Fact Check : पकड़ौआ विवाह का नहीं, फिल्म की शूटिंग का है यह वायरल वीडियो
'पकड़ौआ बियाह' के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एक फिल्म की शूटिंग का है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Jun 7, 2025 at 03:14 PM
- Updated: Jun 7, 2025 at 03:21 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर बंदूक की नोक पर एक शख्स को पकड़कर ले जाते हुए कुछ लोगों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह बिहार के बेगूसराय में हुई घटना का है। वहां पर एक सरकारी स्कूल टीचर को जबरदस्ती बंदूक की नोक पर शादी करने के लिए ले जाया गया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एक फिल्म की शूटिंग का है। फिल्मी कलाकारों के वीडियो को अब यूजर्स असली घटना का समझकर वायरल कर रहे हैं।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘सुधीर कुमार’ ने 6 जून 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “बेगूसराय के एक सरकारी स्कूल टीचर को बंदूक की नोक पर..पकड़वा कर शादी करवाने के लिए ले जया गया ?? अब इसमे लड़के को क्या करना चाहिए .. कुछ लोग लड़की के साथ सहानभूति रखेगे ?? मैं नहीं और आप??”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें असली वीडियो rajanrddfilms नामक एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 12 मार्च 2025 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो ‘पकड़ौआ बियाह’ मुद्दे से जुड़ी एक फिल्म की शूटिंग का है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने इस वीडियो को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर rajanrddfilms के अकाउंट को खंगालना शुरू किया। हमने पाया कि यूजर ने बायो में खुद को फिल्म मेकर, एक्टर और डांसर बताया हुआ है। यूजर के अकाउंट को खंगालने पर हमने पाया कि यूजर इसी तरह के एंटरटेनमेंट से जुड़े वीडियो बनाता है।

जांच के दौरान हमें वायरल दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट टीवी9 भारतवर्ष की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 23 मार्च 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो तेघड़ा अनुमंडल के दुलारपुर मठ मध्य विद्यालय में हुई शूटिंग का है। शूटिंग का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया था। बच्चों के सामने इस तरह से शूटिंग किये जाने को लकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाये थे। फिर विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया था कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी और रविवार के दिन इस फिल्म की शूटिंग की गई थी।
जी बिहार झारखंड के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट मिली। पोस्ट को 22 मार्च 2025 को किया गया था। पोस्ट के मुताबिक, मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी राजदेव राम ने मामले के जांच के आदेश दिये थे।
अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण बेगूसराय के ब्यूरो चीफ रूपेश कुमार से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यहां इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। यह वीडियो फिल्म से जुड़ी एक शूटिंग का है। भगवानपुर प्रखंड में स्कूल में शूटिंग हुई थी।
प्रभात खबर की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, 90 के दशक में बिहार में लोगों को पकड़कर जबरन उनकी शादी (पकड़ौआ बियाह) करवा दी जाती थी। लोगों में जागरुकता बढ़ने के बाद इस कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठाई गई और इसे रोका गया। धीरे-धीरे कर ये मामले कम होने लगे। लेकिन अभी भी बिहार में कई ऐसी जगह हैं, जहां से ऐसे मामले सामने आते रहते हैं।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर दिसंबर 2014 से फेसबुक पर एक्टिव है। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को पटना का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि ‘पकड़ौआ बियाह’ के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एक फिल्म की शूटिंग का है।
- Claim Review : बेगूसराय में पकड़ौआ विवाह के लिए एक सरकारी स्कूल के टीचर को पकड़कर ले जाया गया।
- Claimed By : FB User Sudhir Kumar
- Fact Check : झूठ
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