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Fact Check: बांग्लादेश का वीडियो ‘बाबरी मस्जिद’ के समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई के झूठे दावे से वायरल

बांग्लादेश में नवंबर में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया था। उन पर पुलिस ने बल का प्रयोग किया था। उस दौरान के वीडियो को ‘बाबरी मस्जिद’ के समर्थकों का बताकर झूठा दावा किया जा रहा है।

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नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखी थी। इसके बाद मस्जिद से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें भीड़ पर आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में बन रही ‘बाबरी मस्जिद’ के समर्थकों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन से पानी की बौछार छोड़ी।

विश्‍वास न्‍यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो बांग्लादेश में हुए शिक्षकों के प्रदर्शन का है। इसका ‘बाबरी मस्जिद’ से कोई संबंध नहीं है।

क्या है वायरल पोस्ट?

इंस्टाग्राम यूजर aanujj79 ने 7 दिसंबर को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “बन गई बाबरी मस्जिद, अब मिला सुकून

पड़ताल

वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने इसका कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। बांग्लादेश के यूजर Jahedul Islam ने इस वीडियो को 9 नवंबर को पोस्ट किया है। हालांकि, इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

बांग्लादेश की न्यूज वेबसाइट chandpurkantha24 पर इससे संबंधित खबर छपी है। इसमें वायरल वीडियो के कीफ्रेम को प्रयोग किया गया है। खबर के मुताबिक, “सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने सैलरी समेत तीन मांगों को लेकर 9 नवंबर को पूरे देश में प्रदर्शन किया। जब प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर शाहबाग की ओर बढ़े तो पुलिस ने जुलूस को तितर-बितर कर दिया। पुलिस के लाठीचार्ज में कई टीचर घायल हो गए। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले, साउंड ग्रेनेड और वाटर कैनन से गर्म पानी भी छोड़ा गया।”

बांग्लादेश की एक अन्य न्यूज वेबसाइट ‘डेली टाइम्स ऑफ बांग्लादेश’ ने भी 10 नवंबर को इससे संबंधित खबर को छापा है। इसके अनुसार, अपनी मांगों को लेकर जुलूस निकाल रहे शिक्षकों और पुलिस में टकराव से करीब 150 टीचर घायल हो गए थे। शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन के दौरान साउंड ग्रेनेड फटने से कथित तौर पर बेहोश हुए एक सरकारी प्राइमरी स्कूल टीचर की रविवार को मौत हो गई।

खबर में प्रदर्शन के दौरान की कुछ तस्वीरें भी अपलोड की गई हैं, जिन्हें वायरल वीडियो में देखा जा सकता है।

इससे यह तो साबित हो गया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का है।

दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 6 दिसंबर को छपी खबर के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखी। वहीं, इसके जवाब में बहरमपुर में ‘राम मंदिर’ की शिलापूजा की गई।

हालांकि, हमें सर्च में ‘बाबरी मस्जिद’ समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई से संबंधित कोई खबर नहीं मिली।

इस बारे में हमने कोलकाता में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ जेके बाजपेयी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि ‘बाबरी मस्जिद’ समर्थकों पर पुलिस लाठीचार्ज या वाटर कैनन से पानी छोड़े जाने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं है।

बांग्लादेश के वीडियो को ‘बाबरी मस्जिद’ से जोड़कर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के 70 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: बांग्लादेश में नवंबर में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया था। उन पर पुलिस ने बल का प्रयोग किया था। उस दौरान के वीडियो को ‘बाबरी मस्जिद’ के समर्थकों का बताकर झूठा दावा किया जा रहा है।

  • Claim Review : पश्चिम बंगाल में बन रही 'बाबरी मस्जिद' के समर्थकों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन से पानी की बौछार छोड़ी।
  • Claimed By : Insta User- aanujj79
  • Fact Check : झूठ

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