाला का है।

  • By: Pallavi Mishra
  • Published: Nov 5, 2025 at 11:33 AM
  • Updated: Nov 11, 2025 at 09:56 AM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पानी के ऊपर तैरते प्लास्टिक कचरे को देखा जा सकता है।  वीडियो को भारत का बताकर  शेयर किया जा रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल हो रहा वीडियो भारत का नहीं, बल्कि ग्वाटेमाला से है। वीडियो जून 2022 से इंटरनेट पर मौजूद है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

थ्रेड्स यूजर ‘fighting_to_be_free2’ ने 18 अक्टूबर 2025 को वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा “आप कार्बन टैक्स देते हैं, बिजली के बेतहाशा बिल भरते हैं, प्लास्टिक स्ट्रॉ पर प्रतिबंध लगाते हैं, और बेकार कागज़ के थैले ढोते हैं जो पल भर में फट जाते हैं। यह सब ‘पर्यावरण बचाने’ के नाम पर। और वहीं दूसरी ओर, भारत में यह स्थिति है।” इस वीडियो में पानी के ऊपर तैरते प्लास्टिक कचरे को देखा जा सकता है।  

पड़ताल

पड़ताल को शुरू करने के लिए हमने इस वायरल पोस्ट में इस्तेमाल वीडियो के स्क्रीनशॉट्स को गूगल लेंस पर सर्च किया। हमें यह वीडियो 2022 की कई खबरों में मिला।

एबीसी न्यूज के एक 22 जून 2022 के एक्स पोस्ट में इस वीडियो को अपलोड कर लिखा गया था “पर्यावरणविदों के अनुसार, दुनिया की सबसे प्रदूषित नदियों में से एक मानी जाने वाली रियो मोटागुआ नदी से प्लास्टिक कचरे के ढेर ग्वाटेमाला के तटों पर बहकर आ रहे हैं। यह फुटेज इसी महीने फ्लोरिडा स्थित पर्यावरण समूह 4Ocean द्वारा लिया गया था। https://abcn.ws/3N9qRVN

सीबीएस न्यूज के 22 जून 2022 के एक्स पोस्ट में भी इस वीडियो को ग्वाटेमाला का बताते हुए फुटेज के लिए 4Ocean को क्रेडिट दिया गया था।

कीवर्ड्स से ढूंढ़ने पर हमें यह असली वीडियो पर्यावरण समूह 4Ocean के इंस्टाग्राम अकाउंट  पर 7 जून 2022 को अपलोड मिला। वीडियो को ग्वाटेमाला का बताते हुए लिखा गया था, “क्या होगा अगर हम आपको बताएँ कि ग्वाटेमाला के तट अभी ऐसे दिखते हैं…बरसात के मौसम में, दुनिया की सबसे प्रदूषित नदियों में से एक, रियो मोटागुआ से होकर लाखों पाउंड प्लास्टिक कचरा ग्वाटेमाला के तटों पर बहकर आता है। अगले हफ़्ते, 4ocean ऑपरेशन टीम हमारे ग्वाटेमाला सफाई केंद्र का दौरा करेगी। पिछले दो सालों से, हम ग्वाटेमाला के समुद्र तटों पर प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए अपने स्थानीय सफाई दल को जुटा रहे हैं। अब, हम कचरे को समुद्र तक पहुँचने से पहले ही नदी के ऊपर ही रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस जटिल मिशन पर आगे होने वाली प्रगति के लिए बने रहें।”

कीवर्ड्स से ढूंढ़ने पर हमें रियो मोटागुआ से होते हुए ग्वाटेमाला के तट को प्रदूषित करते प्लास्टिक वेस्ट को लेकर कई खबरें मिलीं।

हमने इस मामले में 4Ocean के फाउंडर Alex Schulze से भी संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि ‘यह वीडियो ग्वाटेमाला का था, और इस बीच को हमारी टीम ने ही साफ़ किया था।”

इसके बाद हमने 4Ocean के इंस्टाग्राम पेज को और खंगाला। यहाँ 25 जून 2023 को अपलोड किये गए वीडियो में बताया गया था कि उनकी टीम ने 6 महीने की मेहनत के बाद इस बीच को साफ़ कर दिया है।

क्या कहती है भारत में प्रदूषित नदियों पर CPCB की अक्टूबर 2025 में आई रिपोर्ट

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने अपनी अक्टूबर की एक रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2025 को जारी की। यह रिपोर्ट देश के जलीय संसाधनों की क्वालिटी को जांचती है और बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) के 3 mg/L से अधिक होने के क्राइटेरिया के आधार पर नदी खंडों को प्रदूषित घोषित करती है, जो जल को स्नान और जलीय जीवन के लिए अनुपयुक्त बनाता है। इस आकलन के अनुसार, भारत के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 271 नदियों में कुल 296 प्रदूषित खंडों की पहचान की गई है, जो 2018 में चिह्नित  351 खंडों और 2022 में चिह्नित  311 खंडों की तुलना में गिरावट को दर्शाता है। रिपोर्ट में नदी के स्वास्थ्य में मामूली सुधार देखा गया है। हालांकि, महाराष्ट्र में अभी भी सबसे अधिक (54) प्रदूषित खंड हैं  और दिल्ली में यमुना नदी का खंड गंभीर रूप से प्रदूषित बना हुआ है, जिसका अधिकतम BOD मान 83 mg/L तक पाया गया है, जो निर्धारित मानदंड से 27 गुना अधिक है। यह रिपोर्ट सीवेज उपचार, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और नदी बेसिन प्रबंधन में निरंतर और तत्काल सुधार की आवश्यकता को बताती है।

वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर ‘fighting_to_be_free2′ को थ्रेड्स पर 150 यूजर फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पानी पर तैरते प्लास्टिक कचरे का वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि ग्वाटेमाला का है।

  • Claim Review : पानी पर तैरते प्लास्टिक कचरे का यह वीडियो भारत का है
  • Claimed By : Threads user ‘fighting_to_be_free2’
  • Fact Check : झूठ

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