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Fact Check: मोहन भागवत और मुलायम सिंह यादव की शिष्टाचार मुलाकात की तस्वीर को एडिट कर गलत दावे से किया जा रहा वायरल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और असदुद्दीन ओवैसी की मुलाकात वाली तस्वीर फेक और एडिटेड है।

  • By Vishvas News
  • Updated: December 22, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सोशल मीडिया पर सियासी दुष्प्रचार के मामलों में तेजी आई है। इसी संदर्भ में वायरल हो रही एक तस्वीर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच की यह मुलाकात की हालिया तस्वीर है।

विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। ओवैसी के साथ मोहन भागवत की यह तस्वीर एडिटेड और फर्जी है। सोमवार को दिल्ली में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पोती की शादी के कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की मुलाकात हुई थी। इसी तस्वीर को एडिट कर मुलायम सिंह यादव की जगह ओवैसी की तस्वीर लगा दी गई और फिर इसे सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार की मंशा से शेयर किया गया।

क्या है वायरल पोस्ट में?

विश्वास न्यूज के व्हाट्सएप चैटबॉट पर यूजर्स ने वायरल तस्वीर को भेजते हुए इसकी सच्चाई बताने का अनुरोध किया है।

विश्वास न्यूज के व्हाट्सएप चैटबॉट पर भेजी गई तस्वीर

फेसबुक यूजर ‘Saleem Akhter Siddiqui’ ने भी वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है, ”लोग भी कमाल करते हैं। पता नहीं चल पा रहा है कि कौनसा असली फोटो है?”

पड़ताल

वायरल पोस्ट में दो तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है। पहली तस्वीर में एक ही सोफा पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ असदुद्दीन ओवैसी साथ बैठे हुए नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में उसी सोफे पर मोहन भागवत और मुलायम सिंह यादव साथ बैठे हुए नजर आ रहे हैं।

रिवर्स इमेज सर्च में हमें कई न्यूज रिपोर्ट्स में यह तस्वीर मिली, जिसमें मुलायम सिंह यादव और संघ प्रमुख मोहन भागवत साथ बैठे हुए नजर आ रहे हैं।

सभी न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुलायम सिंह यादव की मुलाकात नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पोती निहारिका के विवाह समारोह से संबंधित कार्यक्रम के दौरान हुई थी। इस तस्वीर के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से समाजवादी पार्टी पर हमला बोला था।

यूपी कांग्रेस के इस सियासी हमले पर समाजवादी पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पलटवार भी किया गया।

समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से इस तस्वीर के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि जिस कार्यक्रम में मुलायम सिंह यादव और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात हुई, उसी कार्यक्रम में कांग्रेस की सहयोगी एनसीपी के नेताओं ने भी नेताजी का आशीर्वाद लिया था, लेकिन कांग्रेस राजनीतिक शिष्टाचार को पूरी तरह से भूल चुकी है।

हमारी अब तक की पड़ताल से यह स्पष्ट है कि नई दिल्ली में सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पोती की शादी के कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत और समाजवादी पार्टी के पूर्व संरक्षक मुलायम सिंह यादव की शिष्टाचार मुलाकात हुई थी और इस कार्यक्रम में अन्य नेता भी मौजूद थे।

वायरल तस्वीर को लेकर हमने एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान से वॉट्सऐप पर संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘असदुद्दीन ओवैसी और मोहन भागवत की मुलाकात की तस्वीर फेक है और लोगों को ऐसी तस्वीरों के जरिए गुमराह किया जा रहा है। इस तरह की फर्जी तस्वीरों को फैलाने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’

वायरल तस्वीर को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब 11 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और असदुद्दीन ओवैसी की मुलाकात वाली तस्वीर फेक और एडिटेड है। मूल तस्वीर नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की पोती की शादी से संबंधित कार्यक्रम में मोहन भागवत और मुलायम सिंह यादव के बीच हुई शिष्टाचार मुलाकात की है, जिसे ए़डिट कर गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किया जा रहा है।

  • Claim Review : मोहन भागवत और असदुद्दीन ओवैसी की मुलाकात की तस्वीर
  • Claimed By : Whatsapp User
  • Fact Check : झूठ
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