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Fact Check: राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण का वित्तीय प्लेटफॉर्म को प्रमोट करने वाला वीडियो डीपफेक है

हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत निकला। राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण का वायरल वीडियो डीपफेक है। मूल वीडियो 2024 और 2025 के हैं, जिनमें एडिट करके गलत ऑडियो डाला गया है। ‘Quantum AI’ जैसी कोई सरकारी निवेश योजना अस्तित्व में नहीं है। यह जनता के साथ वित्तीय धोखाधड़ी का एक प्रयास है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और व्हाट्सएप पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच एक तीखी बहस दिखाई गई है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी ने वित्त मंत्री पर गुप्त आय छिपाने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में निर्मला सीतारमण ने ‘Quantum AI’ नामक एक ‘सरकारी’ वित्तीय प्लेटफॉर्म की घोषणा की। वीडियो के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर 22,000 रुपये निवेश करके नागरिक हर महीने 20 लाख से 25 लाख रुपये तक कमा सकते हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि यह वीडियो पूरी तरह से डीपफेक है। सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है और यह वीडियो जनता को ठगने के उद्देश्य से एआई (AI) तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है।

क्या है वायरल पोस्ट?

X यूजर ‘gurujyoti_das’ ने 4 फरवरी 2026 को एक वीडियो साझा किया।

विश्वास न्यूज को टिपलाइन के जरिये एक यूजर ने यह वीडियो 12 मार्च 2026 को भेजा और इसकी जांच का अनुरोध किया। वीडियो में राहुल गांधी को अंग्रेजी में कहते सुना जा सकता है (अनुवादित), “वित्त मंत्री, आज 6 मार्च 2026 को आपने भारत के साथ विश्वासघात किया है। समाज जानता है कि आपको एक मोबाइल एप्लिकेशन से प्रति माह 20 लाख रुपये तक की गुप्त आय मिल रही है।”

इसके जवाब में निर्मला सीतारमण अंग्रेजी में कहती हैं (अनुवादित), “यह एप्लिकेशन एक सरकारी प्रोजेक्ट है। जो भी नागरिक 22,000 रुपये जमा करता है, उसे प्रति माह 20 लाख रुपये तक कमाने का अवसर मिलता है। ‘Quantum AI’ पर पंजीकरण का आज आखिरी दिन है। मैंने खुद दो महीने पहले 22,000 रुपये जमा किए थे और आज मेरा बैलेंस 44 लाख रुपये है। यह एल्गोरिदम स्वचालित रूप से प्रतिदिन 80,000 रुपये जेनरेट करता है।”

पड़ताल

जांच की शुरुआत में हमने संबंधित कीवर्ड्स के जरिए खोज की, लेकिन हमें भारत सरकार की ‘Quantum AI’ नामक किसी भी स्कीम की जानकारी नहीं मिली जो इतने अवास्तविक मुनाफे का वादा करती हो।

वायरल वीडियो में तीन अलग-अलग क्लिप्स दिखाई देती  हैं। हमने वायरल वीडियो क्लिप्स के मूल स्रोतों की तलाश की।

राहुल गांधी का क्लिप: वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को तलाशने पर हमें यह वीडियो इंडियन एक्सप्रेस के 29 जुलाई 2025 के फेसबुक पोस्ट में मिला। साथ में कैप्शन लिखा था (अनुवादित), “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में बयान दिया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 29 बार यह दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम (Ceasefire) कराया था।” राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए आगे कहा, “यदि वे (ट्रंप) झूठ बोल रहे हैं, तो प्रधानमंत्री को लोकसभा में खड़े होकर इस बात का खंडन करना चाहिए।” यह क्लिप लोकसभा में #OperationSindoor पर हो रही चर्चा के दौरान की है।

निर्मला सीतारमण का पहला क्लिप: वायरल वीडियो में वित्त मंत्री के दो अलग-अलग विजुअल्स का इस्तेमाल किया गया है। एक क्लिप उनके पुराने लोकसभा सम्बोधन से और दूसरा एक अन्‍य आधिकारिक संबोधन से लिया गया है। मूल वीडियो में कहीं भी ‘Quantum AI’ या 22,000 रुपये के निवेश का जिक्र नहीं है।

इसके बाद हमने वायरल वीडियो को गौर से देखा और पाया कि राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण की आवाजें असंगत हैं और कुछ हिस्सों में रोबोट जैसी लग रही हैं। होंठों की हरकतें (Lip-sync) बोले जा रहे शब्दों के साथ मेल नहीं खातीं, जो डीपफेक वीडियो की एक मुख्य पहचान है। यह वीडियो अलग-अलग क्लिप्स का एक पैचवर्क (Patchwork) है, जिसमें स्पष्ट रूप से जर्क (झटके) दिखाई देते हैं।

डीपफेक डिटेक्शन

वायरल वीडियो को लेकर हमने ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (DAU) से संपर्क किया। ‘Hiya’ डिटेक्टर टूल के माध्यम से जांच करने पर ऑडियो के कई हिस्सों में एआई हेरफेर (AI manipulation) के पुख्ता संकेत मिले। चेहरे के हाव-भाव और आवाज को एआई के जरिए बदला गया है।

स्विस डीप-टेक कंपनी ‘ऑरिगिन एआई’ (Aurigin AI) ने भी इस ऑडियो को आंशिक रूप से एआई-जनरेटेड पाया।”

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आयुष भारद्वाज ने इसके बारे में बताया, “स्कैमर्स अक्सर बड़े नेताओं के चेहरों का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। ‘Quantum AI’ जैसे नाम रखकर वे इसे तकनीकी और सरकारी दिखाने का प्रयास करते हैं। एक बार जब यूजर निवेश कर देता है, तब ये स्कैमर्स गायब हो जाते हैं।”

वीडियो साझा करने वाले यूजर ‘gurujyoti_das’ ने खुद को असम विधानसभा का पूर्व सदस्य बताया है, जिनके X पर 200 से अधिक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह से गलत निकला। राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण का वायरल वीडियो डीपफेक है। मूल वीडियो 2024 और 2025 के हैं, जिनमें एडिट करके गलत ऑडियो डाला गया है। ‘Quantum AI’ जैसी कोई सरकारी निवेश योजना अस्तित्व में नहीं है। यह जनता के साथ वित्तीय धोखाधड़ी का एक प्रयास है।

  • Claim Review : निर्मला सीतारमण ने ₹22,000 के निवेश पर ₹25 लाख कमाने वाली सरकारी स्कीम का प्रचार किया।
  • Claimed By : X यूजर 'gurujyoti_das'
  • Fact Check : झूठ
Our Sources
  1. Sansad TV YouTube, dated July 1, 2024
  2. DDN Youtube, dated 29 Aug, 2025
  3. News report by The Indian Express, dated June 1, 2025
  4. AI Detector Tool: Aurigin AI
  5. AI Detector Tool: Hiya

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