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Fact Check: हरी शिमला मिर्च को स्प्रे करके लाल किए जाने का यह वीडियो असली नहीं, AI निर्मित है

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो कोई असली मामला नहीं है। यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ फैलाया जा रहा है।

  • By: Umam Noor
  • Published: Nov 4, 2025 at 05:31 PM
  • Updated: Nov 4, 2025 at 05:47 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर लैब जैसी जगह में नजर आ रही एक महिला को हरी शिमला मिर्च को स्प्रे कर लाल करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह असली मामला है जहां इस तरह से शिमला मिर्च को रंगा जा रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो कोई असली मामला नहीं है। यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ फैलाया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

इंस्टाग्राम यूजर ‘ms_katil_2026’ ने वायरल वीडियो को शेयर किया। वीडियो पर लिखा है. “यही हम लोग खाते हैं जो अलग अलग बीमारी हमारे शरीर में होती है जैसे कैंसर जैसी घातक बीमारी।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को गौर से देखा। वीडियो में हमें महिला की उंगलिया थोड़ी अलग नजर आई और रोबोटिक मूवमेंट दिखा। जिससे हमें इस वीडियो के एआई निर्मित होने का अंदेशा हुआ।

पड़ताल में आगे हमने वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल के जरिए सर्च किया। हमने वीडियो को हाइव मॉडरेशन पर अपलोड किया। टूल ने वीडियो के AI-जेनरेटेड होने की 99.9 प्रतिशत संभावना व्यक्त की।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो के की-फ्रेम को निकाला और एआई तस्वीरों की जांच करने वाले टूल decopy.ai पर अपलोड किया। इस टूल ने 92 प्रतिशत तक वीडियो के की-फ्रेम को AI से बने होने की संभावना जताई।

जांच के अगले चरण में ज्यादा पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस (TIA) की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने अलग-अलग टूल्‍स की मदद से वायरल वीडियो का एनालिसिस किया।

IsitAI टूल के एनालिसिस ने वायरल वीडियो के कीफ्रेम के 99 फीसदी एआई होने की आशंका जताई।

AIorNot टूल के नतीजों से भी वीडियो का कीफ्रेम एआई निर्मित साबित हुआ।

‘वाज इट एआई डॉट कॉम’ पर भी इस वीडियो के कीफ्रेम को एआई निर्मित बताया गया।

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, इस तरह कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन यह एआई निर्मित हैं।

बता दें, शिमला मिर्च शुरुआत में हरी रंग की होती है, क्योंकि उसमें ज्यादातर क्लोरोफिल मौजूद होता है। मिर्च जब पूरी तरह अंकुर से फल बनकर कुछ समय पौधे पर लगी रहती है, तो उसमें क्लोरोफिल टूटने लगती है, जो लाल-नारंगी रंग देते हैं। इसके अलावा, सिर्फ समय ही नहीं, बल्कि मौसम (सूरज की रोशनी, तापमान) और किस्म (वेरायटी) भी महत्वपूर्ण होती हैं। आम तौर पर लाल मिर्च प्राकृतिक रूप से पकने के बाद ही उस रंग में आती हैं।

अमेरिकी सरकार की आधिकारिक वेबसाइट नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ सालों में सब्जियों को हानिकारक रंगों से रंगने का चलन एक स्वास्थ्य समस्या बन गया है। अगर लोग ऐसी रंगी हुई सब्जियां ज्यादा मात्रा में खाते हैं, तो इससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जिनमें कैंसर भी शामिल है।

होम साइंस जर्नल डॉट कॉम की एक आर्टिकल के अनुसार, अगर फल और सब्जियों में मिलावट की जाए, जैसे कि आर्टिफिशियल रंग या केमिकल मिलाए जाएं, तो इससे लॉन्ग टर्म हेल्थ में सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है, जिसमें कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा भी शामिल है।

मिसिसिप्पी स्टेट यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन पर दी गई जानकारी के अनुसार, बेल पेपर (शिमला मिर्च) पहले हरी स्थिति में होती है, लेकिन जैसे-जैसे यह अधिक समय तक पौधे पर रहती है, यह पीली, नारंगी या लाल रंग में बदल जाती है, यानी इसका रंग प्राकृतिक तरीके से पकने की प्रक्रिया का हिस्सा है। 

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर ms_katil_2026′ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 73 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो कोई असली मामला नहीं है। यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ फैलाया जा रहा है।

  • Claim Review : इस तरह से शिमला मिर्च को रंगा जा रहा है।
  • Claimed By : इंस्टाग्राम यूजर 'ms_katil_2026'
  • Fact Check : झूठ

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