Fact Check: अलवर के होप सर्कस पर हाल ही में नहीं फहराया गया नीला झंडा, पुराना वीडियो झूठे दावे के साथ वायरल
राजस्थान के अलवर में 2024 में होप सर्कस के ऊपर नीले झंडे लगाए गए थे। उसी पुरानी घटना को हाल का बताकर मंदिर में तोड़फोड़ के फर्जी दावे के साथ शेयर किया गया है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Mar 24, 2026 at 02:47 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक बार फिर से एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। वीडियो को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि राजस्थान के अलवर में एक हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ करते हुए प्रो-बौद्धिस्ट अंबेडकरी समूह ने नीला झंडा लगा दिया है।
वीडियो में कुछ युवकों को नीला झंडा लगाते हुए देखा जा सकता है। इस पर जय भीम और देश के प्रथम कानून मंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसे हाल की घटना बताकर वायरल कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह दावा फर्जी साबित हुआ। वर्ष 2024 की घटना के वीडियो को एक बार फिर से वायरल करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। राजस्थान पुलिस ने इसका खंडन भी किया है। विश्वास न्यूज एक बार पहले भी इस वीडियो की पड़ताल कर चुका है। उस पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘theupto_date’ ने 23 मार्च 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “राजस्थान के अलवर में कथित तौर पर कुछ प्रो-बौद्धिस्ट अंबेडकरी समूह द्वारा हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। धार्मिक स्थलों पर हमला केवल संपत्ति का नुकसान नहीं, बल्कि समाज की एकता पर भी चोट है। ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें अलवर जिला प्रशासन का एक बैनर दिखा, जिसमें मतदान की अपील की गई थी। इसके अलावा इस पर 19 अप्रैल 2024 की तारीख लिखी भी नजर आई। इससे यह तो साबित हो गया कि वायरल वीडियो पुराना है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया गया। कीवर्ड से सर्च करने पर हमें एक पुराना वीडियो मिला। इसे 18 अप्रैल 2024 को एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड करते हुए अलवर का बताया गया। ‘Tinku Gautam Haryanvi’ नाम के इस यूजर ने वीडियो के कैप्शन में लिखा कि अलवर के मंदिर के ऊपर बाबा साहब का झंडा लगाया गया।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए अलवर और राजस्थान पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स को स्कैन किया। हमें अलवर पुलिस और राजस्थान पुलिस के हैंडल्स पर वायरल वीडियो का खंडन मिला।

राजस्थान पुलिस की ओर से लिखा गया, “फेक न्यूज से सावधान! ऐसी फेक न्यूज का राजस्थान पुलिस द्वारा खंडन किया जाता है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा कर यह दावा किया जा रहा है कि अलवर में किसी प्राचीन मंदिर में तोड़फोड़ की घटना हुई है। तथ्य जांच में सामने आया कि वायरल किया जा रहा वीडियो करीब 2 वर्ष पुराना है। इस वीडियो का वर्तमान समय या हालिया घटना से कोई संबंध नहीं है। इस प्रकार की भ्रामक जानकारी से सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका रहती है। राजस्थान पुलिस की अपील है कि किसी भी खबर/वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। अफवाह फैलाने या फेक न्यूज शेयर करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारा संकल्प है कि राजस्थान में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो में दिख रहे स्थान के बारे में सर्च किया। गूगल मैप की मदद से सर्च करने पर हमें स्ट्रीट व्यू में वायरल वीडियो वाली जगह नजर आई। गूगल स्ट्रीट व्यू में नजर आ रहा स्थान अलवर होप सर्कस है।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए अलवर के पुलिस अधीक्षक (SP) सुधीर चौधरी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल पोस्ट फर्जी है। दो साल पुरानी घटना के वीडियो को अब फिर से वायरल करके झूठ फैलाया जा रहा है। इस घटना पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है।
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। इसकी सोशल स्कैनिंग में पता चला कि यूजर को 70 हजार से ज्यादा लोग इंस्टाग्राम पर फॉलो करते हैं। यह अकाउंट दिसंबर 2024 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। राजस्थान के अलवर में 2024 में होप सर्कस के ऊपर नीले झंडे लगाए गए थे। उसी पुरानी घटना को हाल का बताकर मंदिर में तोड़फोड़ के फर्जी दावे के साथ शेयर किया गया है।
- Claim Review : अलवर में मंदिर में तोड़फोड़ करते हुए शिखर पर नीला झंडा फहराया गया।
- Claimed By : Instgram User
- Fact Check : झूठ
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












