Fact Check: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सीजफायर के लिए भारत ने नहीं पाकिस्तान ने की थी पहल, वायरल वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा है
'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत की गई कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की गुहार लगाई थी। भारत के सीजफायर की पहल के दावे से वायरल हो रहा वीडियो पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा है और इसमें नजर आ रहा व्यक्ति पाकिस्तान का इस्लामी धार्मिक उपदेशक मोहम्मद अली मिर्जा है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: May 16, 2025 at 01:49 PM
- Updated: May 16, 2025 at 02:28 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा की गई। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर मौलाना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह दावा कर रहा है पाकिस्तान ने सीजफायर की पहल नहीं की, बल्कि भारत की तरफ से पहल की गई और फिर पाकिस्तान सीजफायर के लिए राजी हुआ।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। वायरल हो रहा वीडियो पाकिस्तान के एक मौलाना का है, जो पाकिस्तान की तरफ लगातार फैलाई जा रही सुनियोजित प्रोपेगेंडा का हिस्सा है।
वास्तव में सीजफायर की पहल भारत ने नहीं, पाकिस्तान ने की थी। पाकिस्तान के आग्रह पर दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के बीच बातचीत हुई और फिर 10 मई को शाम पांच बजे से सीजफायर की घोषणा की गई। पाकिस्तान के कई नेताओं ने सीजफायर को पाकिस्तान की कथित जीत बताते हुए बयानबाजी की, लेकिन पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की तरफ से ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि पाकिस्तान ने नहीं, बल्कि भारत ने सीजफायर की पहल की। वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी टाइमलाइन स्पष्ट करती है कि सीजफायर के लिए पाकिस्तान की तरफ से पहल की गई।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘politicskaboss’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “जंग रुकवाने के लिए इंडिया ने कहा, पाकिस्तान ने नहीं, सुनो!”

कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल वीडियो में किए गए दावे की सच्चाई जानने के लिए पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई कार्रवाई से लेकर सीजफायर तक के घटनाक्रम को देखना जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के करीब दो हफ्ते बाद छह-सात मई की दरमियानी रात भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर (पीओके) में कुल नौ आतंकी शिविरों पर एयर स्ट्राइक किया था।
इस स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने सीमाई इलाकों में सैन्य और असैन्य ठिकानों पर ड्रोन और अन्य एरियल उपकरणों के साथ हमला करना शुरू कर दिया।
10 मई को रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया गया कि पश्चिमी मोर्चे पर लगातार भड़काऊ कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों और नियंत्रण रेखा पर भारी गोलीबारी और ड्रोन हमले करते हुए हवाई घुसपैठ की कोशिश की। साथ ही पाकिस्तान ने भारत के एयर बेस पर मिसाइल हमला समेत नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया, लेकिन भारत की तरफ से इन हमलों को विफल कर दिया गया।
और फिर भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में पाकिस्तान के एयर बेस,कमांड सेंटर्स,मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया, जिसमें चकलाला (नूर खान), रफीकी,रहीम यार खान, सरगोधा, भोलारी और जकोबाबाद समेत ठिकाने शामिल थे।
11 मई को सेना की तरफ किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर मार्शल एके भारती, डीजीएमओ, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद ने इन ठिकानों पर किए गए इन स्ट्राइक के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
10 मई को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) ने आज दोपहर 15:35 बजे भारत के डीजीएमओ को फोन किया। उनके बीच यह सहमति बनी कि दोनों पक्ष आज (शाम) 17:00 बजे IST (पांच बजे) से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे।”
10 मई को विदेश मंत्रालय की तरफ से इस मामले में जारी आधिकारिक बयान को यहां पढ़ा जा सकता है।

सीजफायर की सहमति बनने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताते हुए ट्वीट किया।
दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने 10 मई को अपने सोशल मीडिया पोस्ट से यह दावा किया था कि उनकी वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हुआ।
ट्रंप के इसी ट्वीट के बाद शाहबाज शरीफ ने 11 मई को ट्रंप का आभार जाहिर किया था। हालांकि, भारत की तरफ से सीजफायर के मामले में ट्रंप की भूमिका पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई।
