Fact Check : एसबीआई YONO अकाउंट में आधार अपडेट करने के लिए नाम पर भेजा जा रहा है फर्जी मैसेज
विश्वास न्यूज की जांच में आधार कार्ड अपडेट करने के नाम पर भेजा जा रहा मैसेज फेक है। एसबीआई की ओर से किसी भी कस्टमर को कभी भी एपीके फाइल नहीं भेजी जाती है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Nov 26, 2025 at 02:31 PM
- Updated: Mar 26, 2026 at 06:12 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। साइबर ठग भारतीय स्टेट बैंक के खाता धारकों को ठगने के लिए उनके मोबाइल पर एक मैसेज भेज रहे हैं। ये मैसेज वॉट्सऐप और एसएमएस के जरिए भेजा जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि आज रात आपका योनो अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा। इससे बचने के लिए कथित ऐप को डाउनलोड करके अपना आधार कार्ड अपडेट करें।
विश्वास न्यूज ने वायरल मैसेज की जांच की। यह पूरी तरह फर्जी साबित हुआ। एसबीआई की ओर से कस्टमरों को सचेत करते हुए कहा गया है कि बैंक कभी भी एपीके फाइल नहीं भेजता है। साइबर एक्सपर्ट के अनुसार, ऐसे लिंक पर क्लिक करने से यूजर के साथ धोखाधड़ी हो सकती है।
क्या हो रहा है वायरल
वॉट्सऐप और एसएमएस पर भेज रहे संदेश में कहा गया है, “आपका SBI YONO अकाउंट आज रात ब्लॉक हो जाएगा, कृपया यह ऐप (SBI SELF AADHAR UPDATE.apk) डाउनलोड कर AADHAR अपडेट करें।”
मैसेज में एक एपीके फाइल भेजी जा रही है।

पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल मैसेज की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले एसबीआई के एक्स हैंडल को स्कैन किया। हमें 24 नवंबर की एक पोस्ट मिली। इसमें बैंक की ओर से लोगों को सचेत करते हुए लिखा गया कि केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखेबाज एपीके फाइल डाउनलोड करवाकर ठगने की कोशिश कर रहे हैं। मैसेज में लिखा गया कि एसबीआई कभी भी एपीके फाइल भेजकर केवाईसी डाउनलोड करने के लिए नहीं बोलता है।
इसी तरह पीआईबी फैक्ट चेक ने भी वायरल मैसेज को फेक बताया। 17 नवंबर को अपने एक्स हैंडल पर वायरल मैसेज को लेकर पीआईबी फैक्ट चेक ने लिखा कि एसबीआई के नाम से सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उपयोगकर्ताओं को अपना आधार अपडेट करने के लिए एक APK फ़ाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करनी होगी। इसमें आगे दावा किया गया है कि अगर आधार अपडेट नहीं किया जाता है, तो SBI YONO ऐप ब्लॉक हो जाएगा। यह दावा झूठा है। कोई भी APK डाउनलोड न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग या आधार संबंधी जानकारी साझा करें। एसबीआई ऐसी कोई जानकारी नहीं मांगता है।
विश्वास न्यूज ने मामले की तह में जानने के लिए साइबर एक्सपर्ट चातक वाजपेयी से बात की। उन्होंने बताया कि “आजकल साइबर ठग लोगों को एसबीआई के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर आधार अपडेट करने के नाम पर एपीके फाइल भेजते हैं, जबकि बैंक कभी भी अपने ग्राहकों को ऐसी फाइल नहीं भेजता है।”
एक्सपर्ट कहते हैं, “एपीके फाइल इंस्टॉल करते ही मोबाइल में ओटीपी, बैंक लॉगइन, स्क्रीन रिकॉर्डिंग, यूपीआई पिन और पूरे फोन का एक्सेस हैकर्स के पास चला जाता हैं। अगर ऐसा मैसेज मिले तो फाइल बिल्कुल भी इंस्टॉल न करें, भेजने वाले को ब्लॉक करें और तुरंत डिलीट कर दें। फोन हैक हों जाने पर तुरंत सर्विस सेंटर पर जाकर हार्ड रिसेट करवाएं और लेटेस्ट सॉफ्टवेर से अपडेट करवाएं।”
एपीके फाइल क्या होती है?
साइबर एक्सपर्ट मोहित साहू बताते हैं कि सभी एपीके फाइल मैलिशियस नहीं होती है। एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में एपीके फाइल के जरिए मोबाइल ऐप्स या मैलवेयर को भेजता या इंस्टॉल करता है। इस फाइल को ओपन करते ही यह सिस्टम में अपने आप इंस्टॉल हो जाती है। इससे मोबाइल का एक्सेस हैकर के हाथ में चला जाता है। इसके बाद हैकर्स मोबाइल पर आए संदेशों को पढ़ सकते हैं। इससे ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी भी अपराधियों के हाथ लग जाती है। हैकर यूजर के बैंक अकाउंट से रुपये निकाल सकते हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की जांच में आधार कार्ड अपडेट करने के नाम पर भेजा जा रहा मैसेज फेक है। एसबीआई की ओर से किसी भी कस्टमर को कभी भी एपीके फाइल नहीं भेजी जाती है।
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