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Fact Check: यह पत्रकार विनोद दुआ का आखिरी वीडियो नहीं है; पुराना वीडियो गलत दावे के साथ वायरल

विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में दावा गलत निकला। विश्वास न्यूज़ ने जब वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि यह वीडियो पुराना है।

  • By Vishvas News
  • Updated: December 9, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज़)। पत्रकार विनोद दुआ की मृत्यु 4 दिसंबर 2021 को दिल्ली में हुई। इसके बाद से सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अस्पताल के बेड पर लेटे हुए हैं और यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि जल्द ही मैं ठीक हो कर अपना शो एक बार फिर शुरू करूंगा। पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो विनोद दुआ का आखिरी वीडियो है। विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में दावा गलत निकला। विश्वास न्यूज़ ने जब वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि यह वीडियो पुराना है। पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक यूजर “The Assembly of Hope” ने  4 दिसंबर को इस वीडियो को शेयर करे हुए लिखा है, “जाने से पहले विनोद दुआ की आखिरी वीडियो #Vinoddua देश के प्रति आपके प्रेम को एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को कभी हम भूल नहीं पाएंगे ||इतिहास में आपका नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा|”

फेसबुक पर कई यूजर इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। 

पड़ताल 

हमने इस वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। हमें यह वीडियो exbulletin.com नाम की वेबसाइट पर 17 मई 2021 को प्रकाशित इक खबर मिली । खबर के साथ हेडलाइन लिखी हुई थी, “When Vinod Dua spat venom at PM Modi even when he was hospitalized” पूरी खबर यहाँ पढ़ें। 

इससे जुडी एक खबर हमें opindia.com पर भी मिली। खबर के साथ लिखा हुआ था, “When Vinod Dua spewed venom against PM Modi even when he was hospitalised” आप पूरी खबर यहाँ पढ़ सकते हैं। 

हमें यह वीडियो विनोद दुआ के वेरिफाइड फेसबुक अकाउंट पर भी 28 मार्च 2021 को अपलोडेड मिला। डिस्क्रिप्शन में लिखा गया था कि विनोद दुआ जी की तरफ से HW News के सभी दर्शकों और चाहने वालों के लिए संदेश। 

हमें arnab नाम के ट्विटर हैंडल पर भी यह वीडियो अपलोड मिला। 17 मई 2021 को वीडियो को शेयर कर लिखा गया था “Vinod Dua’s hatred doesn’t reduce even when on an ICU bed.” 

इस विषय में पुष्टि के लिए हमने दैनिक जागरण के पत्रकार राहुल चौहान की मदद से अपोलो हॉस्पिटल की पीआर सृष्टि शर्मा से संपर्क साधा, जहां पीआरओ द्वारा हमें बताया गया कि यह वीडियो अभी का नहीं है। उन्होंने हमें यह भी बताया कि अस्पताल द्वारा विनोद दुआ को लेकर बयान जारी कर दिया गया है। उनके आखिरी दिनों में ऐसा कोई वीडियो नहीं शूट हुआ है। गलत दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।।

यह साफ़ है कि वायरल वीडियो पुराना है। विश्वास न्यूज स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि वायरल वीडियो की घटना कितनी पुरानी है। लेकिन यह तय ​​है कि वायरल वीडियो इंटरनेट पर मार्च 2021 से इंटरनेट पर मौजूद है।

पड़ताल के अंत में हमने इस वीडियो को शेयर करने वाले फेसबुक पेज की जाँच की। हमें पता चला की इस पेज को 627 लोग फॉलो करते हैं। इस पेज को 21,जुलाई 2020 को बनाया गया था।  

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में दावा गलत निकला। विश्वास न्यूज़ ने जब वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि यह वीडियो पुराना है।

  • Claim Review : जाने से पहले विनोद दुआ की आखिरी वीडियो
  • Claimed By : The Assembly of Hope
  • Fact Check : झूठ
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