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Fact Check: यह तस्वीर 2014 में यूक्रेन में सुरक्षा बलों के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़प से संबंधित है

यूक्रेन में साल 2014 में कीव स्थित इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन की तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ हालिया रूस-यूक्रेन सैन्य संघर्ष से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।

  • By Vishvas News
  • Updated: March 4, 2022

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों का एक कोलाज वायरल हो रहा है, जिसके जरिए यह दावा किया जा रहा कि इनमें से एक तस्वीर यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले की है और दूसरा यूक्रेन पर रूस के हमले की बाद की है।

विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा भ्रामक निकला। कोलाज में शामिल जिस तस्वीर को रूसी हमले के बाद यूक्रेन में हुई तबाही का मंजर बताते हुए शेयर किया जा रहा है, वह 2014 में यूक्रेन की राजधानी कीव में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुए हिंसक संघर्ष की है। इस तस्वीर का मौजूदा रूस-यूक्रेन युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Qismatツ’ने वायरल तस्वीर (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, ”.Ukraine 20.02.2022 ❤️
.Ukraine 25.02.2022 💔
.Please Stop Killing Inocent People😭.”

रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भ्रामक दावे के साथ वायरल हो रही तस्वीर

पड़ताल

वायरल कोलाज में जिस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है, उसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह रूसी सेना के हमले के बाद की हुई तबाही की तस्वीर है। गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह तस्वीर कई सालों पुरानी न्यूज रिपोर्ट्स में लगी मिली, जो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने से काफी पहले की है।

theatlantic.com की वेबसाइट पर 21 फरवरी 2014 को प्रकाशित रिपोर्ट में इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है, जिसके मुताबिक यह यूक्रेन के इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन की तस्वीर है।

theatlantic.com की वेबसाइट पर 21 फरवरी 2014 को प्रकाशित रिपोर्ट में इस्तेमाल तस्वीर, जिसे रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भ्रामक दावे से वायरल किया जा रहा है

अन्य न्यूज रिपोर्ट्स में भी इस तस्वीर का इस्तेमाल समान संदर्भ में किया गया है। rt.com की वेबसाइट पर 20 फरवरी 2015 को प्रकाशित रिपोर्ट में इस तस्वीर को कीव में 2014 में हुए मेदान क्रांति से जुड़े प्रदर्शन का बताया गया है।

rt.com की वेबसाइट पर 20 फरवरी 2015 को प्रकाशित रिपोर्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर

इससे पहले भी सोशल मीडिया पर रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़कर ऐसी ही तस्वीरें और वीडियो को साझा किया गया है, जो पुरानी घटनाओं से संबंधित हैं। विश्वास न्यूज पर रूस-यूक्रेन युद्ध से संबंधित सभी फैक्ट चेक कवरेज को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

पिछले गुरुवार को रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत हुई थी और न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी सैनिक अब यूक्रेन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर खेरसन को अपने कब्जे में ले चुके हैं।

निष्कर्ष: यूक्रेन में साल 2014 में कीव स्थित इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन की तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ हालिया रूस-यूक्रेन सैन्य संघर्ष से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।

  • Claim Review : रूस यूक्रेन सैन्य संघर्ष के बाद का नजारा
  • Claimed By : FB User-Qismat
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