Fact Check: लड़की को जबरन लेकर जाने के मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं, परिवारवाले जबरदस्ती घर ले गए
लड़की को जबरन ले जाने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वीडियो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का है और प्रेम प्रसंग से संबंधित मामला है। इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। लड़की को लेकर जाने वाले उसी के घरवाले हैं।
- By: Pragya Shukla
- Published: May 14, 2026 at 05:49 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एक लड़की को पकड़कर कार में लेकर जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मुस्लिम लड़की ने दूसरे समुदाय के एक लड़के का विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसी वजह से दिनदहाड़े उसका अपहरण कर लिया गया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का है और दो महीने पुराना है। दरअसल, राजस्थान के भीलवाड़ा से एक लड़की अपने प्रेमी से मिलने के लिए मैनपुरी आई थी। वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी, लेकिन उसके घरवाले उसे जबरदस्ती लेकर चले गए । लड़का और लड़की दोनों एक ही समुदाय के हैं। प्रेम प्रसंग के इस वीडियो को माहौल खराब करने के इरादे से फर्जी और मनगढ़ंत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Nasimuddin Aimim’ ने 12 मई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “एक भारतीय मुस्लिम लड़की ने एक हिंदू युवक के विवाह प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसके बाद कथित तौर पर हिंदुत्व भीड़ और पुलिस द्वारा दिनदहाड़े उसका अपहरण कर अमानवीय तरीके से घसीटा गया। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ एक लड़की पर हमला नहीं बल्कि इंसानियत, महिलाओं की आज़ादी और कानून के शासन पर हमला है। किसी भी महिला को उसकी मर्जी के खिलाफ डराना, उठाना या प्रताड़ित करना घोर अपराध है। दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट ‘भास्कर डॉट कॉम’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को दो महीने पहले प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो मैनपुरी में हुई घटना का है। लड़की अपने प्रेमी से मिलने के लिए राजस्थान से आई थी और उसके साथ ही रहना चाहती थी, लेकिन उसके परिवार वाले उसे वापस लेकर जा रहे थे। रिपोर्ट में वीडियो भी मौजूद है।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 9 मार्च 2026 को प्रकाशित किया गया था। इसके अनुसार, मामला मैनपुरी के कुर्रा थाना परिसर का था। पायगांव के रहने वाले 25 वर्षीय ऋतिक यादव राजस्थान के भीलवाड़ा में नौकरी करता था। वहीं उसकी मुलाकात 22 साल की एक लड़की से हुई थी। दोनों का दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की के घरवालों को पता चला तो उन्होंने ऋतिक के खिलाफ भीलवाड़ा थाने में शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने ऋतिक को थाने बुलाया और घंटों बिठाए रखने के बाद लड़की से दूर रहने की हिदायत दी। इस घटना के बाद ऋतिक डर गया और वह वापस अपने गांव लौट आया। इस बीच, प्रेमिका ने उससे फोन पर बात की तो ऋतिक ने पूरी घटना बताई। इसके बाद लड़की घर पर बिना बताए ऋतिक के गांव आ गई और वहां रहने लगी। लड़की के घरवाले भी कुछ दिन बाद पुलिस लेकर मैनपुरी पहुंचे।

‘यूपी तक’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर हमें दावे से जुड़ी रिपोर्ट मिली। इस वीडियो रिपोर्ट को 10 मार्च 2026 को अपलोड किया गया था। यहां भी घटना को प्रेम प्रसंग का मामला बताया गया है। साथ ही यह भी जानकारी दी गई है कि लड़की को वापस ले जाने वाले उसके अपने घरवाले ही थे।
पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट मैनपुरी पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी मिली। पोस्ट को 9 मार्च 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, मामला प्रेम प्रसंग का था। लड़की के माता-पिता ने लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद उसके घरवाले पुलिस के साथ उसे वापस लाने के लिए मैनपुरी पहुंचे थे।
अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण मैनपुरी के जिला प्रभारी शेखर गौर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो प्रेम प्रंसग की घटना का है। लड़की राजस्थान से मैनपुरी अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए आ गई थी। फिर उसके घरवाले उसे वापस लेने के लिए आए थे। यह वीडियो उसी दौरान का है। वीडियो में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस फेसबुक यूजर को लगभग 25 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को मुंबई का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि लड़की को जबरन ले जाने के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वीडियो उत्तर प्रदेश के मैनपुरी का है और प्रेम प्रसंग से संबंधित मामला है। इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। लड़की को लेकर जाने वाले उसी के घरवाले हैं।
- Claim Review : मुस्लिम लड़की ने विवाह प्रस्ताव ठुकराया तो हिंदुओं ने उसका अपहरण कर लिया गया।
- Claimed By : FB User Nasimuddin Aimim
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