Fact Check: Deepfake है भारतीय वायुसेना के खिलाफ बोलते फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का वायरल वीडियो
विश्वास न्यूज़ की जांच में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का वायरल वीडियो डीपफेक साबित हुआ। उन्होंने भारतीय वायुसेना की आलोचना नहीं की है और न ही रक्षा साझेदारी करने से इनकार किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हैं।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Feb 21, 2026 at 02:18 PM
- Updated: Feb 23, 2026 at 02:13 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की हालिया भारत यात्रा के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि मैक्रों ने भारतीय वायुसेना (IAF) को ‘अक्षम’ बताते हुए, भारत के साथ पूर्ण रक्षा साझेदारी के अनुरोध को ठुकरा दिया है। इस वीडियो को सच मानकर कई यूजर्स भारत की वैश्विक छवि को लेकर चिंता जता रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की और पाया कि यह पूरी तरह फर्जी और एआई (AI) से निर्मित है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक पेज ‘Political Drama’ ने 19 फरवरी 2026 को एक वीडियो रील साझा किया। इसमें राष्ट्रपति मैक्रों को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है:
“I remain grateful to Prime Minister Modi for successfully begging us to become a missile partner with India. He actually wanted us to be a full defence partner, but when I sat with our team, they clearly said that we cannot become a complete defence partner with India. We have already lost a billion dollars Rafale market because of inefficiency of Indian Airforce We can’t be a part of any failed organisation to further tarnish our name .”
(हिन्दी अनुवाद: मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभारी हूं कि उन्होंने हमें भारत के साथ मिसाइल पार्टनर बनने के लिए सफलतापूर्वक ‘भीख’ (begging) मांगी। वह वास्तव में हमें पूर्ण रक्षा भागीदार बनाना चाहते थे, लेकिन जब मैं अपनी टीम के साथ बैठा, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हम भारत के साथ पूर्ण रक्षा भागीदार नहीं बन सकते। भारतीय वायुसेना की अक्षमता के कारण हमने पहले ही अरबों डॉलर का राफेल बाजार खो दिया है… हम अपनी छवि को और खराब करने के लिए किसी विफल संगठन का हिस्सा नहीं बन सकते।)

पड़ताल
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 से 19 फरवरी 2026 तक भारत की अपनी आधिकारिक राजकीय यात्रा पर थे। इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लिया और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 28वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत किया। अपनी यात्रा के दौरान मैक्रों ने रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन और एआई (AI) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई उच्च-स्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने 18 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026’ को भी संबोधित किया, जहां उन्होंने भविष्य की तकनीक और नवाचार पर जोर दिया। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, यह यात्रा 19 फरवरी 2026 को संपन्न हुई, जिसमें दोनों देशों ने ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के तहत रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल की शुरुआत आधिकारिक दस्तावेजों की जांच से की। हमने भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा 17-19 फरवरी 2026 के बीच जारी किए गए संयुक्त बयानों को खंगाला। आधिकारिक ज्वाइंट स्टेटमेंट में रक्षा संबंधों को और मजबूत करने और ‘इंडो-पैसिफिक’ क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही गई हैं। इन बयानों में कहीं भी, किसी साझेदारी को ठुकराने या वायुसेना की आलोचना का कोई जिक्र नहीं है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने उस मूल वीडियो की तलाश की जिसका इस्तेमाल, इस वायरल वीडियो को बनाने के लिए किया गया था। हमें यह पूरा वीडियो ANI के यूट्यूब चैनल पर 17 फरवरी 2026 को अपलोड मिला। इस वीडियो में मैक्रों, भारत-फ्रांस रणनीतिक संबंधों और तकनीकी सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं। वायरल वीडियो में सुनाई देने वाली बातें, इस मूल वीडियो में कहीं नहीं हैं।
वीडियो की प्रामाणिकता जांचने के लिए हमने इसे कई एआई डिटेक्शन टूल्स से जांचा।
यूनिवर्सिटी एट बफ़ेलो के बनाए डीपफेक-ओ-मीटर (DeepFake-o-meter) टूल के 5 अलग-अलग मॉडल्स ने पुष्टि की कि वायरल वीडियो एआई द्वारा मैनिपुलेट किया गया है।

एडवांस्ड ऑडियो डिटेक्शन टूल Aurigin.ai ने वीडियो में मौजूद आवाज के ‘AI जनरेटेड’ होने की उच्च संभावना जताई।

Undetectable AI टूल ने भी ऑडियो और लिप-सिंक में विसंगतियों की पुष्टि की।

विश्वास न्यूज ने अधिक जानकारी के लिए एआई विशेषज्ञ अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो का विश्लेषण कर बताया कि बैकग्राउंड स्कोर में एक अजीब सा ठहराव है और मैक्रों की आवाज में मौजूद ‘रोबोटिक टोन’ स्पष्ट संकेत हैं कि इसे सिंथेटिक मीडिया टूल्स का उपयोग करके बनाया गया है।
पड़ताल के अंत में वायरल वीडियो को शेयर करने वाले फेसबुक पेज ‘Political Drama’ की जांच की गई। इस पेज के लगभग 4,000 फॉलोअर्स हैं।
भारत-फ्रांस संबंधों को लेकर ऐसा ही डीपफेक वीडियो पीएम मोदी का भी वायरल हुआ, जिसका फैक्ट चेक विश्वास न्यूज ने किया था, उसे यहाँ पढ़ा जा सकता है.
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ की जांच में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का वायरल वीडियो डीपफेक साबित हुआ। उन्होंने भारतीय वायुसेना की आलोचना नहीं की है और न ही रक्षा साझेदारी करने से इनकार किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हैं।
- Claim Review : भारतीय वायुसेना के खिलाफ बोलते फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
- Claimed By : FB page ‘Political Drama’
- Fact Check : झूठ
- Joint Statement on Ministry of External Affairs (MEA), dated 19 Feb 2026
- France-India Joint Statement of French Ministry for Europe and Foreign Affairs, dated 19 Feb 2026
- Full Original Video of Emmanuel Macron on ANI YouTube Channel, dated 17 Feb, 2026
- AI Detector Tool DeepFake-o-meter
- AI Detector Tool Undetectable AI
- AI Detector Tool Aurigin.ai
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