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Fact Check: भारत में मिलावटी दूध से कैंसर होने के नाम पर वायरल हो रही चेतावनी FAKE, WHO ने भी किया खंडन 

भारत में दूध में मिलावट के कारण देश में 2035 तक 87 फीसदी लोगों को कैंसर होने की WHO की चेतावनी फर्जी है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भी  खंडन करते हुए इसे फेक बताया है। 

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Aug 5, 2026 at 01:19 PM
  • Updated: Aug 5, 2026 at 04:44 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक बार फिर से एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मिलावट की समस्‍या को लेकर चिंता जाहिर करते हुए एक चेतावनी जारी किया है। दावे के अनुसार डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि दूध में लगातार मिलावट बढ़ रही है। अगर मिलावट ऐसे ही चलती रही, तो 2035 तक भारत में 87 फीसदी लोग कैंसर का शिकार हो जाएंगे। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा कई सालों से सोशल मीडिया पर वायरल है। पहले इसी दावे को ‘2025 तक 87 फीसदी भारतीय कैंसर का शिकार होंगे’ कहकर वायरल किया गया था। अब साल 2025 को 2035 करके इस दावे को फिर वायरल किया जा रहा है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन भी कई बार इस दावे का खंडन कर चुका है और इसे फेक न्यूज बता चुका है। 

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘विकल्प कुचामनसिटी’ ने 3 अगस्त 2026 को वायरल पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “भारत में दूध का उत्पादन 14 करोड़ लीटर है, लेकिन खपत 64 करोड़ लीटर! ये अतिरिक्त दूध कहाँ से आता है? WHO की चेतावनी है कि अगर मिलावट नहीं रुकी तो 2035 तक 87% भारतीयों को कैंसर हो सकता है। #मिलावटीदूध #सेहतकाखत।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

विश्‍वास न्‍यूज के टिपलाइन नंबर +91 9599299372 पर एक यूजर ने इस पोस्ट को शेयर किया है।

पड़ताल 

वायरल पोस्ट को गौर से देखने पर हमने पाया कि इसमें जो रिपोर्ट दिखाई गई है, उस पर 19 सितंबर 2035 की तारीख दी गई है, जबकि अभी 2026 चल रहा है। इससे जांच की शुरुआत में ही स्पष्ट हो गया कि वायरल पोस्ट फेक है। 

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने संबंधित कीवर्ड्स की मदद से गूगल सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट ‘WHO India’ के आधिकारिक फेसबुक पेज पर मिली। इसे 3 अगस्त 2026 को शेयर किया गया था। पोस्ट में वायरल दावे का खंडन करते हुए कहा गया है,”यह दावा झूठा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत सरकार को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट के कारण 2035 तक 87% भारतीयों को कैंसर और अन्य बीमारियां हो सकती हैं। WHO ने ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है।”

इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों से ऐसी किसी जानकारी को शेयर करने से पहले भरोसेमंद स्रोतों से तथ्यों की पुष्टि करने की अपील की है।

सर्च के दौरान हमें नवंबर 2019 की लोकसभा की कार्यवाही की एक PDF फाइल भी मिली। इसमें मौजूद जानकारी के अनुसार, तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से दूध में मिलावट को लेकर सवाल किए गए थे। उस दौरान उन्होंने सभी दावों का खंडन करते हुए कहा था कि वैश्विक एजेंसी की ओर से इस तरह की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है और न ही भारत सरकार को ऐसी कोई सलाह दी गई है।

सरकार की ओर से 26 नवंबर 2025 को जारी की गई एक प्रेस रिलीज में मौजूद डेटा के मुताबिक, “साल 2024-25 में देश में कुल दूध उत्पादन का अनुमान 247.87 मिलियन टन रहा था। जबकि 2023-24 में उत्पादन 239.30 मिलियन टन रहा था। प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 2014-15 में 319 ग्राम/दिन से बढ़कर 2024-25 में 485 ग्राम/दिन हो गई थी। दूध उत्पादन करने वाले शीर्ष 5 राज्य हैं: उत्तर प्रदेश (15.66%), राजस्थान (14.82%), मध्य प्रदेश (9.12%), गुजरात (7.78%) और महाराष्ट्र (6.71%)। ये राज्य मिलकर देश के कुल दूध उत्पादन में 54.09% का योगदान करते हैं।” 

PIB प्रेस रिलीज का स्क्रीनशॉट।

सोशल मीडिया पर पहले भी यह दावा वायरल हो चुका है। साल 2022 और 2023 में भी यह दावा वायरल हुआ था। उस दौरान हमने दावे की पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी। हमने डब्ल्यूएचओ से ईमेल के जरिए संपर्क कर इस बारे में बातचीत की थी। उनका कहना, “डब्ल्यूएचओ ने ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है।” 

क्या है संदर्भ?

देशभर में नकली दूध, मावा की खबरें आती रहती हैं। पिछले दिनों महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में बड़ी मात्रा में नकली दूध बनाकर बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। ‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर सात दिन पहले प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरोह ने दो करोड़ लीटर से ज्यादा मिलावटी दूध बाजार में सप्लाई किया है। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने फर्जी दावे के साथ पोस्ट शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को 18 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि भारत में दूध में मिलावट के कारण देश में 2035 तक 87 फीसदी लोगों को कैंसर होने की WHO की चेतावनी फर्जी है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भी  खंडन करते हुए इसे फेक बताया है। 

  • Claim Review : WHO की चेतावनी, भारत में मिलावटी दूध के कारण 87% लोगों को कैंसर का खतरा।
  • Claimed By : FB User विकल्प कुचामनसिटी
  • Fact Check : झूठ

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