Fact Check: खुद को सैल्यूट करने के लिए कहता शख्स फर्जी आईपीएस अधिकारी, वायरल दावा फेक
सैल्यूट करने से मना करती यूपी पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। दरअसल, वीडियो में दिख रहा एक शख्स खुद को IPS अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमा रहा था और दुकानदार से बहस कर रहा था। इस व्यक्ति का असली नाम मिथिलेश शुक्ला है और वह लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jun 16, 2026 at 05:48 PM
- Updated: Jun 17, 2026 at 05:23 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पुलिस से बहस करते एक शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शख्स खुद को उत्तर प्रदेश के नोएडा का आईपीएस बता रहा है और वहां मौजूद पुलिसवालों से खुद को सैल्यूट करने के लिए कह रहा है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह लखनऊ का है। नोएडा के आईपीएस अधिकारी अपनी प्राइवेट कार से सिविल ड्रेस में लखनऊ पहुंचे थे। उन्होंने जब एक सिपाही को सैल्यूट करने के लिए कहा, तो सिपाही ने ऐसा करने से मना कर दिया क्योंकि वह तथाकथित आईपीएस आधिकारिक गाड़ी और ड्रेस में नहीं थे। यूपी पुलिस की तारीफ करते हुए इस वीडियो को शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया। असल में वायरल वीडियो में नजर आ रहा शख्स फर्जी IPS अधिकारी है। दरअसल, यह शख्स खुद को IPS अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमा रहा था और दुकानदार से बहस कर रहा था। इस व्यक्ति का असली नाम ‘मिथिलेश शुक्ला’ है और वह लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘रमाकांत शुक्ला’ ने 16 जून 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “सिपाही में IPS को रोकने का साहस तभी आता है ,जब CM योगी हो नोएडा के एक IPS अपनी प्राइवेट कार से लखनऊ पहुंचे थे .. चेकिंग के दौरान पुलिस ने गाड़ी रोक ली ..गाड़ी से उतरते ही बोले— “तुम मुझे जानते नहीं हो क्या? मैं नोएडा का IPS अधिकारी हूँ , मुझे रोका कैसे ..?” सिपाही ने कहा –“सिविल ड्रेस में किसी को सलाम नहीं करते, पहले गाड़ी की चेकिंग कराइए” योगी जी की इसी पुलिस व्यवस्था फैन हूँ।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘एनडीटीवी’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 16 जून 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में नजर आ रहा शख्स असली नहीं, बल्कि एक फेक आईपीएस अधिकारी था। दरअसल, लखनऊ में एक युवक ने चाय की दुकान से 40 रुपये का बन का पैकेट लिया था और पैसे नहीं दिए थे। दुकानदार के पैसे मांगने पर वह खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताने लगा और दुकानदार से बहस करने लगा। मौके पर पुलिस के आने पर वह उन्हें खुद को सैल्यूट करने के लिए कहने लगा।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक अन्य न्यूज रिपोर्ट ‘यूपी तक’ की वेबसाइट पर भी मिली। इस रिपोर्ट को 16 जून 2026 को प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, महानगर क्षेत्र के गोल मार्केट चौराहे पर पुलिस की नियमित चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर एक स्थानीय दुकानदारों से विवाद कर रहा है और उन पर धौंस जमा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की। हंगामा कर रहे शख्स ने खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताते हुए पुलिसकर्मियों को सैल्यूट करने के लिए कहा। पुलिसकर्मियों के सैल्यूट करने से मना करने पर वह उन्हें निलंबित कराने की धमकी देने लगा। जब पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंची और पूछताछ की, तब सच्चाई सामने आई। इस व्यक्ति की पहचान 40 वर्षीय मिथिलेश शुक्ला के रूप में हुई, जो लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र का निवासी है।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट लखनऊ पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी मिली। लखनऊ पुलिस ने ‘IndiaNewsUP_UK’ नाम के एक एक्स यूजर को रिप्लाई करते हुए लिखा, “प्रकरण के सम्बन्ध में थाना महानगर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत है। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।”
अधिक जानकारी के लिए हमने महानगर थाने के एसएचओ एके मिश्रा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो में नजर आ रहे शख्स का नाम मिथिलेश शुक्ला है और वह लखनऊ में ही रहता है। वह खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताकर जालसाजी कर रहा था।
क्या है संदर्भ?
फर्जी अधिकारी बनकर रौब जमाने के पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से भी इस तरह का एक मामला सामने आया है। जहां पर 21 वर्षीय एक युवक आर्यन वर्मा सेना का फर्जी ब्रिगेडियर बनकर और वर्दी पहनकर घूम रहा था। पूरी रिपोर्ट को यहं पर देखा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को करीब सात हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को यूपी का निवासी बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सैल्यूट करने से मना करती यूपी पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। दरअसल, वीडियो में दिख रहा एक शख्स खुद को IPS अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमा रहा था और दुकानदार से बहस कर रहा था। इस व्यक्ति का असली नाम मिथिलेश शुक्ला है और वह लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
- Claim Review : लखनऊ में सादे कपड़ों में मौजूद IPS अधिकारी को पुलिसकर्मियों ने सैल्यूट करने से मना कर दिया।
- Claimed By : FB User रमाकांत शुक्ला
- Fact Check : झूठ
- News Report by NDTV, Published on 16 June 2026
- News Report by UP Tak, Published on 16 June 2026
- X post by Lucknow Police, Posted on 16 June 2026
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