Fact Check : ‘लाड़ली बहना स्कूटी योजना 2025’ जैसी कोई स्कीम नहीं, वायरल लिंक फर्जी
‘लाड़ली बहना स्कूटी योजना 2025’ के नाम से वायरल लिंक फर्जी है। केंद्र सरकार की तरफ से इस तरह की कोई योजना नहीं चलाई जा रही है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Apr 18, 2025 at 05:05 PM
- Updated: Aug 22, 2025 at 06:25 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर ‘लाड़ली बहना स्कूटी योजना 2025’ के नाम से एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में एक लिंक को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सरकार लाड़ली बहना स्कूटी योजना के तहत लड़कियों को फ्री स्कूटी दे रही है। लिंक पर क्लिक कर इसके लिए आवेदन किया जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। केंद्र सरकार की तरफ से इस तरह की कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। वायरल पोस्ट में मौजूद लिंक सरकारी पोस्ट नाम की एक वेबसाइट का है, जो इसी तरह की फर्जी जानकारी को प्रकाशित करती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किसी भी वायरल लिंक पर क्लिक करना और निजी जानकारी को शेयर करना आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘गवर्नमेंट जॉब अपटेड’ ने 16 अप्रैल 2025 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “बहनों को मिलेगा मुफ्त स्कूटी का तोहफा!..जल्दी करें आवेदन।” पोस्ट पर लिखा हुआ है, “लाड्ली बहना स्कूटी योजना 2025…बहनों को मुपत स्कूटी दी जाएगी ताकि वे पढ़ार्ड और नोकरो कर से..आवश्यक दसतोज; जनर प्रम्मण पत्र, आवार वाडें, मेक विवश्ण…जिन माडिलाओं की उम्र 18 से 40 तक हे उनको इस योजना के तहत मिलेमे।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
अन्य पोस्ट को यहां पर देखा जा सकता है।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च की। हमें दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली। हालांकि जनसत्ता की वेबसाइट पर 16 अप्रैल 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना नामक स्कीम चलाती है। इस योजना के तहत सरकार 21 साल से लेकर 60 साल से कम उम्र की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्रति माह 1250 रुपये आर्थिक मदद के तौर पर देती है।

गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमने पाया कि फ्री स्कूटी योजना के नाम पर फर्जी वेबसाइट मौजूद हैं, इस तरह के दावे करती हैं और उनसे उनकी निजी जानकारियां मांग कर यूजर का डेटा चोरी करती हैं।

हमने जांच को आगे बढ़ाते हुए यूआरएल पर गौर किया। हमने पाया कि यूआरएल पर सरकारी पोस्ट डॉट इन लिखा हुआ है, जबकि भारत में सरकारी वेबसाइट के यूआरएल के अंत में gov.in और nic.in लिखा होता है।
वायरल लिंक के बारे में जानने के लिए हमने हमारे सिस्टम में मौजूद सेफ्टी डिवाइस की मदद से उस पर क्लिक किया। हमने पाया कि वेबसाइट पर इसी तरह की फर्जी रिपोर्ट्स को प्रकाशित किया जाता है। साथ ही आवेदन करने के नाम पर एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कहा जाता है।

केंद्र सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी नेशनल पोर्टल India.gov.in पर उपलब्ध होती है। यहां से केंद्र सरकार की किसी भी योजना से जुड़ी सभी जानकारी ली जा सकती है। यहां पर हमने संभावित कीवर्ड के साथ इस योजना के बारे में सर्च किया, लेकिन हमें कोई जानकारी नहीं मिली।
सरकार की माई स्कीम की वेबसाइट पर सर्च करने पर हमने पाया कि लाड़ली बहना योजना स्कूटी 2025 के नाम से कोई स्कीम नहीं है। हालांकि, राजस्थान में काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और त्रिपुरा में मुख्यमंत्री कोन्या आत्मनिर्भर योजना जैसी स्कूटी से जुड़ी योजनाएं चलती हैं।

यूपी तक की वेबसाइट पर 20 फरवरी 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट 2025 में मेधावी छात्राओं के साल 2022 में शुरू हुई रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को बढ़ावा देने का फैसला किया है। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के लिए इस योजना को शुरू किया। यह योजना उन छात्राओं के लिए है, जो कि शिक्षा में काफी अच्छी है, आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आगे पढ़ना चाहती हैं।
हमारी जांच से यह साफ होता है कि ‘लाड़ली बहना स्कूटी योजना 2025’ जैसी कोई स्कीम नहीं है और ना ही केंद्र सरकार इस तरह की कोई योजना चला रही है। वायरल पोस्ट में दिया गया लिंक फिशिंग लिंक है। हालांकि, कई राज्य स्तर पर मिलती-जुलती कुछ योजनाएं मौजूद हैं।
अधिक जानकारी के लिए हमने साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि हैकर्स लोगों को ठगने या उनका डेटा चोरी करने के लिए अक्सर सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के नाम का इस्तेमाल करते हैं, ताकि लोग जल्दी यकीन कर सकें। या फिर वो सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से मिलती-जुलती योजना के नाम से एक फर्जी योजना बनाते हैं, ताकि लोग आसानी से भरोसा कर अपने डेटा शेयर कर दें। कई बार इस तरह के लिंक क्लिकबेट भी होते हैं, जिससे वेबसाइट पर व्यूज और लाइक आ सके और वो मोनेटाइजेशन के जरिए पैसे कमा सकें।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ‘लाड़ली बहना स्कूटी योजना 2025’ के नाम से वायरल लिंक फर्जी है। केंद्र सरकार की तरफ से इस तरह की कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। वायरल लिंक सरकारी पोस्ट नाम की एक वेबसाइट का है, जो इसी तरह की फर्जी जानकारी को प्रकाशित करती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किसी भी वायरल लिंक पर क्लिक करना और निजी जानकारी को शेयर करना आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। इस तरह की वेबसाइट अक्सर यूजर की निजी जानकारी को चुराती हैं। या फिर व्यूज और लाइक पाने के लिए गलत तरह की रिपोर्ट्स को प्रकाशित करती हैं।
- Claim Review : ‘लाड़ली बहना स्कूटी योजना 2025 का लिंक।
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