Fact Check: पेशावर में अवैध निर्माण के खिलाफ हुई कार्रवाई को भारत- पाकिस्तान तनाव के बीच किया जा रहा फर्जी दावे से वायरल
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो पाकिस्तान के पेशावर का है और इसका संबंध प्रशासन के जरिए अनधिकृत ढांचों को तोड़े जाने से है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ भारतीय कार्रवाई का बताया जा रहा है।
- By: Umam Noor
- Published: May 15, 2025 at 12:02 PM
- Updated: May 15, 2025 at 12:09 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव में कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया के अलग- अलग प्लेटफॉर्म पर फर्जी और भ्रामक दावे के साथ शेयर की जा रही हैं। इसी कड़ी में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक आबादी वाले इलाके में कई ढांचों को टूटे हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि यह भारतीय कार्रवाई का सियालकोट का वीडियो है।
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो पाकिस्तान के पेशावर का है और इसका संबंध प्रशासन के जरिए अनधिकृत ढांचों को तोड़े जाने से है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ भारतीय कार्रवाई का बताया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘चंद्रशेखर’ ने 12 मई 2025 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “इंडिया अटैक ऑन पाकिस्तान। पहचान कौन ? सियालकोट या गाज़ा। नोट – कोई गूगल नहीं करेगा।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वीडियो के की- फ्रेम्स निकाले और उन्हें गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च किए जाने पर हमें यह वीडियो एक एक्स हैंडल पर भारतीय कार्रवाई के हवाले 13 मई 2025 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां पोस्ट के कमेंट सेक्शन में हमें कई लोगों के कमेंट मिले, जिसमें इस वीडियो को अवैध निर्माण के खिलाफ पेशावर प्रशासन के जरिए चलाए गए अभियान का बताया गया।
इसी बुनियाद पर हमने गूगल रिवर्स इमेज पर वीडियो के फ्रेम को पेशावर के कीवर्ड के साथ सर्च किया। सर्च में यह वीडियो एक टिकटॉक अकाउंट पर 27 मार्च 2025 को अपलोड किया हुआ मिला। भारत में टिकटॉक बंद होने की वजह से हमने वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) की मदद से इस वीडियो को खोला। यहां कैप्शन के मुताबिक, यह पेशावर के फेज- 3 चौक का वीडियो है।

इसी कड़ी में हमने अपनी पड़ताल जारी रखी, सर्च किए जाने पर हमें इससे मिलता- जुलता वीडियो एक फेसबुक पेज पर भी 28 मार्च 2025 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां वीडियो के बारे में बताया गया, “यूनिवर्सिटी रोड पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई”।

न्यूज़ सर्च करने पर हमने इस मामले से जुड़ी खबर कसौटी डिजिटल पेशावर की वेबसाइट पर 27 मार्च 2025 को छपी हुई मिली। खबर के मुताबिक, “पेशावर जिला प्रशासन ने प्रांतीय राजधानी में अतिक्रमण के खिलाफ हयाताबाद के फेज-3 चौक में 18 अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया। डीसी पेशावर सरमद सलीम अकरम ने कहा है कि 2.5 अरब रुपये से अधिक कीमत की 8 कनाल बहुमूल्य भूमि भी अतिक्रमण माफिया से बरामद की गई।”
सर्च किए जाने पर हमें ‘डिप्टी कमिश्नर पेशावर’ के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर इस मामले से जुड़ी एक पोस्ट 27 मार्च को शेयर की हुई मिली। पोस्ट के साथ कुछ तस्वीरों को भी साझा किया गया है, वहीं पोस्ट के कैप्शन में बताया गया, “प्रांतीय सरकार के आदेशों के बाद पेशावर जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया और 18 अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया। जबकि अतिक्रमण माफिया से 8 कनाल कीमती सरकारी जमीन बरामद की गई। बरामद भूमि का कुल मूल्य 2.5 अरब रुपये से अधिक है, जिस पर अतिक्रमण माफिया ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। इस बड़े पैमाने के ऑपरेशन में जिला प्रशासन, पुलिस, पीडीए, कैपिटल मेट्रोपॉलिटन सरकार, नागरिक सुरक्षा और राजस्व अधिकारियों ने पूरी तरह से भाग लिया।”
वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने पेशावर के अरब न्यूज के पत्रकार अरशद यूसुफजई से संपर्क किया और वायरल पोस्ट उनके साथ शेयर की। उन्होंने हमें बताया, “यह वीडियो मार्च में पेशावर में हुए अतिक्रमण के खिलाफ एक अभियान से जुड़ा हुआ है।”
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘चंद्रशेखर’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को तीन हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं, वहीं यूजर इससे पहले भी फर्जी पोस्ट शेयर कर चुका है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो पाकिस्तान के पेशावर का है और इसका संबंध प्रशासन के जरिए अनधिकृत ढांचों को तोड़े जाने से है। वीडियो को फर्जी दावे के साथ भारतीय कार्रवाई का बताया जा रहा है।
- Claim Review : यह भारतीय कार्रवाई का सियालकोट का वीडियो है।
- Claimed By : FB User- Chandra Shekhar
- Fact Check : झूठ
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