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Fact Check : लखनऊ की 2011 की तस्‍वीर को दिल्‍ली पुलिस के अत्‍याचार के नाम पर किया जा रहा है वायरल

  • By Vishvas News
  • Updated: December 19, 2019

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। देशभर में नागरिकता कानून को लेकर हो रहे विरोध के बीच एक पुरानी फोटो को कुछ लोग वायरल करते हुए दावा कर रहे हैं कि तस्‍वीर दिल्‍ली पुलिस की है। इससे पहले भी ऐसी कई तस्‍वीर और वीडियो वायरल हो चुके हैं। विश्‍वास न्‍यूज ने जब इस फोटो की पड़ताल की तो दावा फर्जी निकला। ओरिजनल तस्‍वीर 2011 में लखनऊ में हुए समाजवादी पार्टी के एक प्रदर्शन की है। तस्‍वीर में दिख रहे आईपीएस अफसर का नाम डीके ठाकुर है।

क्‍या है वायरल पोस्‍ट में

फेसबुक यूजर Abu Talha Abdal ने 16 दिसंबर को एक तस्‍वीर को अपलोड करते हुए लिखा : Is buzurg Police wale ko dekhiye. Yeh apne gharwalon se apne biwi bachon se kaise aankhein milate honge. Apni bahaduri ka kaunsa QISSA sunate honge. Shame on Delhi Police.

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने सबसे पहले वायरल तस्‍वीर को Yandex टूल में अपलोड करके एनालिसिस किया। हमें पता चला कि यह तस्‍वीर कभी दिल्‍ली तो कभी कश्‍मीर में अत्‍याचार के नाम पर पहले भी वायरल हो चुकी है। आखिरकार हमें कैच न्‍यूज की वेबसाइट पर यह तस्‍वीर मिली।

14 फरवरी 2017 को प्रकाशित खबर के मुताबिक, 9 मार्च 2011 को अखिलेश यादव को अमौसी एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद लोहिया वाहिनी के प्रमुख आनंद भदौरिया को यूपी विधानसभा के घेराव के वक्‍त उस वक्‍त के लखनऊ के डीआईजी ध्रुवकांत ठाकुर ने जमीन पर गिराकर पीटा था। बाद में राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ठाकुर को नोटिस भी जारी किया था।

इसके बाद हमने दैनिक जागरण के लखनऊ के अपराध संवाददाता ज्ञान मिश्रा से संपर्क किया। उन्‍होंने बताया कि तस्‍वीर 2011 की है। फोटो में दिख रहे अफसर डीके ठाकुर हैं।

पड़ताल के दौरान हमें पता चला कि वायरल तस्‍वीर को उस वक्‍त स्‍थानीय फोटोग्राफर प्रमोद अधिकारी ने क्लिक की थी। इसके बाद विश्‍वास न्‍यूज ने प्रमोद अधिकारी से संपर्क किया। उन्‍होंने हमें कन्‍फर्म किया, वायरल तस्‍वीर वर्ष 2011 की। तस्‍वीर में जमीन पर गिरे हुए आनंद भदौरिया हैं, जो अभी सपा से एमएलसी हैं। जबकि अफसर का नाम डीके ठाकुर हैं।

वर्तमान में ध्रुव कांत ठाकुर एटीएस के एडीजी हैं। उन्‍होंने विश्‍वास न्‍यूज को बताया कि तस्‍वीर उन्‍हीं की है। यह बात काफी पुरानी है।

अंत में हमने फेसबुक यूजर Abu Talha Abdal की सोशल स्‍कैनिंग की। हमें पता चला कि इनके अकाउंट को 300 से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। ये दिल्‍ली और जामिया में हो रहे प्रदर्शन को लेकर लगातार फेसबुक पर पोस्‍ट कर रहे हैं।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास टीम की पड़ताल में पता चला कि जिस तस्‍वीर को दिल्‍ली पुलिस का बताकर वायरल किया जा रहा है, वह लखनऊ की पुरानी तस्‍वीर है। 2011 में लखनऊ में हुए सपा के आंदोलन के वक्‍त इस तस्‍वीर को क्लिक किया गया था।

  • Claim Review : दावा किया जा रहा है तस्‍वीर दिल्‍ली की है
  • Claimed By : फेसबुक यूजर Abu Talha Abdal
  • Fact Check : झूठ
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