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Fact Check : बाघ के सिर पर हाथ फेरते युवक के वीडियो में नहीं है कोई सच्चाई, एआई टूल की मदद से बनाया गया फर्जी वीडियो 

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इस वीडियो की जांच की। यह पूरी तरह फर्जी साबित हुआ। इसे एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल की मदद से बनाया गया है। वीडियो के साथ लिखी गई कहानी भी पूरी तरह से फर्जी है। 

  • By: Umam Noor
  • Published: Oct 31, 2025 at 04:57 PM
  • Updated: Oct 31, 2025 at 05:15 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर इनदिनों एक वीडियो काफी ज्‍यादा वायरल है। इसमें एक शख्‍स को शराब के नशे में बाघ के सिर पर हाथ फेरते हुए और उसे शराब पिलाने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस वीडियो को सच समझकर वायरल कर रहे हैं। 

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इस वीडियो की जांच की। यह पूरी तरह फर्जी साबित हुआ। इसे एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल की मदद से बनाया गया है। वीडियो के साथ लिखी गई कहानी भी पूरी तरह से फर्जी है। 

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ‘बिष्ट एस गोपाल’ ने 30 अक्टूबर को एक वीडियो को पोस्‍ट करते हुए लिखा, “52 वर्षीय राजू पटेल ने रात में “बिल्ली” समझकर असली बाघ के सिर पर हाथ फेर दिया! ठर्रे के नशे में बोले – “हट न बे किटी.” बाघ ने कुछ नहीं कहा, बस चुपचाप खड़ा रहा. अब सुबह से राजू के घर पर लाइन लगी है ब्रांड कौन सा पी रखा था ये पूछने के लिए।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल हो रहे इस वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में हमें बाघ और व्यक्ति के हाथ, पैर और मूवमेंट थोड़े अजीब लगे। वहीं, स्ट्रीट लाइट का खंभा भी थोड़ा फेक नजर आया। जिससे हमें इस वीडियो के एआई से बने होने का अंदेशा हुआ।

अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो को एआई तस्वीरों की जांच करने वाले टूल ‘डीकॉपी डॉट एआई’ में वीडियो का फ्रेम अपलोड किया। यहां मिले नतीजे के मुताबिक, 69 फीसदी इस बात की संभावना है कि कीफ्रेम एआई संभावित हैं।

इसी आधार पर अपनी पड़ताल को हमने आगे बढ़ाया और ‘वाज इट एआई डॉट कॉम’ पर भी इस वीडियो के कीफ्रेम को अपलोड किया। यहां भी मिले नतीजों के मुताबिक, इसमें एआई की संभावना मिली।

जांच के अगले चरण में ज्‍यादा पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने अलग-अलग टूल्‍स की मदद से वायरल वीडियो का एनालिसिस किया। 

IsitAI टूल के एनालिसिस ने वायरल वीडियो के कीफ्रेम के 69 फीसदी एआई होने की आशंका जताई।

AIorNot टूल के नतीजों से भी वीडियो का कीफ्रेम एआई निर्मित साबित हुआ। 

वायरल वीडियो की सच्‍चाई जानने के लिए हमने एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें कई क्लू बताए, जैसे वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति के हाथ और पैरों की बनावट। और आसपास का मंजर स्केच जैसा नजर आ रहा है। माचवे ने बताया कि ये वीडियो एआई तकनीक से तैयार किया गया है।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए वाइल्‍ड लाइफ एक्‍सपर्ट अजय दुबे से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया, “वायरल वीडिया देशभर में पेंच टाइगर रिजर्व के बाघ के नाम पर वायरल किया गया है। यह पूरी तरह से फर्जी है। इसे एआई तकनीक की मदद से बनाया गया है। प्रकृति के नियमों में बाघ से इतनी निकटता असंभव है। थाईलैंड आदि जगह में ड्रग्स के कारण बाघों के साथ लोग फोटो खींचते हैं। भारत में ऐसा संभव नहीं है।” 

सोशल मीडिया पर अक्सर ही एआई निर्मित वीडियो सच समझकर वायरल हो जाते हैं। ऐसे कई वीडियो की जांच विश्वास न्यूज ने भी की है। इससे संबंधित फैक्ट चेक रिपोर्ट्स विश्वास न्यूज की वेबसाइट पर पढ़े जा सकते हैं।

अब बारी थी फर्जी वीडियो को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर ‘बिष्ट एस गोपाल’ को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, यूजर उत्तराखंड में अल्मोड़ा के रहने वाले हैं।

निष्‍कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुआ। शराबी व्‍यक्ति और बाघ का यह वीडियो एआई तकनीक की मदद बनाया गया है। भारत में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। 

  • Claim Review : 52 वर्षीय राजू पटेल ने रात में “बिल्ली” समझकर असली बाघ के सिर पर हाथ फेर दिया
  • Claimed By : फेसबुक यूजर 'बिष्ट एस गोपाल'
  • Fact Check : झूठ

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