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Fact Check: कोलकाता में ED की छापेमारी का पुराना वीडियो अब तमिलनाडु के नाम पर वायरल

विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। 2022 में कोलकाता के एक कारोबारी के घर पर पड़े ईडी के छापे और बरामद हुए रुपये के वीडियो को विधानसभा चुनाव के बीच तमिलनाडु से जोड़ते हुए गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Apr 22, 2026 at 05:59 PM
  • Updated: Apr 22, 2026 at 06:04 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें बड़ी संख्या में रुपये के बंडलों को देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ये रुपये तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के करीबी रितीश आकाश के गोदाम पर छापे के दौरान मिले।

विश्वास न्यूज ने विस्‍तार से वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। इससे पहले यही वीडियो गुजरात में आम आदमी पार्टी के नेता और पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के नाम पर भी वायरल हो चुका है। इन भ्रामक दावों की विश्वास न्‍यूज जांच कर चुका है। दरअसल, असली वीडियो कोलकाता के एक कारोबारी के घर पर पड़े ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के छापे के दौरान का है। इस पुराने वीडियो को हर बार अलग-अलग दावे के साथ वायरल किया जाता है।

क्या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘उमरगा तालुका’ ने 21 अप्रैल 2026 को एक वीडियो पोस्‍ट करते हुए दावा किया, “तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के करीबी रितीश आकाश के गोदाम पर छापा तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और जांच एजेंसियों ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे और राज्य के उपमुख्यमंत्री (DCM) उदयनिधि स्टालिन के करीबी दोस्त माने जाने वाले रितीश आकाश (Rithish Akash) के गोदाम और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की है। यह इन्वेस्टिगेशन मुख्य रूप से कथित TASMAC (शराब बिक्री) घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग (वित्तीय अनियमितताओं) के मामले से जुड़ी बताई जा रही है। जांच अधिकारियों ने गोदाम से कई अहम वित्तीय दस्तावेज और सबूत इकट्ठा किए हैं। इस छापेमारी के बाद से विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है और जांच एजेंसी अब इस मामले से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है।”

कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज पहले भी कई बार इस वायरल वीडियो की जांच कर चुका है। वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च करने पर हमें ‘ANI Digital’ के आधिकारिक एक्‍स हैंडल पर असली वीडियो मिला। इसे 11 सितंबर 2022 को पोस्‍ट किया गया था। वीडियो के साथ बताया गया कि यह कोलकाता में एक कारोबारी के घर पर पड़े ईडी के छापे का है। इस कारोबारी से 17 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। सभी नोटों को गिनने में 16 घंटे लगे और आठ मशीनों की मदद लेनी पड़ी थी।

जांच के दौरान ‘इकोनॉमिक्स टाइम्‍स’ पर एक खबर मिली। 10 सितंबर 2022 की इस खबर में बताया गया कि मोबाइल गेमिंग एप्लिकेशंस से जुड़ी जांच के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता के एक कारोबारी के घर छापा मारा था। जांच में पता चला कि 2022 में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत कोलकाता में कुल छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। वायरल वीडियो उसी दौरान का है।

विश्वासविश्‍वास न्‍यूज ने पिछली जांच के दौरान दैनिक जागरण, कोलकाता के ब्यूरो चीफ जे के वाजपेयी से बात की थी। उन्‍होंने भी पुष्टि करते हुए बताया था कि वायरल वीडियो कोलकाता के कारोबारी के घर पर पड़े ईडी के छापे से संबंधित है।

पिछली पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है।

गौरतलब है कि मई 2025 में तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के करीबी सहयोगियों, रतीश वेलू और फिल्म निर्माता आकाश भास्करन के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कथित शराब घोटाले की जांच के तहत छापेमारी की गई थी।

हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग ने बताया कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में उसकी ज़ब्ती 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल ₹472.89 करोड़ और तमिलनाडु में ₹599.24 करोड़ नकद, शराब, कीमती धातुओं, ड्रग्स और मुफ्त उपहारों के रूप में जब्त किए गए।

क्‍या है संदर्भ?

असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की घोषणा 15 मार्च 2026 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया था। असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, असम में 85.38 फीसदी, पुडुचेरी में 89.83 फीसदी और केरल में 78.03 फीसदी तक मतदान दर्ज किए गए हैं।

जांच के अंत में फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। ‘उमरगा तालुका’ नाम के इस फेसबुक अकाउंट को 10 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

विश्वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। 2022 में कोलकाता के एक कारोबारी के घर पर पड़े ईडी के छापे और बरामद हुए रुपये के वीडियो को विधानसभा चुनाव के बीच तमिलनाडु से जोड़ते हुए गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

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