Fact Check: चिन्मय दास के वकील की हत्या किए जाने का दावा गलत, वायरल तस्वीर झड़प में मारे गए अन्य वकील की है
बांग्लादेश के सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय दास की वकील की हत्या का दावा गलत है। इस दावे के साथ वायरल तस्वीर चटगांव की अदालत के बाहर दास के समर्थकों और पुलिस व वकील के बीच हुई झड़प में मारे गए असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सैफुल इस्लाम की है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Dec 5, 2024 at 06:31 PM
- Updated: Dec 30, 2024 at 02:30 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बांग्लादेश में सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय दास की राजद्रोह के मामले में गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट को लेकर दावा किया जा रहा है कि कोर्ट में उनका पक्ष रख रहे वकील की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी पोस्ट में मारे गए वकील का नाम सैफुल इस्लाम बताया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। बांग्लादेश में चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद हुए हंगामे में जिस वकील की मृत्यु हई, वह चिन्मय दास के वकील नहीं हैं। मृत वकील का नाम सैफुल इस्लाम उर्फ आलिफ है, जो असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर थे। चटगांव में अदालत के बाहर सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय दास ब्रह्मचारी के समर्थकों और वकीलों एवं पुलिस के बीच हुई झड़प में वकील सैफुल इस्लाम मारे गए थे।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘शिवाजी महन्त’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “बांग्लादेश में राजद्रोह के मामले में चिन्मय प्रभु दास का बचाव कर रहे मुस्लिम वकील की कोर्ट के बाहर भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। बांग्लादेशी हिंदुओं को भारत सरकार से तत्काल मदद की जरूरत है। चिन्मय प्रभु दास की राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हिंदुओं पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की । कई हिंदू अस्पताल में भर्ती बड़े स्तर पर भयंकर नरसंहार ।”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस तस्वीर को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल पोस्ट में किए गए दावे की जांच के लिए हमने न्यूज सर्च की मदद ली। सर्च में हमें बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल prothomalo.com की वेबसाइट पर 26 नवंबर को प्रकाशित रिपोर्ट मिली।
रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, “चटगांव में बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी के समर्थकों और वकीलों व सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प में एक वकील की मौत हो गई। चटगांव वकील संघ के प्रेसिडेंट नजीमउद्दीन ने प्रोथोम अलो को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने वकील की उनके चैंबर के पास हत्या कर दी।”
मृतक वकील की पहचान सैफुल इस्लाम उर्फ आलिफ के तौर पर हुई, जो सहायक लोक अभियोजक थे। रिपोर्ट में उनकी तस्वीर भी है, जो वायरल पोस्ट में नजर आ रही तस्वीर से मिल खाती है।
अन्य रिपोर्ट्स में भी इस घटना का जिक्र है। सभी रिपोर्ट्स में उन्हें सहायक लोक अभियोजक या असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बताया गया है।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, “तीन दिसंबर को बांग्लादेश के चटगांव की अदालत में सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय दास की ज़मानत याचिका पर सुनवाई के दौरान के उनकी तरफ़ से कोई वकील पेश नहीं हुआ। चिन्मय दास को 26 नवंबर को चटगांव के कोतवाली थाने में दर्ज देशद्रोह के मामले में कोर्ट में पेशी के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया था। अब ऐसे आरोप लग रहे हैं कि धमकियों के कारण चिन्मय दास की तरफ़ से कोई वकील सामने नहीं आ रहा है। लेकिन चटगांव बार एसोसिएशन ने किसी वकील को धमकी दिए जाने की बात से इनकार किया है।”
‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्कॉन इंडिया ने दावा किया है कि गिरफ्तार चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी का बचाव करने वाले बांग्लादेशी वकील के घर पर हमला किया गया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए और फिलहाल वे आईसीयू में भर्ती हैं।
यह रिपोर्ट, इस्कॉन इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और प्रवक्ता राधारमन दास के ट्वीट पोस्ट के आधार पर लिखी गई है। रिपोर्ट में चिन्मय दास के वकील का नाम रमन रॉय बताया गया है। हालांकि, विश्वास न्यूज इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि रमन रॉय, चिन्मय दाव का बचाव करने वाले वकील हैं। रिपोर्ट्स के आधार पर, हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि वकील नहीं मिलने की वजह से चिन्मय दास की जमानत की सुनवाई को टाल दिया गया।
हमारी जांच से स्पष्ट है कि बांग्लादेश में चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद उनके वकील की हत्या का दावा गलत है। वायरल पोस्ट को लेकर हमने बांग्लादेशी फैक्ट चेक तौसिफ अकबर से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “चिन्मय दाव के वकील की हत्या का दावा गलत है।”
गौरतलब है कि बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के कई मामले सामने आए हैं। इस मामले को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत सरकार ने हिंसा की इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और बांग्लादेश सरकार के साथ अपनी चिंताओं को साझा किया है।
अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश सांसदों ने भी बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसा पर चिंता जताई है।
वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब तीन हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। बांग्लादेश से संबंधित अन्य फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: बांग्लादेश के सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय दास की वकील की हत्या का दावा गलत है। इस दावे के साथ वायरल तस्वीर चटगांव की अदालत के बाहर दास के समर्थकों और पुलिस व वकील के बीच हुई झड़प में मारे गए असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सैफुल इस्लाम की है।
- Claim Review : बांग्लादेश में चिन्मय दास के वकील की कोर्ट के बाहर पीट-पीट कर हत्या।
- Claimed By : FB User-शिवाजी महन्त
- Fact Check : भ्रामक
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












