Fact Check : लोहे की रेलिंग पर बैठे शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती की पुरानी तस्वीर महाकुंभ की बताकर शेयर
शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती की कई साल पुरानी तस्वीर को इस बार के महाकुंभ का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Feb 7, 2025 at 03:53 PM
नई दिल्ली (Vishvas News)। जगन्नाथपुरी गोवर्धनमठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती की एक तस्वीर इनदिनों खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर में उन्हें रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लोहे की रेलिंग पर बैठा हुआ देखा जा सकता है।
सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर इस तस्वीर को वायरल करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह तस्वीर प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती की है।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। पता चला कि वायरल पोस्ट भ्रामक है। शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती की कई साल पुरानी तस्वीर को इस बार के महाकुंभ का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर काजल अंशु शुक्ला ने 7 फरवरी को एक तस्वीर को अपलोड करते हुए दावा किया, “प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी…संतों का जीवन ये होता है… अमेरिकन स्पेस एजेंसी तक इनसे सलाह लेती हैं। वेदिक गणित का इनसे बेहतर ज्ञाता फ़िलहाल कोई नज़र नहीं आता। सादा जीवन जीते हैं, धर्म और समाज के लिए काम करते हैं। नमन।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। वायरल पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले यांडेक्स टूल का इस्तेमाल किया। वायरल फोटो को यहां सर्च करने पर हमें एक एक्स हैंडल पर यह तस्वीर मिली। 21 अप्रैल 2021 की एक पोस्ट में इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था।
इस पोस्ट से यह साबित हो गया कि प्रयागराज रेलवे स्टेशन के नाम पर वायरल तस्वीर महाकुंभ मेले के शुरू होने से काफी पहले से इंटरनेट पर मौजूद है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल लेंस टूल का इस्तेमाल किया। हमें 7 मई 2016 को एक वेबसाइट पर एक खबर मिली। इस खबर में बताया गया, “उज्जैन – बुधवार दोपहर २.३० बजे सर्वोच्च हिन्दू धर्म गुरु व् जगन्नाथपुरी गोवर्धनमठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती सिंहस्थ के लिए उज्जैन पहुंचे। एक तो पहले ही ट्रेन देर होने से वे दो घंटे देरी से पहुंचे और ट्रेन से उतरने के बाद प्रशासन द्वारा अव्यवस्था के चलते उन्हें व्हीलचेयर आने की प्रतीक्षा में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर ४ पर लोहे की रेलिंग पर बैठना पडा। इतना ही नहीं, अपितु प्रशासन से उनके स्वागत के लिए भी कोई नहीं पहुंचा।”

अब हमें यह जानना था कि शंकराचार्य प्रयागराज कब पहुंचे थे। गूगल ओपन सर्च टूल में कीवर्ड से सर्च करने पर हमें हिंदुस्तान की वेबसाइट पर एक खबर मिली। 16 जनवरी 2025 को पब्लिश इस खबर में बताया गया कि पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाकुंभ क्षेत्र संगम लोअर मार्ग सेक्टर 19 मोरी मार्ग चौराहा स्थित शिविर पहुंचे। वे हावड़ा से नेताजी एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज जंक्शन पहुंचे । स्टेशन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, प्रयागराज के संपादकीय प्रभारी राकेश पांडेय से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने बताया कि वायरल तस्वीर काफी पुरानी है। यह प्रयागराज की नहीं है।
विश्वास न्यूज स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि वायरल तस्वीर कितनी पुरानी और कहां की है। लेकिन यह कन्फर्म है कि इस तस्वीर का प्रयागराज के महाकुंभ से कोई संबंध नहीं है।
पड़ताल के अंतिम चरण में काजल अंशु शुक्ला नाम के फेसबुक पेज की जांच की गई। पता चला कि यूजर कानपुर की रहने वाली है। इसे 11 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फेक साबित हुई। पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती की पुरानी तस्वीर को महाकुंभ से जोड़ते हुए वायरल किया जा रहा है। यह तस्वीर कई सालों से इंटरनेट पर मौजूद है। हमारी जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई।
- Claim Review : प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी
- Claimed By : FB User Kajal Anshu Shukla
- Fact Check : झूठ
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