Fact Check: पीएम श्रम योगी मानधन योजना के नाम से वायरल वेबसाइट फर्जी, ना करें क्लिक
श्रम योगी मानधन योजना के नाम से वायरल लिंक को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल पोस्ट में मौजूद लिंक फेक वेबसाइट का है और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए शेयर किया जा रहा है। श्रम योगी मानधन योजना असल में अअसंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक पेंशन स्कीम है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jul 8, 2025 at 06:12 PM
- Updated: Jul 8, 2025 at 06:15 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक लिंक को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सरकार की तरफ से 18 से 50 वर्ष के लोगों को श्रम योगी मानधन योजना के तहत दो हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। पोस्ट में पैसों को खाते में पाने के लिए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल पोस्ट में मौजूद लिंक फेक वेबसाइट का है और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए शेयर किया जा रहा है। श्रम योगी मानधन योजना असल में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक पेंशन स्कीम है। इसका लाभ सरकार 60 वर्ष की आयु के बाद देती है और पहले लाभार्थी को कुछ पैसे जमा करने पड़ते हैं।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Indi 5000’ ने 5 जुलाई 2025 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “श्रम योगी मानधन योजना: वित्तीय सहायता ₹2000 जमा।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने लिंक पर क्लिक किया। हमने पाया कि इसका यूआरएल समर24कूल डॉट स्टोर है। अगर यह केंद्र सरकार की योजना होती तो यूआरएल डॉट जीओवी डॉट इन, एनआईसी डॉट इन या डॉट इन होता। इससे हमें यह पोस्ट संदिग्ध लगी। जब हमने असली वेबसाइट चेक की तो पाया कि असली वेबसाइट का यूआरएल मानधन डॉट इन हैं।

लिंक पर क्लिक करने पर हमारे सामने जो वेबसाइट खुलकर आई उस पर प्रधानमंत्री अनुदान योजना लिखा हुआ है। साथ ही कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री अनुदान योजना के तहत सभी नागरिक को मुफ्त में पांच हजार रुपये दिये जा रहे हैं। नीचे दिये गये स्क्रैच कार्ड पर क्लिक कर पैसों को अपने खाते में प्राप्त करें।

श्रम योगी मानधन योजना की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, “प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन एक सरकारी योजना है, जिसका उद्देश्य असंगठित श्रमिकों (यूडब्ल्यू) को वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इस योजना के तहत लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु के बाद हर महीने 3000 रुपये की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन दी जायेगी। यह स्कीम 18 से 40 वर्ष की आयु के लोगों के लिये है। आवेदकों को इस योजना का लाभ पाने के लिए 60 वर्ष की आयु तक 55 रुपये से 200 रुपये प्रति माह का मासिक अंशदान करना होगा।

अधिक जानकारी के लिए हमने पूर्व आईपीएस एवं साइबर एक्सपर्ट त्रिवेणी सिंह से संपर्क किया। उनका कहना है, “लोगों के साथ ठगी करने के लिए हैकर्स सरकार के नाम पर इस तरह की नकली वेबसाइट बनाते हैं। हमें किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और हमेशा सरकार की सही वेबसाइट पर दी गई जानकारी का ही भरोसा करना चाहिये।”
अंत में हमने वायरल लिंक को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर ने अपने पेज को गेम पेज बताया है। यूजर को दो सौ से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि श्रम योगी मानधन योजना के नाम से वायरल लिंक को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल पोस्ट में मौजूद लिंक फेक वेबसाइट का है और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए शेयर किया जा रहा है। श्रम योगी मानधन योजना असल में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक पेंशन स्कीम है।
- Claim Review : लिंक पर क्लिक करने पर श्रम योगी मानधन योजना के तहत मिलेगें दो हजार रुपये।
- Claimed By : FB User Indi 5000
- Fact Check : झूठ
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