80 लाख से ज्यादा लोग मरते हैं तंबाकू के कारण, युवा और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा
- By: Ashish Maharishi
- Published: Apr 10, 2025 at 02:56 PM
- Updated: Apr 10, 2025 at 03:00 PM
नई दिल्ली। देश में तंबाकू के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सेवन से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है। तंबाकू के कारण कई प्रकार के कैंसर, दिल की बीमारियां, फेफड़ों के रोग होते हैं। जिसके कारण न सिर्फ परिवार उजड़ते हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और समाज को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बढ़ते शहरीकरण और कॉरपोरेट लाइफ के कारण पुरुषों की तरह महिलाएं भी खुलकर धूम्रपान के माध्यम से तंबाकू का सेवन कर रही हैं।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, हर साल 80 लाख से ज्यादा लोग तंबाकू के सेवन से बेमौत मरते हैं। इतना ही नहीं, जो स्मोकिंग नहीं करते हैं, वे भी अपनी जान इसके कारण गंवा देते हैं। सेकेंड हैंड स्मोकिंग से मरने वालों की संख्या 12 लाख से ज्यादा है, जबकि 65 हजार से ज्यादा बच्चे सेकंड हैंड स्मोकिंग से जुड़ी बीमारियों से मर जाते है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा भारत में तम्बाकू के उपयोग से होने वाली बीमारियों और मौतों की आर्थिक लागत पर किए गए अध्ययन के अनुसार, भारत में 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगों द्वारा धूम्रपान और धूम्ररहित तम्बाकू के उपयोग के कारण होने वाली बीमारियों और असामयिक मौतों का आर्थिक बोझ भारत के सकल घरेलू उत्पाद के 1% से अधिक है।
केपीएमजी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों और असमय मौतों के कारण जीडीपी का एक प्रतिशत का नुकसान होता है। तंबाकू से होने वाली बीमारियों और मौतों के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। एक अनुमान के अनुसार, 49% युवा इसका सेवन करते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट से पता चला कि भारत में तंबाकू उत्पादों से उत्पाद शुल्क के रूप में प्राप्त हर 100 रुपए पर, अर्थव्यवस्था को 816 रुपये का नुकसान होता है, क्योंकि तम्बाकू के सेवन से होने वाले रोगों और अकाल मृत्यु पर खर्च अधिक होता है।

सिर और गर्दन के कैंसर के सर्जन डॉ. कनक यादव कहते हैं कि तंबाकू का किसी भी प्रकार से सेवन मुंह और गले के कैंसर का कारण बन सकता है। इसमें धूम्रपान से लेकर पान-मसाला, खैनी, पान और सुपारी तक शामिल है। इसके अलावा शराब के साथ धूम्रपान करने से कैंसर का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। शरीर के अंदर पाए जाने वाला एक खास प्रकार का जीन कैंसर को रोकने में मदद करता है। लेकिन तंबाकू के सेवन से यह कैंसर के सेल में तब्दील हो जाता है और इंसान कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित हो जाता है।

तंबाकू सिर्फ पुरुषों के लिए ही हानिकारक नहीं है, बल्कि इसके कारण महिलाओं और बच्चों को भी नुकसान हो सकता है। मध्य प्रदेश के हरदा स्थित बघेल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) डॉक्टर यशली ठाकुर गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चे पर तंबाकू के नकारात्मक प्रभाव के बारे में चेताते हुए बताती हैं कि तंबाकू का किसी भी तरह से सेवन मां अैर बच्चे, दोनों के लिए बहुत हानिकारक है। गर्भावस्था के दौरान कई बार समय से पहले गर्भपात हो सकता है। इतना ही नहीं, बच्चों के मानसिक विकास पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

तंबाकू से होने वाली खतरनाक बीमारियां
तंबाकू का किसी भी प्रकार से सेवन से कई प्रकार का कैंसर हो सकता है। इसमें मुख्य रूप से मुंह और गले का कैंसर शामिल है। इसके अलावा जीभ, गाल में भी कैंसर हो सकता है। तंबाकू से नाक और फेफड़े के कैंसर का भी अंदेशा रहता है।
शरीर के हर अंग के लिए खतरनाक है तंबाकू
तंबाकू का सेवन, चाहे वह सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, जर्दा, पान मसाला या हुक्का के रूप में हो, शरीर के लगभग हर अंग पर बुरा असर डालता है। यह न केवल कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि हृदय और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। बीएचयू हॉस्पिटल में कार्यरत जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर ओम शंकर कहते हैं कि तंबाकू में मौजूद निकोटिन और अन्य रसायन रक्त वाहिकाओं को संकुचित करते हैं, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है। इतना ही नहीं। तंबाकू का सेवन रक्तचाप को तेज़ करता है, जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है। तंबाकू के लगातार सेवन से फेफड़ों में सूजन और इसे नुकसान पहुंचना शुरू हो जाता है। फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण धूम्रपान ही है।

मजबूत इच्छाशक्ति से ही दूर होगा तंबाकू का नशा
किसी भी प्रकार का नशा छोड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हथियार होता है- मजबूत इच्छाशक्ति। कई बार देखने में आया है कि इंसान तंबाकू के सेवन से खुद को दूर करना चाहता है, लेकिन असफल हो जाता है। अमेरिका हार्ट एसोसिएशन की वेबसाइट पर तंबाकू की लत को छोड़ने के कुछ सुझाव दिए गए हैं। इन्हें फॉलो कर तंबाकू के नशे से मुक्ति पाई जा सकती है।

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल एक्सपर्ट्स की मदद से लिखा गया है। यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए है। किसी भी सलाह के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












