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Fact Check: बंगाल में चुनाव के दौरान CRPF की सख्ती के दावे से वायरल हो रहे वीडियो बांग्लादेश और मणिपुर का है

पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव से पहले सीआरपीएफ की सख्ती के दावे से वायरल हो रहा वीडियो बंगाल का नहीं, बल्कि बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद हुए प्रदर्शन का है।

  • By: Abhishek Parashar
  • Published: Apr 17, 2026 at 04:09 PM
  • Updated: Apr 22, 2026 at 02:43 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल 2026 को विधानसभा के लिए मतदान होगा, जिसके नतीजे चार मई को आएंगे। राज्य में इस चुनाव को लेकर भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम बंगाल का है, जहां सीआरपीएफ की तैनाती ने ‘माहौल बदल दिया है’। वायरल वीडियो में सुरक्षाबलों को कुछ उपद्रवियों से सख्ती से निपटते हुए देखा जा सकता है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ऐसा ही एक अन्य वीडियो शेयर किया है, जिसमें खाली और सुनसान सड़क पर सुरक्षाबलों के वाहनों के काफिले को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान से पहले सीआरपीएफ की मूवमेंट का है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, लेकिन वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है। वहीं सुरक्षा बलों की गश्ती का वीडियो मणिपुर का है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘@HinduAsociation’ ने सात अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “बंगाल में CRPF की एंट्री से माहौल बदल गया…गुंडो को जमीन फाड़कर निकाला जा रहा है…अब बातचीत नहीं सीधा तगड़ा एक्शन शुरू…बंगाल में मियां राज नहीं सिर्फ हिंदू राज चलेगा।”

https://twitter.com/HinduAsociation/status/2041463534266220930

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इसे समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो में सुरक्षाबलों को कुछ उपद्रवियों के साथ सख्ती करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो में नजर आ रहे सुरक्षाबलों की वर्दी भारत के सीआरपीएफ जवानों के यूनिफॉर्म से मेल नहीं खाती है। इसलिए हमने इस वीडियो के ओरिजिनल सोर्स को ढूंढा। वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर ‘dailylokaloy.com‘ की वेबसाइट पर 11 जनवरी 2026 की रिपोर्ट मिली, जिसमें इस वीडियो के कुछ विजुअल्स का इस्तेमाल किया गया है।

dailylokaloy.com‘ की वेबसाइट पर 11 जनवरी 2026 की रिपोर्ट, जिसमें वायरल वीडियो के कुछ विजुअल्स का इस्तेमाल किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, “बांग्लादेशी छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद हुए प्रदर्शन को काबू में करने के लिए सेना के जवानों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया। इस घटना में कम से कम 23 लोग घायल हो गए। यह घटना रविवार दोपहर (11 जनवरी) को जिला मुख्यालय स्थित शेर-ए-बांग्ला पार्क चौराहे पर हुई। बताया जा रहा है कि रविवार को दोपहर करीब 2:15 बजे, छात्रों ने एक विरोध जुलूस निकालने के बाद एक सड़क पर नाकाबंदी कर दी। इस जुलूस में चार सूत्री मांगें रखी गई थीं, जिनमें उस्मान हादी के हत्यारों की गिरफ्तारी और उन पर मुकदमा चलाना शामिल था। यह नाकाबंदी लगभग डेढ़ घंटे तक चली, जिसकी वजह से पंचगढ़-ढाका राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए।”

एक अन्य फेसबुक यूजर ‘NEWS NOW বাংলা’ ने इस घटना के वीडियो को समान संदर्भ में शेयर किया है। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, “उस्मान हादी बांग्लादेश में पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शन के नेता थे, जिनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।”

हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का है। अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने बांग्लादेश के फैक्ट चेकर तौसिफ अकबर से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “यह वीडियो बांग्लादेश का है।”

दूसरा वीडियो

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने ऐसा ही एक अन्य वीडियो (आर्काइव लिंक) शेयर किया है, जिसमें खाली और सुनसान सड़क पर सुरक्षाबलों के वाहनों के काफिले को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान से पहले सीआरपीएफ की मूवमेंट का है। एक्स पर भी कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो (आर्काइव लिंक) को समान दावे के साथ शेयर किया है।

वायरल वीडियो कर्फ्यू जैसी स्थिति दर्शाता है, जो बंगाल में चुनाव प्रचार की वजह से मुमकिन नहीं है। इसलिए हमने वीडियो के साथ किए गए दावे की जांच के लिए इसके कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया। इस सर्च में यह वीडियो ‘नेहा गुरुंग’ नाम की एक्स यूजर के आधिकारिक हैंडल पर मिला, जिसे 17 फरवरी 2025 को मणिपुर का बताते हुए उन्होंने शेयर किया है।

यह वीडियो बेहतर क्वालिटी का है, जिसके कीफ्रेम्स में हमें एक दुकान के बैनर पर ‘KAIZEN’ लिखा हुआ नजर आया। चूंकि, यूजर ने इस वीडियो को मणिपुर की राजधानी इम्फाल का बताकर शेयर किया है, इसलिए हमने इस दुकान की जियोलोकेशन को ढूंढा। गूगल अर्थ में इस लोकेशन के मणिपुर के इम्फाल (इंडो-म्यांमार रोड) में होने की पुष्टि हुई।

हमारी जांच से स्पष्ट हुआ कि वायरल हो रहा वीडियो करीब एक साल पुराना है और बंगाल का नहीं, बल्कि मणिपुर का है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इम्फाल में फरवरी और मार्च 2025 के दौरान कर्फ्यू लगाया गया था। हाल ही में फिर से हिंसा भड़कने के बाद इम्फाल और उसके आस-पास के इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है।

क्या है संदर्भ?

पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में मतदान होगा और वोटों की गिनती चार मई 2026 को होगी।

https://twitter.com/ECISVEEP/status/2033141488415293785?lang=en

पश्चिम बंगाल समेत कुल चार राज्यों और एक  केन्‍द्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जिनमें तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी शामिल हैं। असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो चुका है। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, असम में 85.38%, केरलम में 78.03% और पुडुचेरी में 89.83% मतदान हुआ।

वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर को एक्स पर करीब एक लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं। विधानसभा चुनावों से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव से पहले सीआरपीएफ की सख्ती के दावे से वायरल हो रहा वीडियो बंगाल का नहीं, बल्कि बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद हुए प्रदर्शन का है।

  • Claim Review : पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले CRPF की सख्ती।
  • Claimed By : X User-@HinduAsociation
  • Fact Check : झूठ

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