ट्रंप के कथित दावे और शाहबाज शरीफ के ट्रंप की सीजफायर की कथित भूमिका में आभार जताए जाने के बाद 13 मई भारत के विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और इसमें जम्मू-कश्मीर के मामले में मध्यस्थता में तीसरे पक्ष को शामिल किए जाने को लेकर एक पत्रकार के पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमारा लंबे अरसे से यह राष्ट्रीय पक्ष रहा है कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय तरीके से ही हल करना है। इस नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जैसा कि आप जानते हैं कि लंबित मामला केवल पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करने का है।”
इसके बाद सीजफायर और इसमें किसी देश की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 10 मई को “दोपहर 12 बजकर 37 मिनट पर पाकिस्तानी उच्चायोग की तरफ से भारतीय विदेश मंत्रालय से संपर्क किया गया। तकनीकी अड़चनों की वजह से पाकिस्तानी और भारतीय पक्ष के बीच हॉटलाइन पर संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद भारतीय डीजीएमओ की उपलब्धता को देखते हुए बातचीत का समय 15.35 (तीन बजकर 35 मिनट) रखा गया।”
जायसवाल ने कहा कि आपको यह पता होगा कि 10 मई की सुबह हमने पाकिस्तान के एयर फोर्स बेस पर बेहद प्रभावी कार्रवाई की थी और इस वजह से वे सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए बेचैन थे। उन्होंने कहा, “मैं आपको स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह भारतीय सेना की कार्रवाई थी, जिसने पाकिस्तान को इसे रोकने के लिए बाध्य किया।”
इसके बाद की जानकारी विदेश सचिव के प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। जिसके मुताबिक, “पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) ने दोपहर 15:35 बजे भारत के डीजीएमओ को फोन किया। उनके बीच यह सहमति बनी कि दोनों पक्ष आज (शाम) 17:00 बजे IST (पांच बजे) से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे।”
हमें इस मामले में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का ऐसा कोई विवरण नहीं मिला, जो भारत के इस आधिकारिक दावे का खंडन करता हो। सर्च में हमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट किया हुआ ट्वीट मिला, जिसमें बिना किसी विवरण के तत्काल प्रभाव से दोनों देशों के बीच सीजफायर पर सहमति के फैसले का स्वागत किया गया है।
हमारी जांच से यह साफ और स्पष्ट है कि सीजफायर को लेकर पहल पाकिस्तान की तरफ से की गई और यह दोनों देशों के बीच के डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत के आधार पर तय किया गया। भारत ने इस मामले में किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को साफ-साफ खारिज किया।
विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद 15 मई को डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान सामने आया, जिसमें वह अपने पूर्व के बयान पर सफाई देते हुए नजर आए और कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे-सीधे मध्यस्थता नहीं कराई। ट्रंप ने कतर के दोहा में अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करते हुए यह बयान दिया।
ट्रंप के इस बयान को यहां और यहां देखा और पढ़ा जा सकता है।
इस मामले को लेकर हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण के एसोसिएट एडिटर संजय मिश्र से संपर्क किया, जो इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात स्पष्ट कर दी गई थी कि सीजफायर की पहल पाकिस्तान की तरफ से की गई थी। उन्होंने कहा, “भारत सरकार की तरफ से इस मामले में पाकिस्तान की पहल और संपर्क की सभी कोशिशों का सिलसिलेवार विवरण भी दिया गया, जो यह साबित करता है कि सीजफायर की पहल पाकिस्तान की तरफ से की गई थी।”
इसके बाद हमने वायरल वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति के बारे में सर्च किया। सर्च में मिली जानकारी के मुताबिक, वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति मोहम्मद अली मिर्जा है, जिसे इंजीनियर अली मिर्जा के नाम से भी जाना जाता है और यह पाकिस्तान के इस्लामी धर्मोपदेशक हैं। मिर्जा का यू-ट्यूब चैनल भी मौजूद है, जहां इस्लाम और कुरान पर उन्हें बात करते हुए सुना जा सकता है।
वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर को थ्रेड पर करीब 33 हजार लोग फॉलो करते हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर फेक और भ्रामक दावों की बाढ़ सी आ गई है, जिसकी फैक्ट चेक रिपोर्ट को विश्वास न्यूज की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है। कुछ महत्वपूर्ण फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की गुहार लगाई थी। भारत के सीजफायर की पहल के दावे से वायरल हो रहा वीडियो पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा है और इसमें नजर आ रहा व्यक्ति पाकिस्तान का इस्लामी धार्मिक उपदेशक मोहम्मद अली मिर्जा है।
- Claim Review : 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत ने की थी सीजफायर की पहल।
- Claimed By : Thread User-politicskaboss
- Fact Check : झूठ
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