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Fact Check : RSS को बदनाम करने वाला पाकिस्‍तानी यूजर हुआ बेनकाब, वायरल किया महिला के साथ मारपीट का पुराना वीडियो

  • By Vishvas News
  • Updated: October 11, 2019

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर एक पुरानी घटना के वीडियो को वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने एक ईसाई औरत को वस्त्रहीन कर के पीटते हुए सरेआम बाजार में घुमाया। विश्‍वास टीम की जांच में पता चला कि 20 अगस्‍त 2018 को एक युवक की हत्‍या के शक में एक महिला के घर को आग के हवाले करके उसे बाजार में घुमाया गया था। पड़ताल में पता चला कि इस घटना में राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ शामिल नहीं था।

क्‍या है वायरल पोस्‍ट में

मोहम्‍मद हम्‍माद नाम के फेसबुक यूजर ने 8 अक्‍टूबर को सुबह 10:25 बजे एक वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया : #India: A #Christian woman was stripped naked, beaten & paraded through the streets by terrorists #RSS_Hindutva_Extremists. Terrorists burned her house before they dragged her out onto the street. #India is”Dangerous Place” for women & minorities.

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो को देखा। इसमें भीड़ एक महिला को बिना कपड़ों में पीटते हुए घूमा रही है। महिला को रोते-गिड़गिड़ाते हुए देखा जा सकता है, लेकिन भीड़ ने कोई दया नहीं दिखाई।

हमने InVID में इस वीडियो को अपलोड करके कई ग्रैब निकाले और उसे गूगल रिवर्स इमेज में सर्च किया। हमें इससे जुड़े कई वीडियो मिले। हमें एक खबर एबीपी न्‍यूज चैनल की वेबसाइट पर मिली। इस खबर में बताया गया कि एक युवक की मौत के बाद एक महिला को निर्वस्‍त्र करके घुमाया गया है। इसके अलावा इस महिला के घर को भी आग लगा दी गई।

पड़ताल के अगले चरण में हमने गूगल में कई कीवर्ड टाइप करके संबंधित खबरों को सर्च किया। हमें दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 21 अगस्‍त 2018 को प्रकाशित एक खबर मिली। खबर की हेडिंग थी भोजपुर में महिला को निर्वस्त्र घुमाया, बिहार में गरमायी राजनीति। खबर के अनुसार, ”भोजपुर जिले के बिहियां गांव में आक्रोशित भीड़ ने एक युवक की हत्या के शक में जमकर उत्पात मचाया और उसके बाद रेडलाइट एरिया में रहने वाली एक महिला को निर्वस्त्र कर सरेआम घुमाया और इस दौरान उसकी जमकर पिटाई की। इस मामले में पुलिस ने एक राजद नेता समेत 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।”

पड़ताल के दौरान हमें Jagran.com की एक और खबर मिली। 1 दिसंबर 2018 को पब्लिश इस खबर में बताया गया कि बिहिया बाजार में महिला को निर्वस्‍त्र घुमाने के मामले में सजा सुनाई गई। खबर की हेडिंग थी : बिहियां में महिला को निर्वस्त्र घुमाया था, सभी 20 आरोपी दोषी करार।

खबर में कहा गया, ”बिहिया बाजार में एक महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने के साथ आगजनी, तोड़फोड़ और दंगा फैलाने के मामले में दोषी करार दिये गये सभी आरोपितों को आज सजा सुनायी गई। पीड़ित महिला को निर्वस्त्र करने के मामले में राजद नेता किशोरी यादव समेत पांच दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही, अन्य 15 दोषियों को आगजनी, तोड़फोड़ और दंगा फैलाने के मामले में दो-दो साल की सजा सुनाई गई है।”

वायरल पोस्‍ट का सच जानने के लिए हमने Jagran.com के बिहार डेस्‍क के इंचार्ज अमित आलोक से बात की। उन्‍होंने बताया कि वायरल वीडियो भोजपुर के बिहिया कस्‍बे का है। यह पुरानी घटना है। इस घटना का संघ से कोई संबंध नहीं है।

इसके बाद हमने बिहिया पुलिस स्‍टेशन के एचएसओ रामलखन प्रसाद से संपर्क किया। उन्‍होंने हमें बताया कि वायरल पोस्‍ट पूरी तरह फर्जी है। यह केस एक साल पुराना है। इसमें सभी दोषियों को कोर्ट की ओर से सजा भी सुनाई जा चुकी है।

इस पूरे मामले में भोजपुर के एएसपी नितिन कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो बिहिया निर्वस्त्र कांड का है। यह घटना एक छात्र की मौत के बाद 20 अगस्त 2018 को हुई थी। अदालत ने 30 नवंबर 2018 को इस चर्चित कांड में दोषी पाए गए सभी 20 आरोपियों को सजा सुना दिया है। इस केस में राजनीतिक कार्यकर्ता किशोरी यादव समेत विष्णु कुमार, विनोद कुमार केशरी उर्फ मड़ई, मो मुमताज अंसारी उर्फ ताज और सिकंदर कुमार समेत कुल 5 दोषियों को 7-7 साल की सजा और 12-12 हजार रुपये का जुर्माना लगया गया था। इन्हें महिला को निर्वस्त्र करने व एससी-एसटी एक्ट में सजा सुनाई गई थी। शेष 15 दोषियों को दो-दो साल की सजा और दो-दो हजार जुर्माना लगाया गया था। इनमें 14 को एससी-एसटी एक्ट में सजा तथा शेष एक विकास रजक को दंगा में दो साल की कैद की सजा सुनाई गई थी।

इतना करने के बाद हम फेसबुक यूजर मोहम्‍मद हम्‍माद के अकाउंट पर गए। जब हमने इस अकाउंट को स्‍कैन करना शुरू किया तो हमें पता चला कि यूजर पाकिस्‍तान का रहने वाला है। नवंबर 2015 को हम्‍माद ने फेसबुक पर अपना अकाउंट बनाया था। इस अकाउंट पर एक खास धर्म से जुड़ा कंटेंट पोस्‍ट किया जाता है ।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में ईसाई महिला के साथ संघ के लोगों की हैवानियत वाली पोस्‍ट फर्जी है। 20 अगस्‍त 2018 को बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया कस्‍बे में एक युवक की हत्‍या के शक में भीड़ ने एक महिला को निर्वस्‍त्र करके मारपीट करते हुए बाजार में सरेआम घुमाया था। इस केस में स्‍थानीय राजद नेता किशोरी यादव समेत बीस लोगों को कोर्ट सजा सुना चुका है।

  • Claim Review : दावा किया जा रहा है कि ईसाई औरत को संघ से जुड़े लोगों ने पीटा
  • Claimed By : फेसबुक यूजर मोहम्‍मद हम्‍माद
  • Fact Check : False
False
    Symbols that define nature of fake news
  • True
  • Misleading
  • False

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