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Fact Check: वक्फ बोर्ड के समर्थन में नहीं हुई रैली, वीडियो 2015 के मदरसा शिक्षकों के पटना प्रदर्शन का है

बिहार के पटना में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दावे से वायरल वीडियो 2015 में पटना में मदरसा शिक्षकों के प्रदर्शन का है, जिस पर पुलिस ने लाठियां चलाई थीं।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की कार्यवाही के बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस को लाठी भांजते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह बिहार की घटना है, जहां पटना में वक्फ बोर्ड के समर्थन में जूलूस निकाल रहे लोगों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया ।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। वायरल वीडियो बिहार की घटना का है, लेकिन इसका न तो वक्फ संशोधन विधेयक से कोई संबंध है और न ही यह हाल की घटना है। संबंधित वीडियो 2018 में पटना में बिहार राज्य मदरसा शिक्षक संगठन की तरफ से आयोजित शिक्षकों के प्रदर्शन का है, जिसमें पुलिस ने लाठियां भांजी  थीं।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Rajdev Singh’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “बिहार- पटना में वक्फ बोर्ड के समर्थन में जूलूस निकाल कर उपद्रव कर रहे समुदाय विशेष के लोग भूल गए की यह लालू और तेजस्वी की सरकार नहीं हैं!

नीतीश कुमार और बीजेपी गठबंधन की सरकार है, पुलिस ने पहले तो इन्हें प्यार से समझाया, और ये मानने को तैयार न थे तब मजबूरन पुलिस को इनकी जमकर खातिरदारी करनी पड़ी।”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो कुल 2 मिनट 51 सेकेंड का है और इसमें एक मिनट 06 सेकेंड के फ्रेम में पुलिस की मार से घायल प्रदर्शनकारी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे ‘मदरसा वेतन’ की मांग कर रहे थे और पुलिस ने उनकी पिटाई कर दी।

इसी आधार पर की-वर्ड सर्च करने पर हमें यह वीडियो ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की वेबसाइट पर 28 अगस्त 2015 को प्रकाशित रिपोर्ट में लगा मिला, जिसमें दी गई जानकारी के मुताबिक, “बिहार के पटना शहर में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर पुलिस के लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए। पिछले दो वर्षों से बकाया वेतन का भुगतान नहीं होने को लेकर बिहार राज्य मदरसा शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षक सरकार के खिलाफ पिछले चार दिनों से धरना पर बैठे थे।”

हमें यह वीडियो एएनआई न्यूज के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया हुआ मिला, जिसमें इसे समान संदर्भ के साथ साझा किया गया है।

हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा वीडियो 2015 में हुए विरोध प्रदर्शन का है, जिसे वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ पटना में मुस्लिमों के विरोध प्रदर्शन के दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

वायरल वीडियो को लेकर हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण के समाचार संपादक अश्विनी सिंह से संपर्क किया और उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यह वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ हुए प्रदर्शन का वीडियो नहीं है।

गौरतलब है कि प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, आठ अगस्त 2024 को वक्फ (अमेंडमेंट) बिल, 2024 और मुसलमान वक्फ (रिपील) बिल, 2024 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके बाद इस वक्फ (संसोधन) विधेयक, 2024 को संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) को रेफर कर दिया गया था।

पिछले कई दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें वक्फ ने अलग-अलग संपत्तियों पर दावा किया है। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, वक्फ बोर्ड ने जहां कर्नाटक के 53 एएसआई स्थलों पर अपना दावा ठोंका है, वहीं इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बदरुद्दीन अजमल ने दिल्ली की संसद भवन को वक्फ की संपत्ति बताया।

वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब दो हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय व अर्थव्यवस्था और बिजनेस से संबंधित अन्य एक्सप्लेनर रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के एक्सप्लेनर सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: बिहार के पटना में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दावे से वायरल वीडियो 2015 में पटना में मदरसा शिक्षकों के प्रदर्शन का है, जिस पर पुलिस ने लाठियां चलाई थीं।

  • Claim Review : बिहार के पटना वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम प्रदर्शनकारी पर पुलिस ने भांजी लाठिया।
  • Claimed By : FB User-Rajdev Singh
  • Fact Check : भ्रामक

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