Fact Check: मल्लिकार्जुन खरगे की 2006 की रमजान की तस्वीर को किया जा रहा भ्रामक दावे से वायरल
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि मल्लिकार्जुन खरगे की रमजान में की गई इफ्तार की यह तस्वीर साल 2006 की है। 23 अक्टूबर 2006 की यह तस्वीर उस वक्त की है, जब वो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे और बेंगलुरु की एक इफ्तार पार्टी में गए थे। पुरानी तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ फैलाया जा सकता है।
- By: Umam Noor
- Published: Mar 5, 2025 at 01:41 PM
- Updated: Mar 5, 2025 at 04:22 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। रमजान का महीना शुरू हो चुका है और इसी बीच सोशल मीडिया के अलग- अलग प्लेटफॉर्म पर पुरानी तस्वीर और वीडियो भ्रामक दावे से वायरल हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक तस्वीर शेयर की जा रही है। वायरल हो रही इस फोटो में उन्हें कुछ लोगों के साथ इफ्तार करते हुए देखा जा सकता है। तस्वीर को खरगे के महाकुंभ पर दिए गए विवादास्पद बयान से जोड़ते हुए वायरल किया जा रहा है।
उन्होंने महाकुंभ में ग्रहमंत्री अमित शाह के स्नान के बाद 27 जनवरी 2025 को मध्य प्रदेश के महू यानी संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली पर कांग्रेस की ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान रैली’ में कहा था कि क्या ‘गंगा में डुबकी लगाने से क्या गरीबी दूर होती है, क्या भरपेट खाना मिलता है.’ इसी बयान को निशाना बनाते हुए अब इस तस्वीर को शेयर किया जा रहा है कि यह उनकी हाल ही में हुई इफ्तार पार्टी की तस्वीर है।
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि मल्लिकार्जुन खरगे की रमजान में की गई इफ्तार की यह तस्वीर साल 2006 की है। 23 अक्टूबर 2006 की यह तस्वीर उस वक्त की है, जब वो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे और बेंगलुरु की एक इफ्तार पार्टी में गए थे। पुरानी तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ फैलाया जा सकता है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, ”गंगा स्नान से गरीबी दूर नहीं होती…? रोज़ा में रफ़्तार देकर गरीबी दूर करते…मुगल रक्त बीज खड़गे।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिये वायरल फोटो को सर्च किया। सर्च किये जाने पर हमें यह तस्वीर द हिन्दू इमेजेज डॉट कॉम पर मिली। यहां इस तस्वीर के बारे में बताया गया कि यह फोटो 23 अक्टूबर 2006 की है।
वहीं, तस्वीर के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर 2006 की यह फोटो तब की है, जब (उस वक्त के) कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बेंगलुरु की एक इफ्तार पार्टी में गए थे।

वायरल फोटो से जुडी जानकारी के लिए हमने कांग्रेस यूपी के प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी से संपर्क साधा और वायरल पोस्ट उनके साथ शेयर की। उन्होंने हमें बताया कि “ये फोटो लगभग दो दशक पुरानी है। वर्तमान परिस्थितियों में पुरानी फोटो जोड़ने की कला बीजेपी आईटी सेल के पास मौजूद है। मोदी जी विदेश में मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात करते हैं और मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर जाते हैं क्योंकि ये भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती है न कि ये बीजेपी का सिद्धांत है कि मुस्लिम समाज के धार्मिक स्थलों पर जाया जाए। खड़गे जी 2006 में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे। उक्त फोटो उस दौरान रोजा इफ्तार पार्टी में शिरकत के दौरान की है।”
भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग में हमने पाया कि यूजर को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, प्रोफाइल से विचारधारा विशेष से जुड़ी पोस्ट शेयर की जाती है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि मल्लिकार्जुन खरगे की रमजान में की गई इफ्तार की यह तस्वीर साल 2006 की है। 23 अक्टूबर 2006 की यह तस्वीर उस वक्त की है, जब वो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे और बेंगलुरु की एक इफ्तार पार्टी में गए थे। पुरानी तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ फैलाया जा सकता है।
- Claim Review : मल्लिकार्जुन खरगे की हाल ही में हुई इफ्तार पार्टी की तस्वीर है।
- Claimed By : FB User- विनोद सिंह चन्देल
- Fact Check : भ्रामक
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