Fact Check : ईरानी सेना द्वारा हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के दावे से वायरल हो रही यह तस्वीर वास्तविक नहीं, AI क्रिएटेड है
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल तस्वीर एआई-निर्मित साबित हुई। हेलीकॉप्टर के मलबे के पास ईरानी झंडा लिए सैनिकों की इस तस्वीर को गूगल एआई की मदद से तैयार किया गया है। इसका किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: May 5, 2026 at 03:18 PM
- Updated: May 5, 2026 at 03:30 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अप्रैल 2026 की शुरुआत में ईरान ने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया था, जिसके बाद अमेरिका ने अपने सैनिकों को बचाने के लिए एक अभियान चलाया था। अमेरिका-इजरायल और ईरान के तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि ईरान के सैनिकों ने एक हेलीकॉप्टर को गिरा दिया है और उसके मलबे के पास ईरान का झंडा लेकर खड़े हैं। इस तस्वीर को अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। तस्वीर को एआई की मदद से बनाया गया है। दरअसल, यह वायरल हो रही तस्वीर एआई-क्रिएटेड है, जिसे गूगल एआई की मदद से बनाया गया है।
क्या है वायरल?
फेसबुक पेज ‘ᴏꜰꜰɪᴄɪᴀʟ ꜱᴀʟᴍᴀɴ 09’ ने 1 मई 2026 को एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “रेगिस्तान की इस तस्वीर में गिरे हुए हेलीकॉप्टर के मलबे के बीच खड़े सैनिक और उनके हाथों में लहराता ईरान का झंडा—यह सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि जंग के बीच दिए जा रहे एक बड़े संदेश की झलक है। ‘हम जंग जीत रहे हैं, इंशाअल्लाह’ जैसे नारे इस तस्वीर को और ज्यादा चर्चा में ला रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में कोई जंग सिर्फ जीत की कहानी होती है? जहाँ एक तरफ जीत के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह मलबा उस नुकसान की याद दिलाता है जो हर युद्ध अपने पीछे छोड़ जाता है। टूटे हुए हेलीकॉप्टर के हिस्से, धूल में बिखरी चीजें और हथियारों के बीच खड़े सैनिक—यह सब मिलकर एक ऐसी हकीकत दिखाते हैं जो अक्सर नारों और दावों के पीछे छिप जाती है। ईरान का झंडा इस तस्वीर को एक अलग ही राजनीतिक और वैश्विक संदर्भ दे रहा है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ऐसी तस्वीरें सिर्फ जमीन पर हो रही घटनाओं को नहीं दिखातीं, बल्कि यह भी बताती हैं कि हर पक्ष अपने तरीके से दुनिया को एक संदेश देना चाहता है—ताकत, नियंत्रण और मनोबल का। सोशल मीडिया पर यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ लोग इसे जीत और साहस का प्रतीक मान रहे हैं, तो कुछ इसे युद्ध के प्रचार (propaganda) का हिस्सा बता रहे हैं। सच्चाई क्या है, यह समय और परिस्थितियाँ ही तय करेंगी—लेकिन इतना तय है कि जंग की कीमत हमेशा बहुत भारी होती है। आपकी नजर में यह तस्वीर क्या कहती है—जीत का ऐलान या जंग की कड़वी सच्चाई?”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वीर को समान संदर्भ में शेयर किया है। वायरल पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल लेंस टूल का उपयोग किया। तस्वीर को इसकी मदद से सर्च करने पर वायरल तस्वीर हमें किसी भी न्यूज वेबसाइट पर नहीं मिली। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस तस्वीर की भरमार थी। ऐसे में हमें वायरल तस्वीर के फेक होने का शक हुआ।
इसलिए हमने इस तस्वीर को गूगल के ‘सिंथआईडी’ डिटेक्टर की मदद से चेक किया। सिंथआईडी की एनालिसिस इस तस्वीर के गूगल एआई की मदद से बनाए जाने (कॉन्फिडेंस स्कोर: बेहद अधिक) की पुष्टि करती है। इसकी एनालिसिस के मुताबिक, इस तस्वीर में सिंथआईडी के डिटेक्ट होने की पुष्टि होती है। सिंथआईडी (SynthID) गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए किसी भी AI-जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उसे पहचानने का एक टूल है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए विश्वास न्यूज ने इस तस्वीर को एक अन्य डीपफेक डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया। ‘हाइव मॉडरेशन’ की एनालिसिस भी इस तस्वीर के ‘Gemini’ से बनाए जाने की अधिकतम संभावना (89.5%) की पुष्टि करती है। नतीजों में तस्वीर को 99.9 फीसदी एआई-निर्मित बताया गया।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई विशेषज्ञ अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने भी वायरल तस्वीर को फेक बताते हुए इसे एआई-जेनरेटेड बताया।
क्या है संदर्भ?
ईरान ने अप्रैल की शुरुआत में एक अमेरिकी F-15E विमान को गिरा दिया था, जिसे अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना गया था। 28 फरवरी 2026 को ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान के अंदर गिराया गया पहला अमेरिकी सैन्य विमान एफ-15ई था। इस विमान में पायलट और वेपन सिस्टम्स ऑफिसर समेत कुल दो सदस्य सवार थे। पायलट को शुरुआत में ही बचा लिया गया था, लेकिन दूसरा क्रू मेंबर घायल हालत में ईरान में ही छिपा रहा। उसे निकालने के लिए अमेरिका ने अभियान की शुरुआत की थी। आखिरकार अमेरिका ने दूसरे लापता अधिकारी को भी बचा लिया था। गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को अचानक हमला करके ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी थी, जिसके बाद से जंग जारी है। कुछ वक्त के लिए सीज फायर हुआ था, लेकिन इससे क्षेत्र में कोई खास शांति देखने को नहीं मिली।
जांच के अंत में एआई-निर्मित तस्वीर को शेयर करने वाले फेसबुक पेज की सोशल स्कैनिंग की गई। पता चला कि इस पेज को 2.38 लाख लोग फॉलो करते हैं। यह पेज मई 2023 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल तस्वीर एआई-निर्मित साबित हुई। हेलीकॉप्टर के मलबे के पास ईरानी झंडा लिए सैनिकों की इस तस्वीर को गूगल एआई की मदद से तैयार किया गया है। इसका किसी वास्तविक घटना से कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : हेलीकॉप्टर के मलबे के पास ईरानी झंडा लिए खड़े सैनिक।
- Claimed By : FB Page ᴏꜰꜰɪᴄɪᴀʟ ꜱᴀʟᴍᴀɴ 09
- Fact Check : झूठ
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