X
X

Fact Check: अवैध घुसपैठियों को भगाने के लिए स्पेन की सेना का सुअर के मांस के टुकड़े फेंकने का यह वीडियो AI निर्मित

अवैध घुसपैठियों को भगाने के लिए स्पेन की सेना द्वारा सुअर के मांस के टुकड़े फेंकने का वायरल वीडियो असली नहीं, बल्कि एआई से बना हुआ है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Aug 4, 2026 at 06:13 PM
  • Updated: Aug 4, 2026 at 06:16 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। स्पेन के स्यूटा में मोरक्को से हाल ही में 60 हजार से अधिक लोगों ने अवैध तरीके से घुसने का प्रयास किया था, इस घटना में कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसी से जोड़ते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सेना को लोगों के सामने मीट के टुकड़े डालते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि स्पेन की सेना ने अवैध घुसपैठियों को भगाने के लिए उनके ऊपर सुअर के मांस के टुकड़े फेंके थे। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो असली नहीं, बल्कि इसे एआई से बनाया गया है। इस वीडियो को अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Suneel M. Awasthi’ ने 31 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “यह मोरक्को वाले मु*** स्पेन में घुसे थे यह स्पेन वाले भी अलग है इन्होंने सूअर का मांस काट काट के फेंका है इनके ऊपर स्वाद आ गया स्पेन आर्मी…यह मास्को_वाले मु***_#स्पेन में घुसे थे यह स्पेन_वाले भी अलग है इन्होंने सूअर_का_मांस काट काट के फेंका है इनके_ऊपर”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने उसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो का क्लियर वर्जन इंस्टाग्राम अकाउंट ‘bebenigerien’ और एक्स अकाउंट ‘@DrClownPhD’ पर 31 जुलाई 2026 को शेयर किया हुआ मिला। मौजूद जानकारी के मुताबिक, इस वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है। 

https://twitter.com/DrClownPhD/status/2082931158958948588

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ की मदद से सर्च किया। इस टूल ने वीडियो के 99 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई। इस टूल ने ‘seedance2’ की मदद से वायरल वीडियो के बने होने के संकेत दिए।

हमने एआई डिटेक्शन टूल्स ‘human meter’ का इस्तेमाल किया। इस टूल ने 82 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें अन्य एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से जांचा। हमने ‘साइटइंजन’ की मदद से कीफ्रेम को सर्च किया। इस टूल ने 99 फीसदी तक कीफ्रेम के एआई की मदद से बने होने की संभावना जताई।

एआई डिटेक्शन टूल ‘AI or Not’ ने भी कीफ्रेम को एआई की मदद से बना हुआ बताया। इस टूल के अनुसार, 98 फीसदी तक इस वीडियो के कीफ्रेम्स एआई से बनाए गए हैं और वे डीपफेक हैं। 

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई एक्सपर्ट डॉ अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो में कई तकनीकी खामियां हैं। इसमें दिख रहे लोगों के चेहरों की बनावट काफी अटपटी है। कई लोगों के चेहरे गौर से देखने पर टेढ़े-मेढ़े नजर आते हैं। इतना ही नहीं, सेना के जवान जो मांस के टुकड़े फेंक रहे हैं, वे हवा में ही गायब हो रहे हैं। वीडियो के आखिर में जो शख्स कैमरे के सामने आता है, उसके चेहरे के हाव-भाव रोबोटिक लगते हैं। 

क्या है संदर्भ?

‘सीएनएन’ की वेबसाइट पर 1 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, ”8 जुलाई 2026 को स्पेन की सुप्रीम कोर्ट ने कुछ अवैध प्रवासियों को लेकर एक फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि जो प्रवासी समुद्र में पकड़े गए हैं, उन्हें बिना कानूनी प्रक्रिया के तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता। यह खबर गलत संदर्भ में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। सोशल मीडिया पर इस खबर से यह बात फैल गई कि स्पेन में पानी के रास्ते आने वाले लोगों पर ‘ओपन-बॉर्डर’ पॉलिसी, यानि खुली सीमा नीति लागू कर दी गई है। इसके बाद मोरक्को से 60 हजार से भी अधिक लोग पानी में तैरते हुए स्पेन के स्यूटा शहर पहुंच गए।  इस पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

‘Al Jazeera’ की वेबसाइट पर 2 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन के स्यूटा शहर में करीब 60 हजार प्रवासियों ने घुसपैठ करने का प्रयास किया था। इस घटना में 72 लोगों की मौत हो गई। स्पेन प्रशासन ने इस घुसपैठ पर सख्ती से कार्रवाई करते हुए करीब 48 हजार लोगों को मोरक्को वापस भेज दिया है। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। 

‘अमर उजाला’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, “स्यूटा उत्तरी अफ्रीका स्थित स्पेन के दो एन्क्लेव में से एक है और यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए लंबे समय से एक प्रमुख प्रवेश मार्ग रहा है। मोरक्को के पड़ोसी इलाकों से बड़ी संख्या में लोग जोखिम उठाकर समुद्र के रास्ते यहां पहुंचने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह सफर अक्सर जानलेवा साबित होता है।”

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस फेसबुक यूजर को करीब आठ हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया है। यह यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि अवैध घुसपैठियों को भगाने के लिए स्पेन की सेना द्वारा सुअर के मांस के टुकड़े फेंकने का वायरल वीडियो असली नहीं, बल्कि एआई से बना हुआ है।

  • Claim Review : स्पेन की सेना ने अवैध घुसपैठियों को भगाने के लिए उन पर सुअर का मीट फेंका।
  • Claimed By : FB User Suneel M. Awasthi
  • Fact Check : झूठ

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later