Fact Check: नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन और तेल अवीव में भगदड़ के दावे से वायरल यह वीडियो ईरान का है
ईरान में हुए प्रदर्शन के पुराने वीडियो को इजरायल में बेंजामिन नेतन्याहू के विरोध का बताकर गलत दावा किया जा रहा है। यह वीडियो 28 जनवरी 2026 से इंटरनेट पर मौजूद है, जबकि युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Mar 17, 2026 at 05:58 PM
- Updated: Mar 20, 2026 at 08:39 AM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें सड़क पर प्रदर्शन के दौरान मची अफरा-तफरी और कुछ लोगों को घायलों को ले जाते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन का है। ‘टाइम्स नाउ’ चैनल के फेसबुक पेज से भी इस वीडियो को समान दावे के साथ पोस्ट किया गया है।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वायरल वीडियो इजरायल का नहीं, बल्कि ईरान में हुए प्रदर्शन का है। वायरल वीडियो 28 जनवरी 2026 से इंटरनेट पर मौजूद है, जबकि युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘thelivetvnews’ ने 15 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “नेतनयाहू के खिलाफ फूटा इजराइलियों का गुस्सा! इजराइल में गृहयुद्ध शुरू!” पोस्ट में बताया गया है कि यह प्रदर्शन इजरायल के शहर तेल अवीव में हो रहा है। इस पोस्ट के 7 लाख 60 हजार से अधिक व्यूज हैं।

‘टाइम्स नाउ’ चैनल के फेसबुक पेज ने भी इस वीडियो को 15 मार्च 2026 को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए इसे इजरायल का बताया।

फेसबुक यूजर ‘भारत खबर’ ने भी इस वीडियो (आर्काइव लिंक) को इजरायल में नेतन्याहू के खिलाफ हुए प्रदर्शन का बताकर शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने इसके कीफ्रेम्स निकालकर उन्हें गूगल लेंस से सर्च किया। यह वीडियो हमें एक्स यूजर ‘Iran Human Rights (IHRNGO)’ के हैंडल पर मिला। इसे 30 जनवरी 2026 को पोस्ट करते हुए लिखा गया, “मशहद के एक वीडियो में सिक्योरिटी फोर्सेज मिलिट्री ग्रेड हथियारों से आम लोगों पर गोलियां चलाते दिख रहे हैं। फुटेज में कई प्रदर्शनकारी घायल भी दिख रहे हैं, जबकि लोकल लोग घायलों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित जगह ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। 8 जनवरी को इस्लामिक रिपब्लिक ने पूरे देश में इंटरनेट शटडाउन कर दिया और लोगों के खिलाफ बड़े पैमाने पर जानलेवा हिंसा की।” (अनुवाद)
वीडियो पर दिए गए कैप्शन में भी इसे ईरान में हुए प्रदर्शन का बताया गया है।
एक्स यूजर ‘Savakzadeh’ ने 29 जनवरी 2026 को इस वीडियो को पोस्ट करते हुए इसे 8 जनवरी 2026 को ईरान के मशहद में हुए प्रदर्शन का बताया ।
वीडियो पर इंस्टाग्राम हैंडल ‘reza_shah_tous’ का नाम दिया गया है। इस आधार पर हमने इस अकाउंट को स्कैन किया। 28 जनवरी को इस अकाउंट से वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा गया, “ईरान के मशहद में सरकारी ब्रॉडकास्टिंग बिल्डिंग के सामने आम लोगों पर गोलीबारी। इस्लामिक रिपब्लिक के सिक्योरिटी फोर्सेज ने निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाईं, जिसमें कई आम लोग मारे गए और कई घायल हुए। दुनिया को देखना चाहिए कि क्या हो रहा है।”

ईरान इंटरनेशनल की वेबसाइट पर 9 जनवरी 2026 को छपी खबर के अनुसार, “नॉर्वे की ईरान ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने जो डेटा जारी किया, उसके मुताबिक, ईरान में देशभर में फैली अशांति की नई लहर के दौरान करीब 51 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। अधिकारियों ने इंटरनेट पूरी तरह से बंद कर दिया है। ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि 13 दिन के सरकार विरोधी प्रदर्शनों में इन मौतों की पुष्टि हुई है। ये प्रदर्शन 28 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाजार में आर्थिक शिकायतों को लेकर शुरू हुए थे और तेजी से पूरे देश में फैल गए थे।”

इससे यह तो साबित हो गया कि वायरल वीडियो अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के शुरू होने से पहले का है और ईरान का है।
इसके बाद हमने इजरायल में विरोध प्रदर्शन के बारे में गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया। ‘अलजजीरा इंग्लिश’ के इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो पोस्ट कर लिखा गया, “तेल अवीव में एक छोटा युद्ध-विरोधी विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें ईरान पर इजरायल के हमलों की आलोचना की गई।”

इस बारे में हमने इजरायल के फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया और उन्हें वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि यह इजरायल का नहीं है। यहां इस तरह का कोई मामला नहीं हुआ है। हां, एक छोटा सा प्रदर्शन युद्ध के खिलाफ हुआ था, लेकिन यह उसका वीडियो नहीं है।
क्या है संदर्भ?
रॉयटर्स की वेबसाइट पर 17 मार्च 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध तीसरे हफ्ते में है। इसमें कम से कम 2 लोग मारे गए हैं। ईरान ने 17 मार्च को यूनाइटेड अरब अमीरात पर नए हमले किए। ईरान ने रातभर इजरायल पर मिसाइलें दागीं। उधर, इजरायली सेना ने कहा कि वह तेहरान में हमलों की एक नई लहर के साथ ‘ईरानी शासन के इंफ्रास्ट्रक्चर’ को निशाना बना रही है। वह बेरूत में भी हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रही है।”
ईरान के वीडियो को इजरायल का बताकर शेयर करने वाले यूजर के करीब 1 लाख 78 हजार इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: ईरान में हुए प्रदर्शन के पुराने वीडियो को इजरायल में बेंजामिन नेतन्याहू के विरोध का बताकर गलत दावा किया जा रहा है। यह वीडियो 28 जनवरी 2026 से इंटरनेट पर मौजूद है, जबकि युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था।
- Claim Review : यह वीडियो इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन का है।
- Claimed By : Insta User- thelivetvnews
- Fact Check : झूठ
- X Post of Iran Human Rights (IHRNGO), Dated 30 January 2026
- X Post of Savakzadeh, Dated 29 Jaunuary 2026
- Post of Insta Handle reza_shah_tous, Dated 28 January 2026
- Report of Iran International, Dated 9 January 2026
- Instagram Post of Alzajeera English
- Report of Reuters, Dated 17 March 2026
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