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Fact Check: इस फोटो में मोहम्मद अली जिन्ना के साथ बैठे शख्स नहीं हैं श्यामा प्रसाद मुखर्जी

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल तस्वीर में मोहम्मद अली जिन्ना के साथ दायीं और बैठे व्यक्ति जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं, बल्कि पाकिस्तान के दूसरे प्रधानमंत्री ख्वाजा नज़ीमुद्दीन हैं।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर ऑल-इंडिया मुस्लिम लीग के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें उनके साथ कुछ और लोगों को बैठे हुए देखा जा सकता है। तस्वीर में एक व्यक्ति के चेहरे को सर्कल कर दावा किया जा रहा है कि यह व्यक्ति भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने इस पोस्‍ट की पड़ताल की और इस दावे को फर्जी पाया। तस्वीर में जिन्ना के दायीं  ओर बैठे व्यक्ति श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं, बल्कि पाकिस्तान के दूसरे प्रधानमंत्री ख्वाजा नज़ीमुद्दीन हैं।  

क्‍या है वायरल पोस्‍ट में

फेसबुक यूजर Nehru Revives (Archive Link) तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा “श्यामा प्रसाद मुखर्जी और जिन्ना एक साथ!! यह भाजपा और संघ की दोहरी चाल का सबूत है, एक बहुत ही दुर्लभ तस्वीर। BJP के फाउंडर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और उनकी हिंदू महासभा ने बंगाल, सिंध और NWFP में जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ मिलकर गठबंधन सरकारें बनाईं। वह AK फजलुल हक के समय बंगाल के फाइनेंस मिनिस्टर बने, ‘जब’ हक ने 1940 में पाकिस्तान बनाने का प्रस्ताव पेश किया था।”

पड़ताल

वायरल पोस्ट की जांच के लिए विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल तस्‍वीर को रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें यह तस्वीर न्यूज़ एजेंसी आलमी पर अपलोड मिली। यहां इसके साथ अंग्रेजी में कैप्शन लिखा था “यह ऐतिहासिक तस्वीर लखनऊ सेशन में मुस्लिम लीग वर्किंग कमेटी की है और यह भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठक थी। इस तस्वीर में औपनिवेशिक काल के दौरान भारत के राजनीतिक और सामाजिक भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा करते हुए नेताओं को देखा जा सकता है।”

द वायर और मनीकंट्रोल की ख़बरों में भी इस तस्वीर को इस्तेमाल करते हुए इसे मुस्लिम लीग वर्किंग कमेटी का बताया गया है।

इन सभी जगह इस तस्वीर को मुस्लिम लीग वर्किंग कमेटी का बताया गया है,जबकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी कभी भी मुस्लिम लीग के सदस्य नहीं थे।

कीवर्ड्स से ढूढ़ने पर हमें द फ्रंटलाइन की एक खबर मिली, जिसमें इस तस्वीर को एक दूसरे एंगल से देखा जा सकता है। यहां इसे लाहौर में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की वर्किंग कमेटी की बैठक का बताया गया और जिन्ना के दायीं और बैठे व्यक्ति का परिचय सर निज़ाम-उद-दीन (गृह मंत्री, बंगाल सरकार) के रूप में दिया गया।

कीवर्ड्स से ढूंढ़ने पर हमें पता चला कि सर निज़ाम-उद-दीन का असली नाम ख्वाजा नज़ीमुद्दीन था और वे बंगाल सरकार में गृह मंत्री के तौर पर काम करने के बाद पाकिस्तान के दूसरे प्रधानमंत्री बने थे।

ख्वाजा नज़ीमुद्दीन की और वायरल तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति की तुलना करने पर पता चला कि यह एक ही व्यक्ति की तस्वीर है।

ख्वाजा नज़ीमुद्दीन और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर में अंतर नीचे दिए गए कोलाज में देखा जा सकता है।

हमने इस विषय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के सीनियर रिसर्च फेलो शिवानंद द्विवेदी से भी संपर्क किया। उन्होंने भी कन्फर्म किया कि  तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ

यह ऐतिहासिक रूप से सही है कि 1941-42 में बंगाल में डॉ. मुखर्जी, ए.के. फजलुल हक की सरकार में मंत्री थे। हालांकि, डॉ. मुखर्जी ने जिस सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया, वह ‘प्रोग्रेसिव कोएलिशन गवर्नमेंट’ थी। यह गठबंधन जिन्ना की मुस्लिम लीग के खिलाफ बना था। प्रशांतो कुमार चटर्जी की किताब “Dr. Syama Prasad Mookerjee and Indian Politics: 1938–1953”  के अनुसार, फजलुल हक ने उस समय लीग छोड़ दी थी और मुखर्जी ने उनके साथ मिलकर ‘प्रोग्रेसिव कोएलिशन’ बनाया था,ताकि लीग को सत्ता से दूर रखा जा सके।

वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Nehru Revives के 16000 फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल तस्वीर में मोहम्मद अली जिन्ना के साथ दायीं और बैठे व्यक्ति जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं, बल्कि पाकिस्तान के दूसरे प्रधानमंत्री ख्वाजा नज़ीमुद्दीन हैं।

  • Claim Review : मोहम्मद अली जिन्ना के साथ बैठे शख्स हैं श्यामा प्रसाद मुखर्जी
  • Claimed By : Facebook User Nehru Revives (
  • Fact Check : झूठ

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