Fact Check: 30 सितंबर के बाद ATM से 500 के नोटों के नहीं मिलने का दावा FAKE, RBI ने नहीं जारी किया ऐसा कोई नोटिफिकेशन
नोटबंदी के बाद जारी 500 रुपये के नोटों को बंद किए जाने का दावा फेक है। आरबीआई ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। आरबीआई ने अप्रैल महीने में नोटिफिकेशन जारी करते हुए बैंकों को उनके एटीएम में 100 और 200 रुपये के नोटों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसी नोटिफिकेशन के आधार पर 500 रुपये के नोटों को चरणबद्ध तरीके से चलन से बाहर किए जाने के फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Jun 16, 2025 at 03:54 PM
- Updated: Jun 16, 2025 at 06:33 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 2023 में 2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन से वापस लिए जाने की घोषणा के बाद भी करीब छह हजार करोड़ रुपये के 2000 रुपये के नोट अभी भी चलन में हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इसी संदर्भ में दावा कर रहे हैं कि 2000 रुपये के बैंक नोटों को चलन से वापस लिए जाने के बाद अब 500 रुपये के नोटों को भी वापस लिए जाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। दावा किया जा रहा है कि आरबीआई ने सभी बैंकों को 30 सितंबर से एटीएम में 500 रुपये के नोटों को नहीं डाले जाने का निर्देश दिया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। आरबीआई की तरफ की तरफ से 500 रुपये के नोटों को चरणबद्ध तरीके से चलन से बाहर किए जाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। ग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने बैंकों को एटीएम में 100 और 200 रुपये के नोटों की संख्या का बढ़ाए जाने का निर्देश दिया था। यह ग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया निर्देश था, जिसे 500 रुपये के बैंक नोट को चरणबद्ध तरीके से चलन से बाहर किए जाने के दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। साथ ही यह दावा भी गलत है कि 30 सितंबर के बाद से बैंकों के एटीएम से 500 रुपये के नोट नहीं निकलेंगे।
क्या है वायरल?
विश्वास न्यूज के टिपलाइन नंबर +91 9599299372 पर भी कई यूजर्स ने इस दावे को भेजते हुए सच्चाई बताने का अनुरोध किया है।

कई अन्य यूजर्स ने 500 रुपये के नोट की तस्वीर को समान संदर्भ में शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी बैंकों से 30 सितंबर के बाद से उनके एटीएम में 500 रुपये के नोटों को वितरित न करने का निर्देश दिया है। इसके बाद से बैंकों के एटीएम केवल 200 रुपये और 100 रुपये के नोटों को ही वितरित करेंगे।
चूंकि, वायरल पोस्ट में यह दावा आरबीआई के निर्देशों के आधार पर किया गया है, इसलिए हमने ऐसे किसी संबंधित दिशानिर्देशों के लिए आरबीआई की वेबसाइट को चेक किया।
सर्च में हमें आरबीआई की वेबसाइट पर 28 अप्रैल 2025 को जारी किया हुआ नोटिफिकेशन मिला, जिसमें कहा गया कि 30 सितंबर 2025 तक 75 प्रतिशत एटीएम से नियमित तौर पर 100 और 200 रुपये के नोट निकलते रहने चाहिए। इस अधिसूचना में कहा गया है कि ऐसा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि एटीएम में नोटों के कैसेट्स (वह ट्रे जिसमें अलग-अलग मूल्य के नोटों को रखा जाता है) में से कम से कम एक में 100 और 200 रुपये के नोट जरूर होने चाहिए।

वहीं, 31 मार्च 2026 तक ऐसे एटीएम की संख्या 75 फीसदी के मुकाबले 90 फीसदी होना चाहिए, जिसमें कम से कम एक कैसेट में 100 और 200 रुपये के नोट होने चाहिए।
इस अधिसूचना को जारी करते हुए कहा गया कि बार-बार इस्तेमाल होने वाले नोटों तक जनता की पहुंच बढ़ाने की दिशा में अपने प्रयास के तहत, आरबीआई ने सभी बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटरों (स्वतंत्र ऑपरेटरों) से ऐसा सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
इस अधिसूचना में कहीं भी बैंकों को एक निश्चित अवधि के बाद एटीएम में 500 रुपये नहीं रखने के किसी निर्देश का जिक्र नहीं है। हालांकि, इसी सर्कुलर के आधार पर 500 रुपये के नोटों को चरणबद्ध तरीके से चलन से बाहर किए जाने का फेक दावा किया जा रहा है।
गौरतलब है कि आठ नवंबर 2016 की मध्य रात्रि से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया गया और महात्मा गांधी (नई) सीरीज (MGNS) के 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों को नवंबर 2016 में जारी किया गया। हालांकि, मई 2023 में आरबीआई ने 2000 के नोटों को चलन से बाहर किए जाने की घोषणा की थी।

आरबीआई की 2024-25 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, अब केंद्रीय बैंक ने दो, पांच और 2000 रुपये के नोटों को छापना बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चलन से वापस लिए जाने के बाद 31 मार्च 2025 तक 98.2 फीसदी 2000 रुपये के बैंक नोट वापस आ चुके हैं।
इसके बाद हमने वायरल दावे को लेकर आरबीआई से संपर्क किया और हमें बताया गया कि आरबीआई ने ग्राहकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बैंकों को एटीएम में 100 और 200 रुपये के नोटों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया।
केंद्र सरकार की फैक्ट चेकिंग यूनिट पीआईबी फैक्ट चेक ने भी इस वायरल दावे का खंडन करते हुए कहा है, “2026 के बाद चरणबद्ध तरीके से 500 रुपये के नोटों को बंद किए जाने का दावा फेक है। आरबीआई ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। 500 रुपये के नोट को अमान्य घोषित नहीं किया गया है और ये लीगल टेंडर बने रहेंगे।”
बिजनेस और इकोनॉमी से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट को विश्वास न्यूज के बिजनेस सेक्शन में पढ़ा जा सकता है। साथ ही बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों की विस्तृत जानकारी प्रदान करती एक्सप्लेनर रिपोर्ट को विश्वास न्यूज के एक्सप्लेनर सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: नोटबंदी के बाद जारी 500 रुपये के नोटों को बंद किए जाने का दावा फेक है। आरबीआई ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। आरबीआई ने अप्रैल महीने में नोटिफिकेशन जारी करते हुए बैंकों को उनके एटीएम में 100 और 200 रुपये के नोटों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसी नोटिफिकेशन के आधार पर 500 रुपये के नोटों को चरणबद्ध तरीके से चलन से बाहर किए जाने के फेक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : RBI ने जारी की अधिसूचना, 2026 के बाद चलन में नहीं रहेंगे 500 रुपये के नोट।
- Claimed By : Tipline User
- Fact Check : झूठ
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