Fact Check: हिंदू सम्मेलन के नाम पर झूठ फैलाने के लिए वायरल की गई AI से बनाई गई तस्वीर
विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल तस्वीर फर्जी साबित हुई। इस तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Feb 24, 2026 at 04:20 PM
- Updated: Feb 24, 2026 at 05:01 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष पर इन दिनों पूरे देश में हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं। इसी संदर्भ में एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें एक मंच के पीछे हिन्दू सम्मेलन लिखा हुआ है, जबकि सामने की ओर कुछ ही लोगों को बैठे हुए दिखाया गया है। इस तस्वीर को सच समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है। इसमें सच्चाई नहीं है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक पेज ‘नेशनल दस्तक’ ने 21 फरवरी 2026 को एक तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा, ”यूजीसी का असर।”
तस्वीर के ऊपर लिखा है, ”हिंदू सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मण सम्मेलन से मूलनिवासियों ने बनाई दूरी। भारत का मूलनिवासी (क्षत्रिय वैश्य शूद्र अछूत)अब ब्राह्मणों के षड़यंत्र में नहीं आएगा। जागो और जगाओ।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने हिंदू सम्मेलन के नाम पर वायरल हो रही तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल लेंस टूल के जरिए इसे सर्च किया। यह तस्वीर हमें हर जगह वायरल दावे के साथ मिली।
सर्च के दौरान हमें यह तो पता चला कि पूरे देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष होने पर हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल तस्वीर को एआई से बनाए गए कंटेंट की जांच करने वाले गूगल डीपमाइंड के टूल सिंथआईडी की मदद से चेक किया।

सिंथआईडी की एनालिसिस इस तस्वीर के एआई से क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि करती है। इसमें तस्वीर को गूगल एआई से बनाया हुआ बताया गया।
इसी तरह हाइव मॉडरेशन ने भी तस्वीर के एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि की।

इसी तरह साइट इंजन नाम के दूसरे डिटेक्शन टूल ने भी इस बात की संभावना जताई कि वायरल तस्वीर फर्जी है। इसके एनालिसिस में 98 फीसदी संभावना इस बात की जताई गई कि यह एआई क्रिएटेड है।

विश्वास न्यूज ने अधिक पुष्टि करने के लिए वायरल तस्वीर को एआई विशेषज्ञ अजहर माचवे के साथ साझा किया। उन्होंने विश्लेषण करके बताया कि वायरल तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है।
पड़ताल के अंत में ‘नेशनल दस्तक’ नाम के फेसबुक पेज की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि नेशनल दस्तक को 12 लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल तस्वीर फर्जी साबित हुई। इस तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है। इसमें सच्चाई नहीं है।
- Claim Review : हिंदू सम्मेलन में भीड़ नहीं पहुंची।
- Claimed By : FB page National Dastak
- Fact Check : झूठ
- AI Detector Tool SynthID
- AI Detector Tool Hive Moderation
- AI Detector Tool Sigthengine
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