Fact Check: पाकिस्तान में मस्जिद को तोड़े जाने का वीडियो नेपाल का बताते हुए वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि नेपाल के धनुषा में मस्जिद गिराए जाने के फर्जी दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो पाकिस्तान के सियालकोट (डस्का) का है। वहां की ‘जामिया नूर मस्जिद’ के एक पुराने हिस्से को जिला प्रशासन द्वारा पुनर्निर्माण के लिए हटाया है। नेपाल में मस्जिद तोड़फोड़ की घटना जरूर हुई है, लेकिन वायरल वीडियो का उससे कोई संबंध नहीं है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Jan 12, 2026 at 03:39 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल के धनुषा जिले में सांप्रदायिक तनाव के बीच एक स्थानीय मस्जिद में तोड़फोड़ की गई। कई हिस्सों में तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को नेपाल का बताकर वायरल कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल वीडियो की जांच की। यह पाकिस्तान का साबित हुआ। इस वीडियो का नेपाल में हुई घटना से कोई संबंध नहीं है। हमारी जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘सनातनी सुमन’ ने 10 जनवरी को वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा, “नेपाल में धनुषा के सखुवा में मस्जिद स्वाहा। नेपाल के हिंदुओं को भी पता हे पत्थरबाजी की एक ही सजा अवैध मस्जिद जमीन से जुदा। नेपाल ने शांतिदूतों को जवाब देना सिख लिया हे।”

पड़ताल
वायरल वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने इस वीडियो को गौर से देखा। वीडियो के ऊपर ‘नूर मस्जिद डस्का’ लिखा देखा जा सकता है।

कीवर्ड्स से सर्च करने पर हमें पता चला कि डस्का पाकिस्तान के पंजाब के सियालकोट ज़िले में मौजूद एक सब तहसील है। सर्च में हमें डस्का में नूर मस्जिद को तोड़े जाने की कुछ खबरें मिलीं।
पाकिस्तानी X यूजर डॉक्टर ताहा ने भी इस वीडियो को 2 जनवरी को शेयर करते हुए पाकिस्तान के डस्का का बताया था।
सर्च में हमें सियालकोट पुलिस की एक ‘एक्स’ (X) पोस्ट भी मिली, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि डस्का के कॉलेज रोड स्थित जामिया नूर मस्जिद के एक हिस्से का जिला प्रशासन द्वारा पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। प्रशासन ने मस्जिद पर एक बैनर भी लगाया है, जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि मस्जिद के ढांचे को नए सिरे से बनाने के उद्देश्य से तोड़ा जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के नकारात्मक प्रोपेगेंडा या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें, जिससे धार्मिक सद्भाव या शांति भंग होने का खतरा हो।
हमने इस मामले में 24 न्यूज़ एचडी कराची में असाइनमेंट एडिटर, मोहम्मद कामरान से भी बात की। उन्होंने बताया कि यह वीडियो पाकिस्तान के डस्का का है और पाकिस्तान में भी इस वीडियो को भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। असल में नए सिरे से बनाने के उद्देश्य से मस्जिद को तोड़ा गया है।
ख़बरों के अनुसार नेपाल में धनुषा जिले के कमला नगर पालिका में मस्जिद में तोड़फोड़ 3 जनवरी, 2026 को हुई थी, जबकि वायरल वीडियो 2 जनवरी, 2026 से इंटरनेट पर मौजूद है।
नेपाल में सांप्रदायिक तनाव का कारण
ख़बरों के अनुसार नेपाल के धनुषा जिले में जनवरी 2026 की शुरुआत में टिकटॉक पर डाले गए एक विवादित वीडियो की वजह से सांप्रदायिक तनाव फैल गया। इस विवाद के कारण कमला नगरपालिका में एक मस्जिद में 3 जनवरी, 2025 को तोड़फोड़ हुई, जिसके विरोध में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और टायर जलाए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया। इस मामले पर ज्यादा डिटेल्स इन ख़बरों में पढ़ सकते हैं।
वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर सनातनी सुमन’ को फेसबुक पर करीब 31 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि नेपाल के धनुषा में मस्जिद गिराए जाने के फर्जी दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो पाकिस्तान के सियालकोट (डस्का) का है। वहां की ‘जामिया नूर मस्जिद’ के एक पुराने हिस्से को जिला प्रशासन द्वारा पुनर्निर्माण के लिए हटाया है। नेपाल में मस्जिद तोड़फोड़ की घटना जरूर हुई है, लेकिन वायरल वीडियो का उससे कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : नेपाल के धनुषा जिले में मस्जिद गिराए जाने का वीडियो।
- Claimed By : Facebook user 'Sanatani Suman'
- Fact Check : झूठ
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












