Fact Check: छत्तीसगढ़ में रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी का वीडियो पुराना है, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान से संबंध नहीं
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में फरवरी 2026 में एक पुलिसकर्मी को एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते हुए दबोचा था, जबकि 'कॉकरोच जनता पार्टी' अभियान की शुरुआत मई 2026 में हुई है। उस घटना के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: May 25, 2026 at 03:54 PM
- Updated: May 25, 2026 at 05:54 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की युवाओं को लेकर कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोगों को एक पुलिसकर्मी को पकड़े हुए और उसकी जेब से रुपये निकालते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पुलिसकर्मी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो फरवरी 2026 का है, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ा अभियान 16 मई 2026 से शुरू हुआ है। दरअसल, फरवरी 2026 में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में सब इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। उस घटना के वीडियो को अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के सदस्यों का अभियान बताकर गलत दावा किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Gaurav Pal’ ने 21 मई 2026 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “30 हजार की रिश्वत लेते हुए दरोगा को धर लिया। कॉकरोच जनता पार्टी ने पूरे देश में सड़े गले सिस्टम की सफाई शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ में ₹30000 की रिश्वत लेने वाले दरोगा को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।”
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। एक्स यूजर ‘NewsX World’ ने 26 फरवरी 2026 को वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है कि सब इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ को एसीबी ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।
एक्स यूजर ‘Abhijit Majumder’ ने 25 फरवरी 2026 को इसी वीडियो को पोस्ट करते हुए इसे छत्तीसगढ़ का बताया है।
‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर 25 फरवरी 2026 को छपी रिपोर्ट में वायरल क्लिप को देखा जा सकता है। खबर के अनुसार, मामला छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की पोड़ी पुलिस चौकी का है, जहां एसीबी की टीम ने एसआई अब्दुल मुनाफ को 25 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। आरोप है कि अब्दुल मुनाफ ने एक किसान को मर्डर केस में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये मांगे थे। जब पीड़ित 25 हजार रुपये देने गया तो एसीबी की टीम ने पुलिसकर्मी को पकड़ लिया।

इस बारे में हमने ‘नईदुनिया’ रायपुर में डिप्टी न्यूज एडिटर रामकृष्ण डोंगरे से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह एक पुराना मामला है। इसका हाल-फिलहाल की किसी घटना से कोई संबंध नहीं है।
क्या है संदर्भ?
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान कुछ युवाओं के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द का प्रयोग किया था। इस टिप्पणी पर काफी बहस छिड़ गई थी। ‘बीबीसी’ की 16 मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अपनी टिप्पणी पर हुए विवाद को लेकर मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था। उन्होंने कहा था कि उनका बयान फर्जी डिग्रियां लेकर वकालत जैसे पेशों में प्रवेश करने वालों के खिलाफ था, न कि सामान्य युवाओं के खिलाफ।
‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 21 मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश के बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ शुरू हुआ। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं। अभिजीत ने 16 मई को लोगों से इस अभियान से जुड़ने के लिए अपील की थी।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के एक्स अकाउंट पर भारत में रोक लगी हुई है, जबकि इंस्टाग्राम हैंडल पर पहली पोस्ट 17 मई 2026 को की गई है और इस पर करीब 23 मिलियन (2 करोड़ 30 लाख) फॉलोअर्स हैं।
वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले एक्स यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। उन्होंने अपनी लोकेशन लखनऊ दी है और जनवरी 2014 से उनका अकाउंट सक्रिय है। यूजर के 2300 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में फरवरी 2026 में एक पुलिसकर्मी को एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते हुए दबोचा था, जबकि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान की शुरुआत मई 2026 में हुई है। उस घटना के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : 'कॉकरोच जनता पार्टी' के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पुलिसकर्मी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
- Claimed By : X User- Gaurav Pal
- Fact Check : झूठ
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