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कैसे रहे ‘साइबर सेफ’ और क्या करें यदि कोई आपके फोटो को अनुमति के बिना अपलोड करता है

नई दिल्‍ली (विश्‍वास टीम)। सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी पोस्ट्स आती रहती हैं जिसमे महिलाओं की तस्वीरें होती हैं और साथ में डिस्क्रिप्शन लिखा होता है कि ‘क्लिक करने पर अपना व्हाट्सएप नंबर दूंगी’। कई बार लिखा होता है ’10 लोगों को शेयर करो तो तुमसे व्हाट्सएप पर चैट करूंगी’। कई बार सोशल मीडिया पर महिलाओं की अभद्र तस्वीरें भी शेयर की जाती हैं। अक्सर यह तस्वीरें महिलाओं की सहमति के बिना पोस्ट की जाती हैं। कई बार महिलाओं को पता भी नहीं होता कि उनकी तस्वीर कहीं इस्तेमाल की जा रही है। इस आर्टिकल में हमने यह बताने की कोशिश की है कि आप अपने आपको ऐसी किसी परिस्तिथि में  फंसने से बचा सकती हैं। यदि आप ऐसी परिस्थिति में फंस जाती हैं तो आपको क्या करना चाहिए, यह भी आप यहां जान सकती हैं। 

क्या करें जब कोई आपकी फोटो का मिसयूज करे

सबसे पहले, आपको यह पता करना चाहिए कि आपकी तस्वीरों का इस्तेमाल किसी और ने किया है क्या। Google रिवर्स इमेज सर्च का उपयोग करके आपको देखना चाहिए कि क्या आपकी तस्वीर कहीं इस्तेमाल की गयी है। यह हमेशा पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं है लेकिन फिर भी यह एक उपयोगी टूल है।


यदि आप पाते हैं कि कोई व्यक्ति आपके फोटो का ऑनलाइन उपयोग कर रहा है, तो क्या करें?

फेसबुक पर बहुत से सिक्योरिटी फीचर्स हैं जिनके बारे में कई लोग नहीं जानते। यदि आपको लगता है कि कोई पोस्ट सही नहीं है तो पोस्ट के राइट साइड में टॉप पर दिए हुए तीन डॉट्स पर क्लिक करिये। स्क्रॉल डाउन में पांचवा ऑप्शन होता है ” Find Support And Report Post”. इस पर क्लिक करने पर आपके सामने कई ऑप्शंस आते हैं, जिनमे से न्यूडिटी और हरेसमेंट भी है। आप अपनी रिपोर्ट मैटर की ग्रेविटी के अनुसार तय कर सकते हैं। सबमिट करने पर फेसबुक सख्त कार्यवाही करता है और अभद्र कंटेंट को हटा भी सकता है। 


कानूनी रूप से क्‍या करें 

आईटी अधिनियम की धारा 67 और 67A, क्रमश: अश्लील और यौन स्पष्ट सामग्री के, प्रकाशन और वितरण पर रोक लगाती है, जबकि 67B बाल पोर्नोग्राफी के किसी भी तरीके से प्रकाशन, वितरण, सुविधा और खपत को रोकती है। उसी अधिनियम की धारा 66 ई निजता(प्राइवेसी) के उल्लंघन के लिए सजा में काम  करती है, और स्पष्ट रूप से किसी व्यक्ति के निजी क्षेत्र की छवि को बिना उसकी सहमति के कैप्चर करना, प्रकाशित करना या प्रसारित करना मना करती है।
ऐसे मामलों में जहां पीड़ित की न्‍यूड या अश्लील तस्वीरें बिना सहमति के अपलोड की जाती हैं, आरोपी पर आईटी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाता है। साथ ही यह विषय आईपीसी की धारा 500 और 506 के तहत मानहानि के मामले दर्ज कर सकता है और आईटी अधिनियम के तहत धारा 66 ई और 67 ए भी कानूनी उपचार प्रदान करता है जिसके तहत कोई भी आरोपी को आरोपित कर सकता है। दोषी साबित होने पर 5 साल तक की सजा और 5 लाख रूपए के जुर्माने का प्रवधान है। 

इस सिलसिले में हमने Internet and Mobile Association of India(IAMAI) में कंसलटेंट, रक्षित टंडन से बात की। रक्षित वर्तमान में “सेफ सर्फिंग कैंपेन” को अंजाम दे रहे हैं। जिसमें बच्चों और महिलाओं के लिए साइबर सिक्योरिटी पर सेमिनार आयोजित किए जाते हैं।

बातचीत में रक्षित ने हमें बताया यह एक बड़ी समस्या है पर इसका निराकरण सिर्फ एक है, ‘साइबर अवेरनेस’। रक्षित ने बताया कि इंटरनेट के ज़माने में सेफ रहना है तो जागरूक होना पड़ेगा, “यदि आप स्मार्टफोन का ठीक से उपयोग करना चाहते हैं तो पहले स्मार्ट बनें”। उनके अनुसार महिलाओं को साइबर सेफ बनने के लिए इन चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए:


1. अपने मोबाइल को जानें 


स्मार्ट फ़ोन में 2 जगहों पर आपका डाटा सेव होता है। फोन और क्लाउड मेमोरी में। एंड्राइड फोन में क्लाउड मेमोरी जीमेल आईडी से लिंक होती है और IOS में एपल आईडी से। आपके जीमेल आईडी या एपल आईडी का पासवर्ड पा कर कोई भी आपकी निजी तस्वीरें या वीडियो देख सकता है। इसलिए ज़रूरी है कि आप पासवर्ड सेफ्टी मज़बूत रखें और लॉगिन के लिए टू  फैक्टर ऑथेंटिकेशन या डबल वेरिफिकेशन का ऑप्शन चुने। डबल वेरिफिकेशन में आपको लॉगिन करने के लिए पासवर्ड के साथ-साथ एक OTP भी चाहिए होता है जो कि आपके फोन नंबर पर आता है। 


2. प्राइवेसी


फेसबुक, इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आपके पास प्राइवेसी के कई विकल्‍प मौजूद होते हैं। इनसे आप तय कर सकते हैं कि आप अपनी जानकारी किसके साथ शेयर कर सकते हैं। 


3. सेफ्टी 


कभी भी अनजान व्यक्ति को अपनी फ्रेंडलिस्ट में ऐड करने से बचें। इससे आपकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। 


4. शिकायत करें 


यदि आपकी तस्‍वीर या कोई निजी जानकारी किसी दूसरी जगह यूज की जा रही है तो आप इसकी शिकायत सीधे पुलिस से या फिर सोशल मीडिया से करें। 

पूरा सच जानें…

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी खबर पर संदेह है जिसका असर आप, समाज और देश पर हो सकता है तो हमें बताएं। हमें यहां जानकारी भेज सकते हैं। हमें contact@vishvasnews.com पर ईमेल कर सकते हैं। इसके साथ ही वॅाट्सऐप (नंबर – 9205270923) के माध्‍यम से भी सूचना दे सकते हैं।

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