Fact Check: पीएम मोदी के आगे टेलीप्रॉम्प्टर के चलने का Fake वीडियो वायरल
पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के एक वास्तविक वीडियो को एडिट करके वायरल क्लिप तैयार की गई है। इसमें टेलीप्रॉम्प्टर को अलग से जोड़ा गया है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jul 15, 2026 at 04:58 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज का 26 सेकंड का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें पीएम मोदी के आगे एक टेलीप्रॉम्प्टर को चलते हुए दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए पीएम मोदी का मजाक उड़ाया जा रहा है। कुछ यूजर्स इसे असली वीडियो समझ रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वीडियो की जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के कार्यक्रम के असली वीडियो को एडिट करके उसमें अलग से टेलीप्रॉम्प्टर जोड़कर वायरल क्लिप तैयार की गई है। असली वीडियो पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मौजूद है।
क्या है वायरल?
एक सोशल मीडिया यूजर ने 10 जुलाई 2026 को फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ऑस्ट्रेलिया में मोदीजी के आगे चलता टेलीप्रांप्टर। भारत वाकई भिसगुरु है।”

इसी तरह कई सोशल मीडिया यूजर इस वीडियो को फर्जी व भ्रामक दावे के साथ वायरल कर रहे हैं। पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसका आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले पीएम मोदी के वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में एक जगह टेलीप्रॉम्प्टर को हवा में देखा जा सकता है। इससे यह साफ पता चल रहा है कि वीडियो को एडिट किया गया है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल को स्कैन किया। वहां हमें वायरल क्लिप से जुड़ा असली वीडियो मिला। ‘पीएमओ इंडिया’ यूट्यूब चैनल की ओर से 9 जुलाई 2026 को इसे लाइव किया गया था। दरअसल, पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित एक कम्युनिटी इवेंट में गए थे। इस वीडियो में पांच मिनट की टाइमलाइन के बाद का सीन और वायरल क्लिप एक ही जैसी है। बस असली वीडियो में हमें कहीं भी टेलीप्रॉम्प्टर नहीं दिखा। इससे यह साबित हो गया कि वायरल क्लिप फर्जी है।

यही वीडियो हमें नरेंद्र मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी मिला। 9 जुलाई 2026 को इसे लाइव स्ट्रीम किया गया था।
जांच के दौरान हमें ‘इंडिया टुडे’ की 13 जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट में कार्यक्रम से जुड़ी एक तस्वीर मिली। इसमें पीएम मोदी को लाल कालीन पर चलते हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर में भी टेलीप्रॉम्प्टर कहीं नहीं दिखा। यह तस्वीर न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई’ की ओर से जारी की गई थी।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान ‘दैनिक जागरण’ के लिए इंटरनेशनल अफेयर्स कवर करने वाले विशेष संवाददाता जेपी रंजन से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से ही पीएम मोदी का एक फेक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में सच्चाई नहीं है।
क्या है संदर्भ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय को संबोधित किया था। ‘जागरण डॉट कॉम’ की 9 जुलाई 2026 की एक खबर के अनुसार, इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज भी शामिल हुए थे।
कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के विद्यार्थी, पेशेवर, उद्यमी, शोधकर्ता, नेता तथा सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लगभग दस लाख लोग निवास करते हैं। ‘पीएमइंडिया’ की वेबसाइट पर इस कार्यक्रम से जुड़े प्रेस नोट को पढ़ा जा सकता है।
जांच के अंत में फर्जी वीडियो शेयर करने वाले यूजर के प्रोफाइल की जांच की गई। यूजर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रहता है। इसे फेसबुक पर 60 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर पेशे से पत्रकार है। यह अकाउंट दिसंबर 2008 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के एक वास्तविक वीडियो को एडिट करके वायरल क्लिप तैयार की गई है। इसमें टेलीप्रॉम्प्टर को अलग से जोड़ा गया है।
- Claim Review : ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के आगे चलता टेलीप्रॉम्प्टर
- Claimed By : FB User Soumitra Roy
- Fact Check : झूठ
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