Fact Check: छठ के मौके पर सरकार नहीं दे रही मुफ्त स्प्लेंडर बाइक, वायरल दावा गलत
विश्वास ने अपनी पड़ताल में पाया कि मुफ्त स्प्लेंडर बाइक दिए जाने का वायरल दावा गलत है। यह वीडियो एडिटेड है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑडियो को बदलकर यह फर्जी दावा किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से छठ के मौके पर मुफ्त स्प्लेंडर बाइक देने का कोई एलान नहीं किया गया है। वायरल पोस्ट के साथ शेयर किया जा रहा लिंक फर्जी है और ऐसे लिंक पर क्लिक करना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यह वित्तीय धोखाधड़ी का कारण बन सकता है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Oct 27, 2025 at 02:50 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर से बोलते सुना जा सकता है कि छठ के मौके पर सरकार सभी को स्प्लेंडर बाइक मुफ्त दे रही है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि वीडियो को शेयर करने वाले पेज के बायो में दिए गए लिंक पर क्लिक करने पर इसके लिए रजिस्टर किया जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो एडिटेड है जहां प्रधानमंत्री मोदी के ऑडियो को बदल दिया गया है। असल में एक फर्जी वेबसाइट के लिंक को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से इस तरह का कोई एलान नहीं किया गया है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘bhartisarkari7’ ने 27 अक्टूबर को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “छठ पूजा पर विशेष ऑफर, मुफ्त बाइक” वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर से बोलते सुना जा सकता है कि छठ के मौके पर सरकार सभी को स्प्लेंडर बाइक मुफ्त दे रही है।
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने पोस्ट में इस्तेमाल वीडियो को ठीक से देखा। यहां प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो और ऑडियो में कोई तालमेल नहीं नजर आता। हमें शक हुआ कि ऑडियो ऊपर से जोड़ा गया हो सकता है।
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह असली वीडियो पीएमओ इंडिया के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर 24 फरवरी 2019 को अपलोड मिला। यहां दी गयी जानकारी के अनुसार, वीडियो गोरखपुर का है, जब प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लॉन्च किया था। पूरा वीडियो सुनने पर हमें कहीं भी फ्री बाइक बांटे जाने का कोई जिक्र नहीं मिला।
इसके बाद हमने सरकारी स्कीम्स पर भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट myscheme.gov.in पर जाकर इस बारे में सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।
अधिक जानकारी और वायरल पोस्ट में दिए गए लिंक की जांच के लिए हमने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और राजस्थान सरकार के पूर्व आईटी कंसल्टेंट आयुष भारद्वाज से संपर्क किया। लिंक की जांच करने के बाद उन्होंने बताया, “लिंक को क्लिक करने पर मुफ्त बाइक के लिए रजिस्ट्रेशन करने को कहा जाता है, जहां आपका नाम और मोबाइल नंबर माँगा जाता है। ऐसे असुरक्षित लिंक्स पर क्लिक करने से न सिर्फ आपके डेटा को चुराया जा सकता है, बल्कि आपके डिवाइस, खास तौर पर फ़ोन को क्लोन भी किया जा सकता है। जिससे आपके साथ फाइनेंशियल फ्रॉड भी आसानी से हो सकता है। ऐसे लिंक्स पर क्लिक करने से बचना चाहिए।”
एआई डिटेक्शन टूल्स ने ऑडियो के एआई निर्मित होने की पुष्टि नहीं की।
एडिटिंग एक्सपर्ट अरुण कुमार ने आशंका जताई कि ऑडियो में ठहराव और लय को देखते हुए यह किसी मिमिक्री आर्टिस्ट की आवाज़ लगती है।
हालांकि, विश्वास न्यूज स्वतंत्र रूप से वीडियो में इस्तेमाल आवाज के सोर्स का सत्यापन नहीं करता, मगर यह बात तय है कि ऑडियो पोस्ट में इस्तेमाल किये गए वीडियो का नहीं है।
अंत में हमने पोस्ट को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर bhartisarkari7 को 72 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास ने अपनी पड़ताल में पाया कि मुफ्त स्प्लेंडर बाइक दिए जाने का वायरल दावा गलत है। यह वीडियो एडिटेड है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑडियो को बदलकर यह फर्जी दावा किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से छठ के मौके पर मुफ्त स्प्लेंडर बाइक देने का कोई एलान नहीं किया गया है। वायरल पोस्ट के साथ शेयर किया जा रहा लिंक फर्जी है और ऐसे लिंक पर क्लिक करना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि यह वित्तीय धोखाधड़ी का कारण बन सकता है।
- Claim Review : छठ के मौके पर सरकार दे रही मुफ्त स्प्लेंडर बाइक
- Claimed By : Instagram user ‘bhartisarkari7
- Fact Check : झूठ
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