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Fact Check: श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले में आरोपियों को फांसी देने का नहीं है यह वीडियो

मुहर्रम के मौके पर निकाले गए जुलूस के वीडियो को श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले से जोड़कर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। असल में वायरल वीडियो का उस घटना से कोई संबंध नहीं है। वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मुहर्रम के मौके पर निकाले गए एक जुलूस में करतब दिखा रहे लोगों का है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की एक नाबालिग के साथ हुई कथित रेप की घटना से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग रस्सी से बंधे हुए हैं और वे जेसीबी मशीन पर लटके हुए हैं। उनके शरीर सफेद कपड़ों से ढके हुए हैं और उन पर लाल रंग जैसा कुछ लगा हुआ है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये लोग श्रीगंगानगर में हुई दुष्कर्म की घटना के आरोपी हैं और गुस्साए लोगों ने सार्वजनिक रूप से इन्हें फांसी पर लटकाकर सजा दी है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वीडियो का श्रीगंगानगर की घटना से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मुहर्रम के मौके पर निकाले गए एक जुलूस में करतब दिखाते लोगों का है, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

क्या हो रहा वायरल?  

फेसबुक यूजर ‘Prime Press’ ने 10  जुलाई 2026 को वायरल वीडियो को शेयर किया और कैप्शन में लिखा, “श्रीगंगानगर से दिल दहला देने वाली घटना राजस्थान के श्रीगंगानगर से सामने आई यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कक्षा 8वीं में पढ़ने वाली 13 वर्षीय बच्ची के कथित अपहरण और उसके साथ कई दिनों तक अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। दुखद रूप से बच्ची की मृत्यु हो चुकी है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।  हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत बच्ची की आत्मा को शांति प्रदान करें और उसके परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।  हमारी मांग है कि ऐसे जघन्य अपराधों के दोषियों को शीघ्र और कठोरतम कानूनी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी मासूम इस तरह की हैवानियत का शिकार न बने।  सभी से विनम्र अपील है कि पीड़िता की पहचान उजागर न करें और किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें।  इस वीडियो का उद्देश्य केवल जन-जागरूकता फैलाना और समाचार की जानकारी देना है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की नफरत फैलाना या न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करना नहीं है। यदि आपको यह वीडियो जानकारीपूर्ण लगे, तो कृपया Like, Share और Subscribe करें ताकि आपको ऐसी ही ताज़ा और विश्वसनीय खबरें मिलती रहें।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘@royal_jassi_02’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर शेयर किया हुआ मिला। इस वीडियो को 27 जून 2026 को शेयर करते हुए मुहर्रम का बताया गया था। 

https://www.youtube.com/shorts/8C0nZCCCpXQ

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट ‘Glorixmedia Glorixmedia’ नाम के फेसबुक यूजर की प्रोफाइल पर मिली। पोस्ट को 11 जुलाई 2026 को शेयर किया गया था। इसके मुताबिक, वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के शाहपुर-रामपुर इलाके का है, जहां मुहर्रम के जुलूस के दौरान ‘अब्बासी अखाड़े’ ने एक पारंपरिक धार्मिक झांकी निकाली थी। वीडियो में कुछ लोगों को अब्बासी अखाड़े की टी-शर्ट पहने हुए भी देखा जा सकता है।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक वीडियो रिपोर्ट ‘ABHAYANK SAMACHAR NEWS NETWORK’ नाम के यूट्यूब चैनल पर मिली। वीडियो को 28 जून 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के चण्डौस कस्बे का है। दरअसल, मुहर्रम के मौके पर चण्डौस कस्बे में जुलूस निकाला गया था। यह वीडियो उसी दौरान का है। वीडियो में 3:41 मिनट से देखा जा सकता है कि कुछ लोगों को पहले सफेद कपड़े में लपेटा जाता है और फिर उन्हें ऊपर लटकाया जाता है। रिपोर्ट में कुछ अन्य अखाड़ों की ओर से किए गए करतब के वीडियो भी मौजूद हैं। 

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल मैप्स पर चण्डौस कस्बे के बारे में सर्च किया। हमें गलियों की हूबहू तस्वीरें मिलीं। 

अधिक जानकारी के लिए हमने राजस्थान के स्वतंत्र पत्रकार संतोष पांडे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले का नहीं है।

क्या है संदर्भ?

राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म का संवेदनशील मामला सामने आया है। न्यूज रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता अपनी एक दोस्त से मिलने के लिए श्रीविजयनगर गई हुई थी। फिर एक ई-रिक्शा चालक ने नाबालिग को बहलाकर उसे घर छोड़ने का भरोसा दिलाया, लेकिन आरोपी ने लड़की को बेच दिया। चार होटलों में पीड़िता के साथ 32 लोगों ने कई दिनों तक कथित तौर पर दुष्कर्म किया और उसे जबरन शराब भी पिलाई गई। पुलिस और जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीन होटलों को ध्वस्त कर दिया है। अभी तक इस मामले में कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी रिपोर्ट को यहांयहां और यहां पढ़ा जा सकता है। 

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को लगभग 14 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को हिमाचल प्रदेश का रहने वाला बताया है। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि मुहर्रम के मौके पर निकाले गए जुलूस के वीडियो को श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले से जोड़कर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। असल में वायरल वीडियो का उस घटना से कोई संबंध नहीं है। वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मुहर्रम के मौके पर निकाले गए एक जुलूस में करतब दिखा रहे लोगों का है।

  • Claim Review : श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले के आरोपियों को सजा देने का वीडियो।
  • Claimed By : FB User Prime Press
  • Fact Check : झूठ

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