Fact Check: गालियां देते यूपी पुलिस के दारोगा का पुराना वीडियो भ्रामक दावे से वायरल
यूपी के पुलिस के दारोगा का गालियां देने वाला वीडियो मई 2024 का है। इसे जातिगत एंगल देकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jan 14, 2026 at 04:08 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश की पुलिस से जोड़कर सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुलिसकर्मी को किसी व्यक्ति को गालियां देते हुए सुना जा सकता है। कुछ यूजर्स भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे शेयर कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर ने दलित परिवार को गालियां दी हैं।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि यह मामला मई 2024 का है। इसका हाल-फिलहाल से कोई संबंध नहीं है। इस घटना में कोई जातिगत एंगल भी नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘योगेश कुमार’ ने 13 जनवरी 2026 को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “उत्तर प्रदेश पुलिस का एक इंस्पेक्टर दलित परिवार के घर पहुँचता है, और वहाँ कानून की किताब खोलने के बजाय अपनी इंसानियत को ही बंद कर लेता है। जहाँ उसे सुरक्षा देनी थी, वहाँ वह शब्दों की गोलियाँ चलाने लगता है- ऐसी गंदी भाषा, ऐसा अहंकार, मानो वर्दी नहीं, जंगल का कानून पहनकर आया हो।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने इनविड टूल से इसका कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। यूट्यूब चैनल News1 India पर 26 मई 2024 को अपलोड वीडियो न्यूज में वायरल वीडियो को देखा जा सकता है। इसके अनुसार, मामला यूपी के अयोध्या का है, जहां दारोगा गोविंद अग्रवाल ने व्यक्ति के साथ गाली-गलौच की।
फेसबुक यूजर Sanjay Sharma की फेसबुक प्रोफाइल पर भी 26 मई 2024 को अपलोड वायरल वीडियो को देखा जा सकता है। इसके साथ में दी गई जानकारी के अनुसार, गोविंद अग्रवाल थाना रौनाही के सत्तीचौरा चौकी इंचार्ज हैं।

इस आधार पर कीवर्ड से सर्च करने पर हमें 26 मई 2024 को दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर छपी खबर का लिंक मिला। इसमें वायरल वीडियो क्लिप को भी देखा जा सकता है। खबर के मुताबिक, “गांव रग्घूपुर दोस्त में अर्जुन पांडेय और जगदम्बा शुक्ला में रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। इसको सुलझाने के लिए बुलाई गई पंचायत में चौकी प्रभारी सिपाहियों के साथ पहुंचे। मौके पर चंदन शुक्ला नाम के युवक ने तमंचा निकाल लिया था। इसके बाद चौकी प्रभारी ने गाली-गलौच शुरू कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने गोविंद अग्रवाल को सस्पेंड कर दिया है।”

इस बारे में हमने अयोध्या में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ रमाशरण अवस्थी से संपर्क कर वीडियो भेजा। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो पुराना है। इसमें कोई जातिगत एंगल नहीं था।
पुराने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के करीब 28 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: यूपी के पुलिस के दारोगा का गालियां देने वाला वीडियो मई 2024 का है। इसे जातिगत एंगल देकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।
- Claim Review : यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर ने दलित परिवार को गालियां दी हैं।
- Claimed By : FB User- योगेश कुमार
- Fact Check : भ्रामक
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