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Fact Check: गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने भरत तिवारी ‘एनकाउंटर’ पर नहीं, यूपी के मामलों को लेकर दिया था बयान

विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि भाजपा सांसद रवि किशन ने एनकाउंटर के समर्थन में जो बयान दिया था, वह उत्तर प्रदेश के संदर्भ में था।

नई दिल्‍ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें एनकाउंटर को सही ठहराते हुए सुना जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस बयान को बिहार में हुए भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर से जोड़कर शेयर कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि रवि किशन ने कहा है कि भरत तिवारी अपराधी था इसलिए उसका ‘एनकाउंटर’ हुआ।

विश्वास न्यूज ने विस्तार से वीडियो की जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि रवि किशन ने यूपी में हुए एनकाउंटर पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में अपना बयान दिया था। इसका बिहार के कथित एनकाउंटर से कोई संबंध नहीं है। बीजेपी सांसद रवि किशन के बयान को गलत संदर्भ के साथ वायरल करके झूठ फैलाया जा रहा है।

क्या हो रहा है वायरल?

इंस्टाग्राम हैंडल ‘Chautha Khamba Official’ ने 30 जून 2026 को एक वीडियो अपलोड करते हुए दावा किया, “भरत तिवारी के एनकाउंटर पर सांसद रवि किशन का बयान।”

वीडियो में रवि किशन को यह बोलते हुए सुना जा सकता है, “एनकाउंटर किसी सामान्य, किसी अच्छे परिवार का, किसी ऐसे व्यक्ति का नहीं हो रहा है। ऐसे लोग जो अपराधी हैं, जिस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। ऐसी बातें, देखिए कानून व्यवस्था पर। चुनाव है। हम जानते हैं चुनाव आ रहा है। ऐसी सब बातें कर के आप जनता को बहका नहीं सकते। जनता जानती है। जो भी व्यक्ति का एनकाउंटर हुआ है, मारा गया है, वह व्यक्ति अपराधी था। या वह अपराध करने जा रहा था, या वह अपराध करता। उस वक्त पुलिस पर हत्या, पुलिस पर गोली चलाता।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने जांच की शुरुआत कीवर्ड सर्च से की। सबसे पहले वायरल वीडियो के आधार पर कई कीवर्ड बनाए गए। फिर उन्‍हें गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें ‘आजतक’ के फेसबुक पेज पर एक पोस्ट मिली। 30 जून 2026 की इस पोस्ट में बताया गया, “यूपी में हो रहे एनकाउंटर को लेकर बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि जिन लोगों का एनकाउंटर हुआ है, वे सामान्य नागरिक नहीं, बल्कि आपराधिक मामलों में शामिल आरोपी थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर कई मुकदमे दर्ज थे और जनता जानती है कि एनकाउंटर अपराधियों का हुआ है। रवि किशन ने विपक्ष पर चुनावी माहौल में जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।”

इसी तरह आजतक के यूट्यूब चैनल पर हमें वायरल वीडियो का बड़ा वर्जन मिला। इसमें रिपोर्टर को यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि अखिलेश यादव ने लगातार हो रहे एनकाउंटर पर सवाल उठाया है। इसके जवाब में रवि किशन को वायरल वीडियो वाला बयान देते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में रवि किशन को उत्तर प्रदेश के विकास की बात करते हुए अखिलेश यादव को विकास की राजनीति करने की भी सलाह देते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो 28 जून 2026 को अपलोड किया गया। कैप्शन में भी बताया गया कि भाजपा सांसद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए करारा जवाब दिया।

सर्च के दौरान ‘नवभारत लाइव’ के यूट्यूब चैनल पर भी हमें रवि किशन का पूरा बयान मिला। 29 जून 2026 को अपलोड हुए इस वीडियो में सांसद रवि किशन को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए विकास के मुद्दों पर राजनीति करने की सलाह देते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में 2 मिनट 8 सेकंड पर एक पत्रकार को यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि अखिलेश यादव ने लगातार हो रहे एनकाउंटर पर सवाल खड़ा किया है। इसी का जवाब देते हुए भाजपा सांसद ने वायरल बयान दिया था। इस पूरी बातचीत में कहीं भी बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर का संदर्भ नहीं मिला।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए रवि किशन के सोशल मीडिया हैंडल्स को खंगाला। हमें 30 जून 2026 को अपलोड किया गया एक बयान मिला। इसमें रवि किशन ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। वायरल बयान यूपी के अपराधियों के संदर्भ में दिया गया था। पोस्ट में लिखा गया, “सांसद रवि किशन का जो बयान सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, वह स्वर्गीय भरत तिवारी जी प्रकरण के संदर्भ में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई और एनकाउंटर नीति पर दिया गया था। किसी पुराने या अलग संदर्भ के बयान को किसी नए मामले से जोड़कर प्रस्तुत करना भ्रम पैदा करता है। इसलिए किसी भी बयान का मूल्यांकन उसके मूल संदर्भ में ही किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक विमर्श में तथ्यों और संदर्भों की शुद्धता उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी किसी मुद्दे पर अपनी राय रखना। सांसद रवि किशन का बयान उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई/एनकाउंटर नीति पर था और उसे बाद में भरत तिवारी प्रकरण से जोड़कर पेश किया जा रहा है, तो यह दोनों संदर्भों को मिलाना उचित नहीं होगा।”

विश्वास न्‍यूज ने जांच के दौरान सांसद रवि किशन के निजी सचिव पवन दुबे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। रवि किशन ने यूपी में हो रहे एनकाउंटर के संदर्भ में पूछे गए एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए वायरल वीडियो वाली बात कही थी। उन्होंने भरत तिवारी ‘एनकाउंटर’ को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।

क्या है संदर्भ?

बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी नाम के एक युवा का पुलिस ने कथित एनकाउंटर कर दिया। मृतक भरत भूषण तिवारी के स्वजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपनी पिस्तौल भी फेंक दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। 30 जून 2026 की ‘जागरण डॉट कॉम’ की एक खबर के अनुसार, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए याचिका को हाईकोर्ट ले जाने को कहा है। इससे पहले भी इस केस से जुड़ी याचिका को लेकर, याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने मेंशनिंग करने का निर्देश दिया गया था। दूसरी ओर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज से इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि भाजपा सांसद रवि किशन ने एनकाउंटर के समर्थन में जो बयान दिया था, वह उत्तर प्रदेश के संदर्भ में था। मीडिया से बातचीत में कहीं भी भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर का उन्होंने जिक्र नहीं किया था। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए रवि किशन ने यूपी के संदर्भ में वायरल बयान दिया था।

  • Claim Review : भाजपा सांसद रवि किशन ने भरत तिवारी एनकाउंट पर दिया बयान।
  • Claimed By : IG User Chautha Khamba Official
  • Fact Check : झूठ

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