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Fact Check: TMC कार्यकर्ता के ‘ड्रामा’ के नाम पर वायरल वीडियो बिहार के एक विवाद का, बंगाल हिंसा से जोड़कर हुआ वायरल

सिर पर पट्टी बांधकर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाती महिला के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वीडियो बंगाल का नहीं, बल्कि बिहार के एक अस्पताल में हुए विवाद का है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: May 7, 2026 at 04:38 PM
  • Updated: May 7, 2026 at 06:17 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद से राज्य में हिंसा की खबरें भी सामने आने लगी हैं। इसी से जोड़ते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला को मीडिया से बात करते हुए देखा जा सकता है। इस महिला के सिर पर पट्टी बंधी हुई है। कुछ देर बाद एक शख्स महिला की पट्टी खींचकर हटा देता है। इसके बाद वहां लड़ाई शुरू हो जाती है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह महिला तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की कार्यकर्ता है और बंगाल में पार्टी की हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर मारपीट का झूठा आरोप लगा रही है, लेकिन कैमरे के सामने सारी सच्चाई आ गई। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वीडियो बंगाल का नहीं, बल्कि बिहार का है। दरअसल, अप्रैल 2026 में बिहार के मुजफ्फरपुर में एक अस्पताल में मरीज के परिवार और कर्मचारियों के बीच लड़ाई हो गई थी। यह वीडियो उसी घटना का है, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल?

एक्स यूजर ‘कल्पना श्रीवास्तव’ ने 5 मई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “मीडिया वालों को ये दिन भी देखना पड़ा! झूठ बोलकर सिर पट्टी बांधकर रो रही थी ये महिला, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने आकर खुल्लमखुल्ला बेनकाब कर दिया। मारपीट हुई, माफी मंगवाई और सारा ड्रामा एक्सपोज! अब देख लो, कितना झूठ फैलाते हो! जय श्री राम! ”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

https://twitter.com/Lawyer_Kalpana/status/2051656015519862900

बीजेपी छत्तीसगढ़ ने भी इसी दावे के साथ वायरल वीडियो को शेयर किया है। 

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकालकर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘मौर्य ध्वज एक्सप्रेस’ नामक एक फेसबुक पेज पर मिला। वीडियो को 6 मई 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, वीडियो बंगाल का नहीं, बल्कि बिहार के मुजफ्फरपुर का है। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में एक मरीज के परिजनों और कर्मचारियों के बीच हुई लड़ाई का वीडियो है। दरअसल, मरीज के परिजनों और कर्मचारियों के बीच स्ट्रेचर को लेकर विवाद हो गया था। बहस देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। कैप्शन में इस वीडियो को लेकर वायरल हो रहे दावे का खंडन भी किया गया है। 

इस फेसबुक पेज को खंगालने पर हमें वायरल वीडियो से जुड़े कुछ अन्य वीडियो 28 अप्रैल 2026 को शेयर किए हुए मिले। कैप्शन के अनुसार, “SKMCH में मरीज के परिजन ने किया बबा*ल तो नरसिंग स्टॉप ने ने इमरजेंसी में किया काम काज ठप।”

वीडियो में नर्सिंग स्टाफ को यह बताते हुए देखा जा सकता है कि वायरल वीडियो में नजर आ रही महिला भी एक नर्सिंग स्टाफ है। उसने मरीज के परिजनों पर उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था। 

‘भास्कर डॉट कॉम’ की वेबसाइट पर सात दिन पहले प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में देर शाम एक मरीज के परिजनों और ट्रॉलीमैन के बीच मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इसके बाद जमकर मारपीट हुई और पूरे इमरजेंसी वार्ड परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इससे करीब तीन घंटे तक इलाज व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही। घटना की शुरुआत तब हुई, जब मरीज के परिजनों की किसी बात को लेकर नर्सिंग स्टाफ से कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए तनावपूर्ण माहौल में बदल गई। इसके बाद परिजनों की ट्रॉलीमैन से भी झड़प हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई शुरू हो गई और इमरजेंसी वार्ड रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।”

‘लाइव हिंदुस्तान’ की वेबसाइट पर 29 अप्रैल 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) की इमरजेंसी में मरीज के परिजनों से मारपीट करने में आरोपित सभी ट्रॉली मैन को हटा दिया गया था।

अधिक जानकारी के लिए हमने ‘मौर्य ध्वज एक्सप्रेस’ के एडिटर ब्रह्मदेव कुशवाहा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो उन्हीं की टीम ने शूट किया था। इसका बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से कोई संबंध नहीं है। यह बिहार के एसकेएमसीएच का है। परिजनों और ट्रॉलीमैन के बीच लड़ाई हो गई थी। वीडियो में दिख रही महिला ने अपने सिर पर बिना किसी चोट के पट्टी बांधी हुई थी।

क्या है संदर्भ?

गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के आते ही राज्य में हिंसा भड़क उठी है। कई इलाकों से तोड़फोड़ करने, बुलडोजर चलाने और टीएमसी के कुछ दफ्तरों में आग लगाने के वीडियो सामने आ रहे हैं। अभी तक इस हिंसा में कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 207 सीटों पर जीत मिली है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई है, जबकि कांग्रेस और आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) को दो-दो सीटों पर जीत हासिल हुई है। CPI(M) और ऑल इंडिया सेकुलर फ्रंट (AISF) को एक-एक सीट मिली है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर इन नतीजों को देखा जा सकता है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को एक्स पर एक लाख 57 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सिर पर पट्टी बांधकर अपने साथ मारपीट का आरोप लगाती महिला के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वीडियो बंगाल का नहीं, बल्कि बिहार के एक अस्पताल में हुए विवाद का है।

  • Claim Review : चुनाव के नतीजों के बाद बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा में घायल होने का ड्रामा करती तृणमूल कार्यकर्ता।
  • Claimed By : X User कल्पना श्रीवास्तव
  • Fact Check : झूठ

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